विराट कोहली ने फिर की 'बचकानी' गलती, हनुमा विहारी ने कहा- पिच खराब नहीं थी, बल्लेबाजों ने की चूक

विराट कोहली ने फिर की 'बचकानी' गलती, हनुमा विहारी ने कहा- पिच खराब नहीं थी, बल्लेबाजों ने की चूक
भारतीय बल्लेबाजी क्राइस्टचर्च टेस्ट की पहली पारी में फिर फ्लॉप

क्राइस्टचर्च टेस्ट की पहली पारी में भारतीय टीम 242 रनों पर सिमटी, पुजारा-पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) और विहारी ने लगाए अर्धशतक, विराट फिर फ्लॉप

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 29, 2020, 5:37 PM IST
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क्राइस्टचर्च. न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट का पहला दिन एक बार फिर मेजबान टीम ने अपने नाम किया. कीवी गेंदबाजों ने घसियाली विकेट पर भारतीय बल्लेबाजों को 242 रनों पर समेट दिया. टीम इंडिया के लिए तीन बल्लेबाजों ने अर्धशतक लगाए लेकिन इसके बावजूद वो पूरे दिन टिकने में नाकाम रही. टीम इंडिया के सबसे सीनियर बल्लेबाज और कप्तान विराट कोहली महज 15 गेंद खेलकर 3 रन पर निपट गए और उपकप्तान अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) 7 रन पर आउट हुए. गजब की बात ये है कि क्राइस्टचर्च की हरी पिच बल्लेबाजी के लिए इतनी भी खराब नहीं थी. तभी तो पृथ्वी शॉ ने 54, पुजारा ने 54 और हनुमा विहारी ने 55 रनों की पारी खेली. हनुमा विहारी ने भी पहले दिन के खेल के बाद माना कि पिच बल्लेबाजी के लिए अच्छी थी गलतियां भारतीय बल्लेबाजों ने की.

अपनी गलती से आउट हुए बल्लेबाज
हनुमा विहारी (Hanuma Vihari) ने पत्रकारों से कहा, 'हां, निश्चित रूप से, क्योंकि पिच उतनी खराब नहीं थी जैसी हमने उम्मीद की थी.' उन्होंने कहा, 'उन्होंने सही लाइन एवं लेंथ में गेंदबाजी की और वे जानते थे कि यह पिच कैसा प्रदर्शन करेगी. पृथ्वी ने लय तय की, पुजारा ने समय लिया, लेकिन सभी खिलाड़ी गलत समय पर आउट हुए. कोई भी खिलाड़ी पिच के कारण आउट नहीं हुआ. ज्यादातर खिलाड़ी अपनी गलतियों से पैवेलियन पहुंचे, पिच ठीक-ठाक थी.'

सभी बल्लेबाजों ने खेले खराब शॉट
बता दें हनुमा विहारी (Hanuma Vihari) समेत सभी बल्लेबाज अपनी गलतियों से ही आउट हुए. मयंक अग्रवाल का बल्ला उनके पांव पर अटक गया जिसके चलते वो LBW आउट हुए. पृथ्वी शॉ ने छठे स्टंप की गेंद को ड्राइव करने की कोशिश की और कैच स्लिप में गया. इसके बाद विराट कोहली (Virat Kohli) ने बाहर जाती गेंदों की परवाह की लेकिन अंदर आती गेंद पर वो चकमा खा गए, नतीजा वो भी LBW आउट हुए. रहाणे ने भी बाहर की गेंद को छेड़ा. पंत ने बाहर की गेंद पर बिना फुटवर्क लगाए ड्राइव लगाया, नतीजा वो भी निपट गए. पुजारा ने ऐसी गेंद पर पुल शॉट मारने की कोशिश की, जिसे वो छोड़ भी सकते थे और उन्होंने विकेटकीपर बीजे वॉटलिंग को आसान कैच दे दिया. हनुमा विहारी ने भी वैगनर की शॉर्ट पिच गेंद को पुल करने का प्रयास किया, जबकि इससे पहले वो दो चौके लगा चुके थे और नतीजा उनका विकेट गिरा.



300 रन होते आदर्श-हनुमा विहारी
हनुमा विहारी के मुताबिक क्राइस्टचर्च की पिच पर पहली पारी में 300 रनों से ज्यादा का स्कोर आदर्श होता, हालांकि ऐसा हुआ नहीं. विहारी ने कहा कि उन्होंने तेजी से रन इसलिए बनाए ताकि पुजारा अपना नेचुरल गेम खेल सकें. विहारी ने कहा, 'पुजारा एक छोर पर खेल रहे थे और मैं सकारात्मक खेलकर पारी को आगे बढ़ाना चाहता था क्योंकि वह ऐसा खिलाड़ी है जो लंबी पारी खेलता है.' उन्होंने अपनी रणनीति के बारे में बात करते हुए कहा, 'इसलिये मैं भी समय नहीं लेना चाहता था जिससे पुजारा पर या हमारी पारी पर दबाव बढ़ता क्योंकि अगर आप स्कोरबोर्ड को बढ़ाओगे नहीं तो आप पिछले मैच की तरह एक ही जगह अटक जाते. इसलिये मैंने थोड़ा सकारात्मक खेलकर पारी आगे ले जाने का फैसला किया.' (भाषा के इनपुट के साथ)

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