IND vs AUS: ऑस्ट्रेलिया में फ्लॉप होने के बाद सचिन तेंदुलकर ने दी पृथ्वी शॉ को सलाह

एडिलेड टेस्ट की दोनों पारियों में पृथ्वी शॉ बोल्ड हुए (PIC: AP)

एडिलेड टेस्ट की दोनों पारियों में पृथ्वी शॉ बोल्ड हुए (PIC: AP)

अपने छोटे से करियर में पृथ्वी शॉ ने बहुत उतार-चढ़ाव देखे हैं. ऑस्ट्रेलिया में पृथ्वी न केवल बल्ले से असफल रहे बल्कि उनके हाथों से एक कैच भी छूटा. पहले टेस्ट में वह दूसरी गेंद पर शून्य पर आउट हुए और दूसरी पारी में केवल 4 रन बना पाए. उन पर इस छोटे से करियर के दौरान एक साल का प्रतिबंध भी लग चुका है.

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  • Last Updated: December 28, 2020, 10:55 AM IST
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नई दिल्ली. अपने टेस्ट डेब्यू में शतक लगाने वाले युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) दूसरे टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ प्लेइंग इलेवन से बाहर कर दिया गया है. ऑस्ट्रेलिया दौरे (India vs Australia) पर प्रैक्टिस मैचों के बाद एडिलेड में खेले गए पहले टेस्ट में फ्लॉप होने के बाद पृथ्वी शॉ मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) में खेले जा रहे बॉक्सिंग डे टेस्ट में प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने में नाकाम रहे. पृथ्वी शॉ को उन्हीं के अंडर-19 वर्ल्ड कप के साथी शुभमन गिल (Shubman Gill) ने रिप्लेस किया और मेलबर्न टेस्ट की पहली पारी में अच्छा परफॉर्म भी किया. पृथ्वी शॉ की परफॉर्मेंस को लेकर मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने उन्हें कुछ सलाह दी है.

अपने छोटे से करियर में पृथ्वी शॉ ने बहुत उतार-चढ़ाव देखे हैं. ऑस्ट्रेलिया में पृथ्वी न केवल बल्ले से असफल रहे बल्कि उनके हाथों से एक कैच भी छूटा. पहले टेस्ट में वह दूसरी गेंद पर शून्य पर आउट हुए और दूसरी पारी में केवल 4 रन बना पाए. उन पर इस छोटे से करियर के दौरान एक साल का प्रतिबंध भी लग चुका है. तब उन्हें सचिन तेंदुलकर ने अपने खेल को बेहतर बनाने की सलाह दी थी. अब एक साल बाद फिर से तेंदुलकर एडिलेड में उनकी परफॉर्मेंस को देखते हुए उन्हें सलाह दी है.

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सचिन तेंदुलकर ने पृथ्वी शॉ की दिक्कतों को पहचानते हुए कहा, ''मुझे लगता है पृथ्वी के साथ बैक लिफ्ट की समस्या है. उनके हाथ उनके शरीर से दूर एक्टिव होते हैं, ऐसे में यदि गेंद जिप्स करती है तो उन्हें दिक्कत होती है.'' तेंदुलकर ने यूट्यूब चैनल पर कहा, ''केवल इतना ही नहीं है कि गेंद अचानक अंदर आ रही है, जब कोई बल्लेबाज अच्छा नहीं खेल रहा होता (मैं शॉ की बात नहीं कर रहा) या अच्छे टच में नहीं होता, तब आपकी टाइमिंग सही नहीं होती, ऐसे में गेंद बल्ले का किनारा लेकर फील्डर के हाथों में पहुंच जाती है.''
मास्टर ब्लास्टर ने कहा कि पृथ्वी शॉ को अपने बैकलिफ्ट पर काम करना चाहिए. तेंदुलकर ने कहा, ''बैक लिफ्ट के अलावा फुटवर्क भी उनके लिए समस्या बन रहा है. दूसरी पारी में, एडिलेड में, शॉ का फ्रंट फुट हवा में था, वह शॉट के मिडिल में थे, लेकिन उनका संतुलन खराब हुआ और गेंद उनकी स्टंप्स ले उड़ी. लेकिन यहां असली मुद्दा बल्लेबाज के जेहन में होता है.''

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तेंदुलकर ने कहा, ''लोग फुटवर्क की बात करते हैं, वे गेंदबाज की बॉडी की बात नहीं करते. फुटवर्क आपके जेहन में होता, आपके मस्तिष्क में. लिहाजा यदि आप ठीक तरह से नहीं सोच रहे, तो आपके शरीर का निचला हिस्सा दिशा निर्देशों का पालन नहीं करता. जब आपके जेहन में बहुत सी चीजें चल रही होती हैं, तो आपका फुटवर्क प्रभावित होता है. और यह सब दिमाग में होता है.''

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