भारत को मिला 'दूसरा सहवाग', टीम इंडिया ने दी खुलकर खेलने की आजादी, गेंदबाजों के दिलों में भरा खौफ

वीरेंद्र सहवाग ने टीम इंडिया के लिए दो तिहरे शतक लगाए हैं.

भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) के पूर्व ओपनर वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) की गिनती दुनिया के सबसे विध्वंसक बल्लेबाजों में की जाती है.

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    नई दिल्ली. वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) का नाम सामने आते ही एक ऐसे बल्लेबाज की छवि आंखों में उतर आती है, जो क्रीज पर कदम रखते ही पहली गेंद से गेंदबाजों की बखिया उधेड़ना शुरू कर देता था. एक ऐसा बल्लेबाज जिसने भारतीय टीम के लिए ओपनिंग की नई परिभाषा गढ़ दी. एक ऐसा ओपनर जिसने क्रिकेट को औसत की जगह स्ट्राइक रेट का खेल बनाने में मील का पत्‍थर स्‍थापित किया. वीरेंद्र सहवाग के संन्यास लेने के बाद से भारतीय टीम की उन जैसे विस्फोटक ओपनर की तलाश अभी तक पूरी नहीं हो पाई थी. मगर अब एक बल्लेबाज ने अपनी आतिशी बल्लेबाजी से साबित करने की कोशिश की है, कि वो सहवाग के नक्‍शेकदम पर चलने के लिए पूरी तरह तैयार है.

    16 साल की उम्र में कर दिया कमाल
    दरअसल, अगर ये कहा जाए कि टीम इंडिया काे दूसरा वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) मिल गया है तो ये पूरी तरह गलत नहीं होगा. मगर ये वीरू विराट कोहली (Virat Kohli) की पुरुष क्रिकेट टीम को नहीं मिला है, बल्कि हरमनप्रीत कौर (Harmanpreet Kaur) की अगुआई वाली भारतीय महिला टीम को वीरेंद्र सहवाग जैसे बल्लेबाज की सौगात मिली है. और इस बल्लेबाज का नाम है शेफाली वर्मा (Shafali Verma). अपने छोटे से करियर में 16 साल की शेफाली वर्मा ने विपक्षी गेंदबाजों के दिलों में खौफ भर दिया है. अपनी आतिशी बल्लेबाजी से उन्होंने टीम इंडिया को मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप में जबरदस्त शुरुआत दिलाई है.

    ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के खिलाफ दिखा रौद्र रूप
    भारतीय महिला टीम (Indian Women Team) की ओपनर शेफाली वर्मा (Shafali Verma) ने महिला टी20 वर्ल्ड कप (Womens T20 World Cup) के पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 15 गेंदों पर 29 रन की तेज तर्रार पारी खेली. इसमें उन्होंने 5 चौके और 1 छक्का लगाया. उनका ताबड़तोड़ प्रदर्शन यहीं नहीं रुका, बल्कि बांग्लादेश (Bangladesh) के खिलाफ तो उनके बल्ले ने दूसरी गेंद से ही छक्कों की बारिश करनी शुरू कर दी. इस मैच में शेफाली ने 17 गेंदों पर ही 39 रन कूट डाले. इस विस्फोटक पारी में शेफाली ने 2 चौके और 4 छक्के लगाए.

    इसलिए वीरेंद्र सहवाग से तुलना
    शेफाली वर्मा (Shafali Verma) की तुलना वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) से की जाने की कई वजह हैं. इनमें से सबसे बड़ी वजह आंखों और हाथों का तालमेल है. वीरेंद्र सहवाग की ही तरह शेफाली वर्मा का खेल मुख्य तौर पर आंखों और हाथों के तालमेल पर आधारित है. शेफाली भी वीरू की तरह गेंद को देखो और गेंद को मारो के सिद्धांत पर अमल करके बल्लेबाजी करती हैं. शेफाली के पैरों का मूवमेंट भी कम होता है जैसा कि सहवाग के साथ भी था. सहवाग की तरह ही शेफाली भी पहली ही गेंद से गेंदबाज पर दबदबा बनाना शुरू कर देती हैं.

    टीम मैनेजमेंट ने दिया खुलकर खेलने का लाइसेंस
    बांग्लादेश (Bangladesh) के खिलाफ शेफाली वर्मा (Shafali Verma) को 17 गेंद में 39 रन बनाने पर प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार दिया गया था. मैच के बाद भारतीय टीम की अनुभवी तेज गेंदबाज शिखा पांडे ने शेफाली को लेकर टीम मैनेजमेंट की रणनीति का खुलासा किया. उन्होंने कहा, 'टीम ने शेफाली से अपना स्वाभाविक खेल बदलने के लिए नहीं कहा है. उन्हें आक्रामक क्रिकेट खेलने की पूरी छूट है जो उनका अंदाज भी है.' बता दें कि पुरुष टीम में भी वीरेंद्र सहवाग को अपना स्वाभाविक आक्रामक खेल खेलने की छूट थी.

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