भारतीय टेस्ट ओपनर के दादा का कोरोना वायरस से निधन, घर में पसरा मातम

अभिनव मुकुंद ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 31 शतक ठोके हैं (फोटो साभार- @mukundabhinav)

अभिनव मुकुंद ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 31 शतक ठोके हैं (फोटो साभार- @mukundabhinav)

कोरोना वायरस के चलते भारतीय टेस्ट टीम के ओपनर अभिनव मुकुंद के दादा का निधन हो गया. तमिलनाडु ने इस बल्लेबाज ने भारत की तरफ से सात टेस्ट मैच खेले हैं.

  • Share this:

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के टेस्‍ट ओपनर (Test Opener) अभिनव मुकुंद (Abhinav Mukund) के दादा का कोरोना वायरस के चलते गुरुवार को निधन हो गया है. यह जानकारी खुद इस क्रिकेटर ने ट्विटर के जरिए दी है. मुकुंद ने भारत के लिए साल 2011 में टेस्ट डेब्यू किया था. बता दें कि गुरुवार को ही भारतीय टीम के प्रमुख गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार के पिता का कैंसर की वजह से निधन हो गया था.

अभिनव मुकुंद ने ट्वीट कर बताया, 'मुझे भारी दुख के साथ ये बताना पड़ रहा है कि कोविड19 के चलते मैंने अपने दादा टीके सुब्‍बाराव को खो दिया है. वो 95 साल के थे. कोरोना वायरस के चलते निधन से पहले तक उन्‍होंने अनुकरणीय रूटीन के साथ बेहद अनुशासित जीवन जीया. ओम शांति.'

तमिलनाडु के बल्लेबाज अभिनव मुकुंद ने भारतीय टीम के लिए सात टेस्ट मैच खेले हैं. इनमें उन्होंने 22.85 के औसत से 320 रन बनाए. उन्होंने दो अर्धशतक लगाए. मुकुंद का टेस्ट करियर में सर्वोच्च स्कोर 81 रन रहा. इसके अलावा उन्होंने 145 फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं, जिनमें उनके बल्ले से करीब 48 की औसत से 10258 रन निकले हैं. मुकुंद ने 31 शतक और 37 अर्धशतक लगाए हैं. मुकुंद उन चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने घरेलू क्रिकेट में 10 हजार से ज्यादा रन बनाए हैं.

यह भी पढ़ें:
टीम इंडिया को ‘ढेर’ करने वाला गेंदबाज खाने के लिए तरसा, अश्विन ने की मदद की अपील

WTC Final: सचिन-राहुल द्रविड़ से मिलकर बना है न्यूजीलैंड के इस क्रिकेटर का नाम

भुवनेश्वर कुमार के पिता का निधन, कैंसर से लड़ रहे थे जंग



भुवनेश्वर कुमार के पिता का निधन हो गया. भुवनेश्वर कुमार के पिता किरनपाल सिंह लंबे समय से कैंसर से जंग लड़ रहे थे. भुवनेश्वर के पिता ने मेरठ में अपने घर पर ही अंतिम सांस ली. भुवी पिछले कुछ समय से अपने घर पर ही थे और पिता की देखभाल कर रहे थे. भुवनेश्वर कुमार के पिता यूपी पुलिस में कार्यरत थे.भुवनेश्वर के पिता किरनपाल का इलाज दिल्ली के एम्स और नोएडा के अस्पताल में भी चल रहा था. यही नहीं विदेशी डॉक्टर भी उनका इलाज कर रहे थे. दिल्ली और नोएडा में उनकी कीमो थेरेपी पूरी हो गई थी. जिसके बाद वह खुद को ठीक महसूस कर रहे थे. लेकिन दो सप्ताह पहले उनकी हालत फिर खराब हो गई थी. उन्हें गंगानगर स्थित पास के ही अस्पताल में भर्ती कराया गया.

हालत स्थिर रहने के कुछ दिन बाद मुजफ्फरनगर क्षेत्र के मसूरी स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया. लीवर की बीमारी के कारण उन्हें पीलिया और अन्य कई बीमारी ने चपेट में ले लिया, जिसके बाद डॉक्टरों ने जवाब दे दिया था.

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज