भारतीय क्रिकेटरों की पत्नियों के मामले में बीसीसीआई ने कहा-इतिहास में नहीं हुआ ऐसा

बीसीसीआई के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक़, खिलाड़ियों की पत्नियों का उनके साथ यात्रा करना और नियमों का उल्लंघन करना ये दिखाता है कि बोर्ड में इस वक्त क्या स्थिति है और इन मसलों को सुलझाना कितना ज़रूरी है.

News18Hindi
Updated: July 23, 2019, 5:26 PM IST
भारतीय क्रिकेटरों की पत्नियों के मामले में बीसीसीआई ने कहा-इतिहास में नहीं हुआ ऐसा
वर्ल्ड कप के बाद से कप्तान विराट कोहली की काफी आलोचना की जा रही है. (फाइल फोटो)
News18Hindi
Updated: July 23, 2019, 5:26 PM IST
बात चाहे खिलाड़ियों की हो या कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ की, विवादों से भारतीय क्रिकेट का नाता नया नहीं है. हाल ही में रोहित शर्मा और विराट कोहली के बीच हुई अनबन की ख़बरों के बाद अब भारतीय टीम एक नए विवाद में फंसती नज़र आ रही है और ये विवाद मैदान के अंदर नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की निजी ज़िंदगी से जुड़ा हुआ है.

दरअसल, बीसीसीआई के कुछ अधिकारियों और पूर्व चीफ़ जस्टिस आर एम लोढ़ा ने कमिटी ऑफ़ एडमिनिस्ट्रेटर्स (सीओए) के उस फैसले पर नाराज़गी जताई है जिसमे सीओए ने कप्तान और कोच पर भारतीय खिलाड़ियों की पत्नियों की यात्रा का कार्यक्रम तय करने का फैसला छोड़ दिया है. अब तो ये ख़बरें भी आने लगी हैं कि टीम के एक सीनियर खिलाड़ी ने वर्ल्डकप के दौरान बीसीसीआई के "फैमिली क्लॉज" का उल्लंघन किया है.

बीसीसीआई के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक़, खिलाड़ियों की पत्नियों का उनके साथ यात्रा करना और नियमों का उल्लंघन करना ये दिखाता है कि बोर्ड में इस वक्त क्या स्थिति है और इन मसलों को सुलझाना कितना ज़रूरी है. द क्विंट में छपे एक बयान के मुताबिक़, 'जब चीज़ों को सही तरीके से मैनेज नहीं किया जाता है और प्रशासन गलत लोगों के हाथ में फैसले लेने की ताकत दे देता है, तब नतीजे काफी खतरनाक हो सकते हैं.'

cricket, indian cricket team, bcci, virat kohli, ravi shahtri, क्रिकेट, भारतीय क्रिकेट टीम, बीसीसीआई, विराट कोहली, रवि शास्‍त्री

बीसीसीआई के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ

'खिलाड़ियों की पत्नियों की यात्रा को लेकर मतभेद?' बीसीसीआई के इतिहास में ऐसा पहले कभी नहीं हुआ जहां अब हर बात पर मतभेद नज़र आते हैं और अब खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके परिवार भी इसका हिस्सा बन गए हैं.' बीसीसीआई के अधिकारी ने कहा कि आजकल हर बात पर मतभेद नज़र आते हैं और आए दिन हर कोई एक-दूसरे के खिलाफ नज़र आता है, जो दिखाता है कि इस समय बोर्ड के हालात कितने खराब हैं.

एक और अधिकारी ने कहा कि एक-दूसरे पर आरोप लगाना बंद कर सभी को नियमों का ध्यान रखना चाहिए. सारे नियम सबके लिए बराबर होने चाहिए और इन्हे निरंतर रूप से लागू करना चाहिए.
Loading...

'जब पंत मुख्य विकेटकीपर तो साहा को चुनने का क्या मतलब?'

टी20 वर्ल्ड कप तक संन्यास नहीं लेंगे एम एस धोनी, टीम इंडिया ने रोका!

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए क्रिकेट से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 23, 2019, 5:18 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...