बायो-बबल से परेशान हुए रवि शास्त्री और भारतीय खिलाड़ी, हेड कोच बोले- इसमें रहना बहुत मुश्किल

रवि शास्त्री का कहना है कि जब खिलाड़ियों का प्रदर्शन अच्छा नहीं होता है तो उनके लिए बायो बबल में रहना और मुश्किल हो जाता है. (फोटो-AP)

रवि शास्त्री का कहना है कि जब खिलाड़ियों का प्रदर्शन अच्छा नहीं होता है तो उनके लिए बायो बबल में रहना और मुश्किल हो जाता है. (फोटो-AP)

भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच रवि शास्त्री (Ravi Shastri) अब बायो सिक्योर बबल (Bio Bubble) से परेशान हो चुके हैं और अब इससे निकलना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि बायो-बबल (Bio Bubble) में रहना किसी के लिए भी आसान नहीं हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 7, 2021, 10:52 AM IST
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अहमदाबाद. भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच रवि शास्त्री (Ravi Shastri) अब बायो सिक्योर बबल से परेशान हो चुके हैं और इससे निकलना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि बायो-बबल (Bio Bubble) में रहना किसी के लिए भी आसान नहीं हैं. शास्त्री ने शनिवार को इंग्लैंड के खिलाफ चौथा टेस्ट खत्म होने के बाद स्टार स्पोर्ट्स से बातचीत में ये कहा.

दरअसल, मैच खत्म होने के बाद पूर्व क्रिकेटर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन (Laxman Shivaramakrishnan) ने भारतीय कोच शास्त्री से पूछा था कि भारतीय टीम एक परिवार की तरह नजर आ रही है. इस पर शास्त्री ने कहा कि इसका कारण बायो-बबल है. मैं अब इस बबल से निकलने का इंतजार कर रहा हूं. हम 6 महीने से इस बबल में हैं. आपको सुबह से शाम तक रोज वही चेहरे दिखते हैं. अब इस बबल के फूटने का वक्त आ गया है. मुझे पता है कि बबल को फूटने में अभी तीन हफ्ते का और वक्त लगेगा. लेकिन ये बबल फूटेगा जरूर.

बायो-बबल दिन-रात एक ही चेहरे नजर आते हैं: रवि शास्त्री
शिवरामकृष्णन ने आगे पूछा कि पिछले आईपीएल (IPL 2020) के बाद से खिलाड़ी बायो सिक्योर बबल से कैसे तालमेल बैठा रहे हैं? इस पर कोच शास्त्री ने मजाकिया लहजे में कहा कि जब खिलाड़ी सुबह उठते हैं तो उनकी पहली प्रार्थना बबल, बबल होती है. क्योंकि वो पिछले साल आईपीएल से ही इसमें हैं. सोने से पहले भी बबल, बबल ही होता है. आप भी इसी में बबल में रह रहे हो. आप भी इसे समझ रहे होगे. ये वाकई मुश्किल है. खासतौर पर प्रोफेशनल खिलाड़ी के लिए तब और मुश्किल हो जाती है जब आप अच्छा नहीं खेल रहे होते हो. आप लोगों के निशाने पर होते हो. उस समय देश के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना बहुत मुश्किल हो जाता है. हमारे खिलाड़ियों ने इसी माहौल में ऑस्ट्रेलिया में अच्छा प्रदर्शन किया और यहां उसे और बेहतर किया.
अश्विन भी बायो-बबल की परेशानियों का जिक्र कर चुके हैं


शास्त्री ही नहीं बल्कि ऑफ स्पिनर रविचंद्नन अश्विन (Ravichandran Ashwin) भी बायो बबल से जुड़ी परेशानियों का जिक्र कर चुके हैं. उन्होंने शनिवार को कहा था कि बायो सिक्यौर माहौल में जीवन काफी चुनौतीपूर्ण होता है क्योंकि इसमें रोजमर्रा की जरूरतों के लिये जूझना पड़ता है. ऑस्ट्रेलिया में कभी कभार भारतीय टीम को ऐसे होटल के कमरों में ठहरना पड़ा जिसमें ताजा हवा भी नहीं आती थी क्योंकि खिड़कियां खुलती ही नहीं थीं.

पिछले साल अगस्त से ही भारतीय खिलाड़ी बायो बबल में हैं
बता दें कि कोरोना के बीच क्रिकेट की शुरुआत तो हो गई है लेकिन खिलाड़ियों को बायो-बबल (Bio Bubble) में रहना पड़ रहा है. खिलाड़ी किसी के संपर्क में नहीं आते हैं. वे होटल में रहते हैं और वहां से सीधे स्टेडियम आते हैं. भारतीय टीम के ज्यादातर खिलाड़ी पिछले साल अगस्त से बायो-बबल में रह रहे हैं. जब वे संयुक्त अरब अमीरात में 2020 इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2020) के लिये इकट्ठे हुए थे. इसके बाद से उन्हें कोई ब्रेक नहीं मिला है.

आईपीएल के बाद ऑस्ट्रेलिया दौरा और अब इंग्लैंड की मेजबानी भारत कर रहा है. टेस्ट सीरीज के बाद भारत-इंग्लैंड के बीच 12 मार्च से 5 टी20 की सीरीज शुरू हो रही है. इसके सभी मुकाबले अहमदाबाद के नए बने नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होंगे. इसके बाद 23 मार्च से तीन वनडे की सीरीज होगी. ऐसे में खिलाड़ियों को अभी इससे राहत नहीं मिलेगी. हालांकि, कोच शास्त्री को जरूर इससे निकलने का मौका मिल जाएगा. क्योंकि वो इस सीरीज के बाद होने वाली इंडियन प्रीमियर लीग का हिस्सा नहीं होंगे.
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