Biggest Win: गांगुली या धोनी नहीं, बेदी ने दिलाई है भारत को सबसे बड़ी जीत, रिकॉर्ड आज भी कायम

India's captain Virat Kohli celebrates Jasprit Bumrah, second from right,  hat-trick by the dismissal of West Indies' Roston Chase lbw during day two of the second Test cricket match at Sabina Park cricket ground in Kingston, Jamaica Saturday, Aug. 31, 2019. (AP Photo/Ricardo Mazalan)
India's captain Virat Kohli celebrates Jasprit Bumrah, second from right, hat-trick by the dismissal of West Indies' Roston Chase lbw during day two of the second Test cricket match at Sabina Park cricket ground in Kingston, Jamaica Saturday, Aug. 31, 2019. (AP Photo/Ricardo Mazalan)

भारत ने 44 साल पहले आज ही के दिन (12 अप्रैल) को 400 से बड़ा टारगेट हासिल कर मैच जीता था. इसके बाद भारत कभी भी ऐसा नहीं कर सका है.

  • News18India
  • Last Updated: April 12, 2020, 2:13 PM IST
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नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट (Indian Cricket) में कुछ सवालों के जवाब के लिए आपको सोचना नहीं पड़ता. सवाल आया और जवाब हाजिर. जैसे कि भारत के महान क्रिकेटर कौन? इसका ज्यादातर गावस्कर से शुरू होता है. फिर कपिल, सचिन, द्रविड़, गांगुली, कुंबले, धोनी होता हुआ कोहली तक पहुंचता है. इसी तरह बेहतरीन कप्तान के सवाल पर गांगुली और धोनी याद आते हैं. कुछ लोग इसमें मंसूर अली खान पटौदी का नाम भी जोड़ देते हैं. सबसे बड़ी जीत (Biggest win) के सवाल पर विश्व कप का नाम जुबान पर होता है. लेकिन सबसे बड़ी जीत पर एक और मैच याद आता है, जिसका नतीजा आज से ठीक 44 साल पहले आया था. वह उस वक्त भारत की सबसे बड़ी जीत थी और आज भी है.

वो साल 1976 की 12 अप्रैल की तारीख थी. भारतीय टीम (Team India) वेस्टइंडीज में थी. बिशन सिंह बेदी (Bishan singh bedi) की अगुवाई वाली इस टीम के सामने एवरेस्ट जैसा लक्ष्य था. यह चुनौती शेर को उसकी मांद में मात देने जैसी थी. पोर्ट ऑफ स्पेन में खेले गए टेस्ट मैच की पहली पारी में वेस्टइंडीज (West Indies) ने 359 और भारत ने 228 रन बनाए. विंडीज को 131 रन की बड़ी बढ़त मिली. उसने दूसरी पारी 6 विकेट पर 271 रन बनाकर घोषित की.

403 रन का लक्ष्य मिला
इस तरह भारत को जीत के लिए 403 रन का लक्ष्य मिला. यह ऐसा लक्ष्य था जो भारत ने इससे पहले कभी हासिल नहीं किया था. भारत तो क्या, ऑस्ट्रेलिया को छोड़ दें तो दुनिया की किसी भी टीम ने चौथी पारी में 400 रन बनाकर मैच नहीं जीता था. हां, ऑस्ट्रेलिया ने जरूर एक बार 404 रन का लक्ष्य हासिल किया था.



गावस्कर ने जमाया शतक 

जाहिर है, भारत को मैच जीतने के लिए रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन करना था. भारतीय टीम ने ऐसा किया भी. शुरुआत ओपनर सुनील गावस्कर ने की. उन्होंने साथी ओपनर अंशुमान गायकवाड़ (28) के साथ मिलकर पहले विकेट के लिए 69 रन जोड़े. इस स्कोर पर गायकवाड़ तो आउट हो गए लेकिन सनी डटे रहे. उन्होंने शतक पूरा किया. जब वे आउट हुए तब उनके खाते में 102 रन दर्ज थे.

विश्वनाथ ने खेली शतकीय पारी
भारत ने 177 के स्कोर पर गावस्कर के रूप में दूसरा विकेट गंवाया. लेकिन सफर अभी लंबा था. गावस्कर के आउट होने के बाद मोहिंदर अमरनाथ और गुंडप्पा विश्वनाथ ने मोर्चा संभाला. इन दोनों ने भारत को 300 रन के पार पहुंचाया. अब भारत को जीत की राह दिखने लगी थी. लेकिन तभी विश्वनाथ आउट हो गए. विश्वनाथ ने 112 रन की पारी खेली और जब वे आउट हुए तब भारत का स्कोर 336 हो चुका था.

अमरनाथ ने की 2 शतकीय साझेदारी
वस्कर के साथ 108 और विश्वनाथ के साथ 159 रन की साझेदारी करने वाले अमरनाथ अब भी क्रीज पर डटे हुए थे. इसलिए भारत की जीत की उम्मीद भी कायम थी. इस बार उन्होंने ब्रजेश पटेल (49) के साथ जोड़ी बनाई. इस जोड़ी ने टीम को 392 रन तक पहुंचाया. जब टीम जीत से महज 11 रन दूर थी, तब अमरनाथ आउट हो गए. उन्होंने 85 रन बनाए. इसके बाद पटेल और मदनलाल (1) ने टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया.

वनडे में 360 रन का टारगेट हासिल किया
इस तरह भारत ने 1976 में एवरेस्ट जैसे लक्ष्य को फतह कर मुकाबला अपने नाम किया. भारत की यह किसी भी फॉर्मेट में लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे बड़ी जीत है. वनडे में लक्ष्य का पीछा करते उसकी सबसे बड़ी जीत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ है. उसने 2013 में 360 रन का लक्ष्य का पीछा करते हुए एक विकेट पर 362 रन बनाकर मैच जीता था. टी20 क्रिकेट में लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत की सबसे बड़ी श्रीलंका के खिलाफ है. उसने 2009 में 2006 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 211 रन बनाकर यह मैच जीता था.

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