पिंक बॉल टेस्ट में पहली पारी में 7वें ओवर में ही मिला स्पिनर को विकेट, चल गया फिरकी का जादू

अहमदाबाद टेस्ट में इंग्लैंड सिर्फ एक स्पिनर के साथ उतरा है, पिच को देखतेे हुए उसका ये फैसला गलत साबित हो सकता है.

अहमदाबाद टेस्ट में इंग्लैंड सिर्फ एक स्पिनर के साथ उतरा है, पिच को देखतेे हुए उसका ये फैसला गलत साबित हो सकता है.

IND vs ENG Pink Ball Test: भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे टेस्ट मैच में तेज गेंदबाजों के चलने की उम्मीद थी, लेकिन पिच टर्न लेने वाली साबित हुई. स्पिनरों ने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को जमकर परेशान किया. इस तरह देखा जाए तो भारत के द्वारा तीन स्पिनर उतारने का फैसला सही साबित हुआ.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 24, 2021, 7:46 PM IST
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नई दिल्ली: भारत और इंग्लैंड के बीच अहमदाबाद के मोटेरा क्रिकेट स्टेडियम में ऐतिहासिक डे नाइट मैच खेला जा रहा है. डे नाइट मैच आमतौर पर तेज गेंदबाजों के लिए फायदेमंद माना जाता है. अब तक जितने भी डे नाइट टेस्ट मैच पिंक बॉल से हुए हैं, उनमें तेज गेंदबाजों का ही बोलबाला रहा है. लेकिन मोटेरा स्टेडियम में शायद ऐसा होता नहीं दिख रहा है. मोटेरा की पिच पर स्पिनर इंग्लैंड के बल्लेबाजों को जमकर परेशान कर रहे हैं. शायद पिच को भांपकर ही इंडिया ने तीन स्पिनरों को खिलाने का फैसला किया है. उसका ये फैसला सही साबित हुआ है. अक्षर पटेल को मैच के 7वें ओवर में ही विकेट मिल गया. ये पिंक बॉल टेस्ट में एक रिकॉर्ड है. अब तक हुए 16 मैचों में इतनी जल्दी पहली पारी मेंं किसी भी स्पिनर को विकेट नहीं मिला है.

मोटेरा में टॉस इंग्लैंड ने जीता और पहले बल्लेबाजी चुनी. टीम को पहली कामयाबी ईशांत शर्मा ने दिलाई. 6 ओवर खत्म होने के बाद 7वां ओवर जब अक्षर पटेल ने शुरू किया. सामने जॉन बेयरस्टॉ थे. पहली ही गेंद को बेयरस्टॉ समझ नहीं पाए और एलबीडब्ल्यू हो गए. हालांकि उन्होंने डीआरएस लिया, लेकिन इसका उन्हें फायदा नहीं हुआ और जॉनी को वापस लौटना पडा.

तीसरे टेस्ट में पहले 10 विकेट में से 9 विकेट स्पिनरों के खाते में गए हैं. सिर्फ एक विकेट ईशांत शर्मा ने लिया है. अक्षर पटेल ने 6 और अश्विन ने 3 विकेट अपने नाम किए हैं. इंग्लैंड की टीम 112 रनों पर सिमट गई.

कोलकाता टेस्ट में तब नहीं मिले थे एक भी विकेट
2019 में भारत में कोलकाता में पहला डे नाइट टेस्ट मैच हुआ था. बांग्लादेश के खिलाफ हुए इस मैच में भारत की ओर से सभी 20 विकेट तेज गेंदबाजों ने लिए थे. स्पिनर अश्विन और जडेजा को एक भी सफलता नहीं मिली थी, उस समय दोनों खाते में सिर्फ 7 ओवर आए थे.

किसके लिए बेहतर डे नाइट टेस्ट मैच

डे नाइट टेस्ट मैच होते हुए अभी बस 6 साल ही हुए हैं. इसमें अब तक 15 टेस्ट मैच हुए हैं. इन मैचों में अब तक तेज गेंदबाजों का दबदबा रहा है. इन मैचों में 24.47 की औसत से 354 विकेट तेज गेंदबाजों ने लिए हैं. वहीं स्पिनरों के खाते में 115 विकेट आए हैं. अगर कोलकाता टेस्ट की बात की जाए तो उस मैच में दोनों पारियों में सभी 20 विकेट भारत के तेज गेंदबाजों ने ही लिए. स्पिनरों आर अश्विन और रविंद्र जडेजा के हाथ में सिर्फ 7 ओवर आए. इसमें भी उन्हें कोई विकेट नहीं मिला.
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