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IND vs BAN: ईडन गार्डन्स पर अंपायर्स का भी होगा 'टेस्ट', पांच दिन करना होगा ये काम

भाषा
Updated: November 20, 2019, 8:25 PM IST
IND vs BAN: ईडन गार्डन्स पर अंपायर्स का भी होगा 'टेस्ट', पांच दिन करना होगा ये काम
भारत के अंपायर एस रवि का मानना है कि डे नाइट टेस्ट मैच पांच वनडे मैचों की तरह है

भारत और बांग्लादेश (India vs Bangladesh) के बीच 22 से 26 नवंबर तक कोलकाता के ईडन गार्डन्स पर डे नाइट टेस्ट मैच खेला जाएगा

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कोलकाता. भारत और बांग्लादेश (India vs Bangladesh) के बीच 22 से 26 नवंबर तक कोलकाता के ईडन गार्डन्स में ऐतिहासिक डे नाइट टेस्ट मैच खेला जाएगा. जो दोनों टीमों सहित अंपायर्स के लिए भी चुनौती होगी. पिंक गेंद से दूधिया रोशनी में जहां टीम को खुद को साबित करना होगा, वहीं अंपायर्स के लिए भी यह एक टेस्ट रहेगा. खिलाड़ियों के साथ उनका रूटीन भी बदलेगा.  2015 में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए पहले डे नाइट टेस्ट मैच में अंपायरिंग करने वाले एलीट पैनल के एकमात्र भारतीय अंपायर एस रवि (S Ravi) ने बताया कि उन्हें उस मैच के लिए अपने सोने की आदतों में भी बदलाव करना पड़ा ‌था.

चार साल पहले एडिलेड में गुलाबी गेंद से पहले टेस्ट में अंपायरिंग करने वाले रवि ने काफी तैयारी की थी. इस दौरान वह देर से सोते और देर से उठते थे, ताकि उनका शरीर बदले समय के अनुसार खुद को ढाल सके.




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एस रवि ने ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच खेले गए पहले डे नाइट टेस्ट मैच में अंपायरिंग की थी.



वनडे मैच जैसी तैयारी
रवि ने दो महीने पहले दुबई में आईसीसी की कार्यशाला में भाग लिया और बाद में पर्थ में न्यूजीलैंड और वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया एकादश के बीच दो दिवसीयअभ्यास मैच में अंपायरिंग की. रवि ने सूरत से पीटीआई से बातचीत में कहा कि गुलाबी गेंद से टेस्ट में अंपायरिंग करना लगातार पांच वनडे में अंपायरिंग करने जैसा है. ऐसे में तैयारी भी उसी तरह की होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि मैं देर से सोता था और देर से उठता था. मैच दस-साढे दस बजे तक चलता था और होटल में आकर सोने में काफी देर हो जाती थी. मैने देर से सोने की आदत डाली.


दूधिया रोशनी में गुलाबी गेंद से खेलना मुश्किल
उन्होंने कहा कि  किसी भी टेस्ट से पहले नर्वसनेस होती है. मैं काफी उत्साहित था और माहौल का मजा ले रहा था. मैं भी नर्वस था लेकिन रोमांच भी उतना ही था.दूसरों की तरह उन्होंने भी स्वीकार किया कि ढलते सूरज की रोशनी में गुलाबी गेंद से खेलना मुश्किल होगा. उन्होंने कहा‌ कि सूरज के ढलते समय गेंद को देखना मुश्किल होता है. उस समय गेंद को देखने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है. हमें ज्यादा ध्यान रखना पड़ता है.



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First published: November 20, 2019, 8:25 PM IST
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