28 साल बाद... 2011 विश्व कप जीत के हर लम्हे को फिर से जीने के लिए ये खबर जरूर पढ़ें

भारत की मेजबानी में अगले साल होने वाले टी20 वर्ल्‍ड कप को 2022 तक के लिए टाला जा सकता है
भारत की मेजबानी में अगले साल होने वाले टी20 वर्ल्‍ड कप को 2022 तक के लिए टाला जा सकता है

महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) की कप्तानी में टीम इंडिया (Team India) ने मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में श्रीलंका (Sri Lanka) को हराकर आज ही के दिन साल 2011 का विश्व कप (World Cup) अपने नाम किया था.

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नई दिल्ली.  25 जून 1983... कपिल देव (Kapil Dev) के हाथ में उस खेल का ताज, जो अंग्रेजों ने पूरी दुनिया को सिखाया. 2 अप्रैल 2011...महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) के हाथों में उस खेल का विश्व कप, जिसमें उसने अपना दमखम दिखाया. कहने को तो ये दूरी सिर्फ दो विश्व कप के बीच की थी, मगर भारतीय क्रिकेट टीम को ये रास्ता तय करने में पूरे 28 साल लग गए. ये एक ऐसा सपना था, जो हर आंख में पल रहा था. ऐसा सपना जिसे हकीकत में बदलने का इंतजार बीतते हर चार साल के साथ बढ़ता जा रहा था.

आखिरकार ये ख्वाब सच हुआ. महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) की अगुआई में भारतीय टीम (Indian Team) ने श्रीलंका को मात देकर 28 साल बाद वनडे प्रारूप का विश्व कप अपने नाम किया. और आखिरकर अपने छठे प्रयास में सचिन तेंदुलकर के हाथ में उनके करियर की सबसे चमकदार ट्रॉफी आ गई. ये पल आया कप्तान एमएस धोनी के किवंदती बन चुके छक्के के साथ. और तब... मानो सब कुछ एक पल के लिए ठहर सा गया. खिलाड़ियों के चेहरे खुशी के आंसुओं से सराबोर हो गए. मैदान में मौजूद हर क्रिकेट प्रशंसक इस लम्हे को कैद करने में जुट गया. हिंदुस्तान की सड़के जोशीले फैंस और तिरंगे से पट गईं. जी हां, आज से ठीक 9 साल पहले कुछ ऐसा ही हुआ था इस देश में. आइए, उस दिन के हर लम्हे को एक बार फिर जीते हैं.

1. भारत वस बांग्लादेश : वीरू ने जड़े 175 रन
टीम इंडिया (Team India) ने ढाका में 19 फरवरी को बांग्लादेश (Bangladesh) के खिलाफ अपना अभियान शुरू किया. भारत ने 4 विकेट पर 370 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया. मैन आफ द मैच वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) ने 140 गेंदों पर 175 रन बनाए. इसमें 14 चौके और 5 छक्के शामिल थे. विराट कोहली (Virat Kohli) ने 8 चौके और 2 छक्कों की मदद से 83 गेंदों पर नाबाद 100 रन बनाए. बांग्लादेश की टीम 9 विकेट पर 283 रन ही बना सकी और 87 रन से मैच हार गई. मुनाफ पटेल ने चार ओर जहीर खान ने दो विकेट लिए.
2. भारत वस इंग्लैंड : 338 रन बनाने के बाद भी टाई रहा मुकाबला


बेंगलुरु में 27 फरवरी को हुए मुकाबले में भारत की टीम 49.5 ओवर में 338 रनों पर सिमट गई. सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने 10 चौकों व 5 छक्कों की मदद से 115 गेंदों में 120 रन बनाए. वहीं गौतम गंभीर ने 51 व युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने 58 रन की पारी खेली. जवाब में कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस के 145 गेंदों पर बनाए 158 रनों की बदौलत इंग्लैंड ने मैच टाई करा लिया. इयान बेल ने भी 69 रन बनाए. हालांकि आखिरी ओवर में जीत के लिए इंग्लैंड को 14 रन बनाने थे. शुरुआती पांच गेंदों पर 12 रन बन गए थे, लेकिन मुनाफ पटेल की आखिरी गेंद पर ग्रीम स्वान एक रन ही ले सके और मैच टाई हो गया. स्ट्रॉस मैन आफ द मैच रहे. भारत के लिए जहीर खान ने तीन व मुनाफ पटेल और पीयूष चावला ने दो-दो विकेट लिए.

