कोरोना से मां और बहन को खोने वाली क्रिकेटर ने सुनाया दर्द, बोलीं- बुरी तरह टूट गई थी

दो सप्ताह के भीतर ही वेदा कृष्णमूर्ति की मां और बहन का कोरोना वायरस से निधन हो गया था. (Social media)

दो सप्ताह के भीतर ही वेदा कृष्णमूर्ति की मां और बहन का कोरोना वायरस से निधन हो गया था. (Social media)

भारतीय महिला क्रिकेटर वेदा कृष्णमूर्ति ने कहा कि कोरोना के कारण अपनी मां और बहन के निधन से वो बुरी तरह टूट गईं थीं. उन्होंने संकट की परिस्थितियों से बाहर निकलने के लिए मा​नसिक स्वास्थ्य से जुड़ी मदद को बेहद महत्वपूर्ण बताया. वेदा के परिवार के 9 सदस्य कोरोना संक्रमित पाए गए थे.

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नई दिल्ली. भारतीय महिला क्रिकेट टीम बल्लेबाज वेदा कृष्णमूर्ति (Veda Krishnamurthy) ने कहा कि कोविड—19 के कारण हाल में अपनी मां और बहन को गंवाने के बाद वो बुरी तरह टूट गई थी. उन्होंने संकट की परिस्थितियों से बाहर निकलने के लिए मा​नसिक स्वास्थ्य से जुड़ी मदद को भी बेहद अहम बताया. वेदा के परिवार में 9 सदस्य कोरोनावायरस से संक्रमित हो गए थे. पिछले महीने दो हफ्ते के भीतर उनकी मां और बहन का कोरोना से निधन हो गया था.

वेदा ने उन दिनों को याद करते हुए ईएसपीएनक्रिकइन्फो से कहा कि मैं भाग्य पर बहुत भरोसा करती हूं. लेकिन मुझे वास्तव में ​उम्मीद थी कि मेरी बहन घर लौटेगी. जब ऐसा नहीं हुआ तो मैं पूरी तरह टूट गई. हम सभी का यही हाल था. उन्होंने कहा किपरिवार के बाकी सदस्यों के लिये मुझे साहसी बनना पड़ा. मुझे इन दो हफ्तों में यह सीखना था कि मैं स्वयं को दुख से दूर करने की सीख लूं. लेकिन यह बार-बार वापस आकर जकड़ लेता था.

मध्यक्रम की इस बल्लेबाज ने कहा कि वह अपने परिवार में अकेली थी, जो वायरस से संक्रमित नहीं हुई और उस समय घरवालों की देखभाल की जिम्मेदारी संभाल रहीं थी. तब उन्हें अहसास हुआ कि कई अन्य लोगों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी कितना संघर्ष करना पड़ रहा है. वेदा ने कहा कि उस समय मैं ट्विटर पर देखती, तो मुझे अहसास हुआ कि कई कई लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए भी संघर्ष कर रहे ​हैं, जिसमें डॉक्टर सलाह भी शामिल है.

मां और बहन कोरोना संक्रमित होने के बाद तनाव में थीं: वेदा
स्वास्थ्य संकट का सामना करते हुए मा​नसिक पहलू के बारे में वेदा ने कहा कि उनकी मां और बहन भी बीमार रहते हुए बेहद तनाव में थी. इस 28 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि मानसिक मजबूती महत्वपूर्ण है. मेरी बड़ी बहन वत्सला को मौत से पहले बेहद डरी हुई थी. उन्होंने कहा कि मेरी मां भी शायद घबराई हुई थी. क्योंकि मौत से एक रात पहले उन्हें पता चला था कि परिवार में बच्चों सहित बाकी सदस्यों की भी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. मुझे नहीं पता लेकिन शायद इसका उन पर प्रभाव पड़ा था.

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'मैंने भी मानसिक स्वास्थ्य के लिए मदद ली'



वेदा ने खुलासा किया कि वो कैसे मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मसलों से निपटीं. उन्होंने कहा कि क्रिकेट खेलने वाले अधिकतर लोग मानसि​क स्वास्थ्य के बारे में जानते हैं. लेकिन यह स्वीकार करना भी महत्वपूर्ण है कि यदि व्यवस्था आपके मानसिक स्वास्थ्य की मदद के लिये कुछ नहीं कर रही है, तो फिर अगर आप सक्षम हैं, तो आपको अपने लिये स्वयं सहयोग तलाशना होगा.

'परवाह करने वालों का शुक्रिया'

भारत की तरफ से 48 वनडे और 76 टी20 अंतरराष्ट्रीय खेलने वाली वेदा ने कहा कि मुझसे जुड़े मा​नसिक स्वास्थ्य के मुद्दे थे और मैंने इसके लिये मदद ली थी. भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) की कोविड—19 के कारण अपने परिजनों को गंवाने वाले खिलाड़ियों से संपर्क नहीं करने के लिये आलोचना की गई थी, जिसके बाद बोर्ड सचिव जय शाह ने वेदा को फोन किया था.

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वेदा ने कह कि मैं उन लोगों से नाराज नहीं हूं, जिन्होंने मुझे फोन नहीं किया या संदेश नहीं भेजा. मैं उन सभी का आभार व्यक्त करती हूं, जिन्होंने मेरी परवाह की. मुझे बीसीसीआई सचिव का फोन आया और ईमानदारी से कहूं तो मुझे इसकी उम्मीद नहीं थी. उन्होंने कहा कि जब वह बेंगलुरू आएंगे तो मुझसे मि​लेंगे.

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