IND vs ENG: टीम इंडिया ने दो दिन में ही इंग्लैंड को चटाई धूल, इंग्लिश टीम की हार के 5 बड़े कारण

इंग्लैंड के खिलाफ चौथा टेस्ट हारने के बाद भी भारत डब्ल्यूटीसी का फाइनल खेल सकता है.

इंग्लैंड के खिलाफ चौथा टेस्ट हारने के बाद भी भारत डब्ल्यूटीसी का फाइनल खेल सकता है.

Team India wint third Test: इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट मैच में टीम इंडिया के स्पिनर्स ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए टीम की झोली में ये रोमांचक जीत डाल दी. इंग्लैंड ने इस मैच से पहले ही कुछ गलतियां कर दीं, इसका खामियाजा उन्हें मैच में उठाना पड़ा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 25, 2021, 9:42 PM IST
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अहमदाबाद में दुनिया के सबसे बड़े स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड के बीच सिर्फ दो दिन में टेस्ट मैच खत्म हो गया. हालांकि पहले ही दिन अंदाजा हो गया था कि इस मैच का परिणाम जल्दी आएगा. लेकिन ये सब इतनी जल्दी होगा, शायद ही अंदाजा था. पहली पारी में इंग्लैंड 112 रन पर आउट हुआ तो दूसरी पारी में 81 रन पर ही ढेर हो गई. स्पिनरों के सामने इंग्लैंड के एक भी बल्लेबाज की नहीं चली. पहली पारी में भारत 145 रन पर आउट हुआ तो भारतीय फैंस के माथे पर चिंता की लकीरें थीं, लेकिन टीम इंडिया के स्पिनरों ने दूसरी पारी में इंग्लैंड को 81 रन पर समेट कर भारत की जीत की उम्मीदें बढा दीं.

दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने उतरे भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने बिना विकेट खोए 49 रन बनाकर भारत की झोली में ये जीत डाल दी. इस जीत के लिए भारत का जबर्दस्त खेल तो जिम्मेदार रहा ही, लेकिन इंग्लैंड की ओर से की गईं कुछ गलतियां भी उस पर भारी पडीं. आइए जानते हैं कि इंग्लैंड ने कौन कौन सी गलतियां की, जिससे तीसरे टेस्ट में उसे इतनी शर्मनाक हार झेलनी पड़ी.

1. सिर्फ एक स्पिनर के साथ मैच में उतरना
आम तौर पर पिंक बॉल टेस्ट को तेज गेंदबाजों के लिए माना जाता है. लेकिन इस टेस्ट ने अब इस धारणा को खत्म कर दिया है. इस मैच में 30 विकेटों में से सिर्फ 2 विकेट तेज गेंदबाजों ने लिए बाकी सभी विकेट स्पिनरों के खाते में गए. यहां तक कि भारत ने दूसरी पारी में तेज गेंदबाज को गेंद ही नहीं थमाई. इंग्लैंड इस मैच में सिर्फ एक स्पिनर के साथ उतरा था. जबकि भारत 3 स्पिनरों के साथ खेला. अगर इंग्लैंड एक और स्पेशलिस्ट स्पिनर के साथ खेलता तो मैच के परिणाम पर असर डाल सकता था.
2. मोइन अली जैसे खिलाडी को वापस भेज दिया


इंग्लैंड इस समय रोटेशन प्रणाली पर काम कर रहा है. लेकिन ये रोटेशन जरूरत से ज्यादा हो रही है. चेन्नई में दूसरे टेस्ट मैच में अच्छा प्रदर्शन करने वाले मोइन अली को वापस इंग्लैंड भेज दिया गया. वह मैच इंग्लैंड हार गया था. अहमदाबाद में बगैर पिच देखे मोइन अली को बाहर कर दिया गया. अगर मोइन अली टीम में होते, तो न सिर्फ वह विकेट लेते, बल्कि निचले क्रम पर आकर बल्लेबाजी कर मैच में रन बना सकते थे.

3. स्पिनरों को सही ढंग से न खेल पाना
अहमदाबाद की पिच स्पिनरों के लिए थी. सभी कह रहे हैं कि इस पिच पर बल्लेबाजी आसान नहीं है. लेकिन इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने कदमों का सही इस्तेमाल नहीं किया और अपने विकेट सस्ते में गंवाए. मैच में देखे जाएं तो पता चलेगा, कि जो गेंदें कम घूमी, इंग्लैंड ने उन्हीं बॉल पर अपने विकेट गंवाए. घूमनी वाली गेंद पर उन्होंने कम विकेट गंवाए.

4. भारत का स्पिन अटैक
पिंक बॉल टेस्ट में तेज गेंदबाजों का बोलबाला होता है. इसके बावजूद टीम मैनेजमेंट ने 3 स्पिनर उतारे. यहां पर पिच को लेकर उनका अनुमान सही साबित हुआ. भारत की ओर से सिर्फ एक विकेट ईशांत शर्मा ने बाकी के 19 विकेट स्पिनरों ने लिए. इस मैच की सबसे बड़ा एक्स फैक्टर अक्षर पटेल रहे. ये उनका दूसरा ही टेस्ट मैच था. हालांकि वह पहले टेस्ट में अच्छा प्रदर्शन कर चुके थे. लेकिन दूसरे ही टेस्ट में उन्हेांने अपना जादुई स्पेल डाला. खासकर दूसरी पारी में तो उन्होंने इंग्लैंड के बल्लेबाजों को संभलने का मौका ही नहीं दिया.

5. अपनी बेस्ट इलेवन को न चुनना
इस मैच को फॉलो कर रहे क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि इंग्लैंड की रोटेशन समझ से परे है. जब कोई टीम भारत खेलने आती है तो अपनी बेस्ट टीम उतारती है. लेकिन इंग्लैंड लगातार अपनी प्लेइंग इलेवन बदल रही है. वीवीएस लक्ष्मण का कहना है कि अगर आपको भारत से मुकाबला करना है तो आप इस तरह से अपनी प्लेइंग 11 नहीं बदल सकते. जब दूसरे मैच में मोइन अली अच्छा कर रहे थे, तब उन्हें तीसरे मैच से पहले इंग्लैंड भेजना कहां तक सही था.
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