3. भारत वस आयरलैंड : टीम इंडिया के छूटे पसीने
ये मुकाबला 6 मार्च को बेंगलुरु में ही खेला गया. आयरलैंड की टीम 47.5 ओवर में 207 रनों पर ढेर हो गई. टीम इंडिया के लिए युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने पांच और जहीर खान ने तीन विकेट लिए. टीम इंडिया की शुरुआत बेहद खराब रही और टीम 46 ओवर में 5 विकेट खोकर लक्ष्य तक पहुंच सकी. युवराज सिंह ने नाबाद 50 रन बनाए जबकि सचिन तेंदुलकर ने 38 व एमएस धोनी ने 34 रन बनाए. युवी मैन आफ द मैच रहे.

4. भारत वस नीदरलैंड्स : युवी फिर बने संकटमोचक
तीन दिन बाद ही टीम इंडिया दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर 9 मार्च को नीदरलैंड्स का सामना करने उतरी. मेहमान टीम 46.4 ओवर में 189 रन ही बना सकी. जहीर खान ने तीन व पीयूष चावला और युवराज सिंह ने दो-दो विकेट लिए. बल्लेबाजी में एक बार फिर युवी संकटमोचक बने और नाबाद 51 रन की पारी खेलकर उन्होंने टीम को 5 विकेट से जीत दिला दी. उनके अलावा सहवाग ने 39 रन बनाए. युवी मैन आफ द मैच चुने गए.

5. भारत वस साउथ अफ्रीका : टूर्नामेंट में भारत को मिली पहली हार
रनों से भरा ये मुकाबला 12 मार्च को नागपुर में खेला गया. टीम इंडिया ने 48.4 ओवर में सभी विकेट खोकर 296 रन बनाए. वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) और सचिन तेंदुलकर ने पहले विकेट के लिए 17.4 ओवर में 142 रन जोड़कर टीम को तूफानी शुरुआत दिलाई. सहवाग ने 12 चौकों से 66 गेंद पर 73 रन बनाए तो सचिन ने 101 गेंद में 8 चौके ओर 3 छक्के लगाकर 111 रन बनाए. यहां तक कि तीसरे नंबर पर उतरे गौतम गंभीर ने भी 75 गेंदों पर 69 रन बनाए. मगर इसके बाद विकेटों का पतझड़ लग गया और आखिरी सात विकेट 28 रन जोड़कर गिर गए. साउथ अफ्रीका ने 49.4 ओवर में सात विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया. पांच विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज डेल स्टेन मैन आफ द मैच रहे.

6. भारत वस वेस्टइंडीज : जमकर बोला युवराज का बल्ला
साउथ अफ्रीका से मिली पिछली हार का बदला भारत ने 20 मार्च को चेन्नई में वेस्टइंडीज से लिया. टीम इंडिया ने 49.1 ओवर में 268 रन बनाए. युवराज (Yuvraj Singh) का बल्ला जमकर बोला और उन्होंने 10 चौकों व 2 छक्कों से 123 गेंद पर 113 रन बनाए. उनके अलावा विराट कोहली ने 76 गेंद पर 59 रन की पारी खेली. जवाब में वेस्टइंडीज की टीम 43 ओवर में 188 रनों पर सिमट गई. युवराज ने गेंद से भी कमाल दिखाया और दो विकेट लिए. जहीर खान ने तीन व अश्विन ने दो विकेट चटकाए. युवी मैन आफ द मैच रहे.

7. क्वार्टर फाइनल : भारत वस आस्ट्रेलिया
2011 विश्व कप रोमांच अब अपने चरम पर था. दूसरे क्वार्टर फाइनल में 24 मार्च को अहमदाबाद में भारत और आस्ट्रेलिया की टीमें मैदान में थीं. आस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 6 विकेट पर 260 रन बनाए. टीम इंडिया के लिए अश्विन, जहीर खान और युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने दो-दो विकेट लिए. भारतीय टीम ने 47.4 ओवर में पांच विकेट खोकर लक्ष्य हासिल तो कर लिया, लेकिन ये इतना आसान नहीं था. टीम के लिए युवरज सिंह एक बार फिर तारणहार बने, जिन्होंने 8 चौकों की मदद से 65 गेंदों पर नाबाद 57 रन बनाए. उनके अलावा गौतम गंभीर ने 64 गेंद पर 50 व सचिन तेंदुलकर ने 68 गेंद पर 53 रन की पारी खेली. युवी फिर मैन आफ द मैच चुने गए.

8. सेमीफाइनल : भारत वस पाकिस्तान
चिर प्रतिद्वंद्वी टीमों के बीच ये ऐतिहासिक भिड़ंत 30 मार्च को मोहाली में हुई. भारत (India) ने नौ विकेट पर 260 रन बनाए तो लगा कि इस बार पाकिस्तान (Pakistan) बाजी मार लेगा. टीम के लिए सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने 115 गेंद में 11 चौकों की मदद से 85 रन बनाए. वीरेंद्र सहवाग ने 25 गेंद में 9 चौकों से 38 रन बनाए. जवाब में भारतीय गेंदबाजों ने पाकिस्तान पर शिकंजा कस दिया और पूरी टीम को 49.5 ओवर में 231 रनों पर रोक दिया. इस मुकाबले की दिलचस्प बात ये रही कि भारत के लिए जहीर खान, आशीष नेहरा, मुनाफ पटेल, हरभजन सिंह और युवराज सिंह ने गेंदबाजी की और सभी ने दो-दो विकेट लिए. सचिन मैन आफ द मैच रहे.

9. फाइनल : भारत वस श्रीलंका
वो लम्हा, जिसका हर भारतीय क्रिकेटप्रेमी को इंतजार था. मगर 2 अप्रैल यानी आज ही के दिन मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में जब श्रीलंका ने 6 विकेट पर 274 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा कर दिया तो लगा सपने चकनाचूर होना तय है.​ विश्व कप के इतिहास में इससे पहले कोई टीम इतने बड़े लक्ष्य का पीछा नहीं कर सकी थी. मगर ये नए जमाने की टीम इंडिया थी. श्रीलंका के लिए महेला जयवर्धने ने 88 गेंदों पर नाबाद 103 रन बनाए जबकि कप्तान कुमार संगकारा ने 48 रन बनाए. भारत के लिए युवराज सिंह और जहीर खान ने दो-दो विकेट लिए. भारत की विश्व कप जीतने की उम्मीदें तब कमजोर पड़ने लगीं जब 31 रनों तक उसने सहवाग और सचिन दोनों के विकेट गंवा दिए. मगर इसके बाद गौतम गंभीर और विराट कोहली ने पारी को संभाला. विराट 35 रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद युवराज सिंह की जगह कप्तान धोनी ने खुद को प्रमोट किया और मैदान पर उतर गए. गंभीर और धोनी ने 109 रन की साझेदारी की. गंभीर हालांकि शतक से तीन रन दूर रह गए, लेकिन इसके बाद धोनी और युवराज सिंह ने टीम को विजयी मंजिल तक पहुंचा दिया. 48वें ओवर की दूसरी गेंद पर धोनी ने नुवान कुलासेकरा की गेंद पर शानदार छक्का लगाकर टीम इंडिया का 28 साल लंबा इंतजार खत्म कर दिया. धोनी ने 8 चौकों व 2 छक्कों की मदद से 79 गेंदों पर नाबाद 91 रन बनाए.

टूर्नामेंट के आंकड़े
—श्रीलंकाई ओपनर तिलकरत्ने दिलशान ने 9 मैचों में 500 रन बनाए.
— 482 रनों के साथ सचिन तेंदुलकर दूसरे स्थान पर रहे.
—393 रन के साथ गंभीर छठे, 380 रन के साथ सहवाग सातवें और 362 रन के साथ युवराज सिंह आठवें स्थान पर रहे.
— गेंदबाजी में जहीर खान और शाहिद अफरीदी ने सबसे ज्यादा 21—21 विकेट लिए.
—युवराज सिंह ने 15 विकेट लिए और वह इस सूची में छठे स्थान पर रहे.

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