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IPL 2020: सेमीफाइनल से कैसे अलग है प्लेऑफ? जानिए पूरा नियम

प्लेऑफ की लड़ाई (फाइल फोटो- BCCI/IPL)
प्लेऑफ की लड़ाई (फाइल फोटो- BCCI/IPL)

IPL Playoff: आईपीएल (IPL) में नियम थोड़े अलग हैं. यहां सेमीफाइनल नहीं बल्कि प्लेऑफ खेले जाते हैं. आईए समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर प्लेऑफ कैसे सेमीफ़ाइनल से अलग है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 3, 2020, 10:46 AM IST
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नई दिल्ली. आईपीएल 2020 का सीज़न आखिरी दौर में पहुंच गया है. तीन टीमों ने प्लेऑफ (Playoff) के लिए जगह पक्की कर ली है. जबकि एक टीम का फैसला मंगलवार को टूर्नामेंट के आखिरी लीग मैच में होगा. जिन तीन टीमों ने अब तक प्लेऑफ के लिए क्वालिफाई किया है वो हैं- मुंबई इंडियंस, दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर. आमतौर पर किसी भी क्रिकेट, फुटबॉल या फिर हॉकी के टूर्नामेंट में फाइनल से पहले सेमीफाइनल (Semi Final) खेले जाते हैं. लेकिन आईपीएल (IPL) में नियम थोड़े अलग हैं. यहां सेमीफाइनल नहीं बल्कि प्लेऑफ खेले जाते हैं. आईए समझने की कोशिश करते हैं कि आखिर प्लेऑफ कैसे सेमीफ़ाइनल से अलग है.

आईपीएल में प्लेऑफ की शुरुआत कब हुई?
आईपीएल में पहले बाक़ी क्रिकेट टूर्नामेंट की तरह सेमीफाइनल और फ़ाइनल की ही फंडा था. चार टॉप टीमों की एंट्री सीधे सेमीफाइनल में होती थी. फिर इसके बाद फ़ाइनल खेला जाता था. लेकिन 2011 में पहली बार प्लेऑफ की शुरुआत की गई. बता दें कि न्यूजीलैंड में रग्बी लीग और फिर ऑस्ट्रेलिया के फुटबॉल के लीग में प्लेऑफ खासा लोकप्रिय है. इसी को देखते हुए बीसीसीाई ने आईपीएल में भी इसकी शुरुआत की.

क्या अलग है प्लेऑफ में?
सेमीफ़ाइल की तरह यहां भी प्वाइंट्स टेबल में चार टॉप टीमों को एंट्री दी जाती है. सेमीफाइनल वाले फॉर्मूले में फ़ाइनल में पहुंचने के लिए सिर्फ दो मैच खेले जाते हैं- पहले और चौथे नंबर पर रहने वाली टीमों के बीच पहला सेमीफ़ाइनल और दूसरे सेमीफाइनल में प्वाइंट्स टेबल में तीसरे और चाथे नंबर की टीम के बीच मुकाबला होता है. लेकिन प्लेऑफ में फ़ाइनल से पहले तीन मुकाबले होते हैं- पहला क्वालिफायर, एलिमिनेटर और दूसरा क्वालिफायर.



कैसे होते है प्लेऑफ के मैच?
क्वालिफायर वन: प्लेऑफ में टॉप पर पहुंचने वाली टीम की टक्कर दूसरे नंबर की टीम से होती है और जीतने वाली टीम को सीधे फ़ाइनल एंट्री मिल जाती है. इसे क्वालिफायर वन कहते हैं. इस बार क्वालिफायर वन में मुंबई और दिल्ली की भिड़ंत होगी.
एलिमिनेटर: जबकि तीसरे और चाथे नंबर पर रहने वाली टीम के बीच होने वाले मैच को एलिमिनेटर कहा जाता है. यहां हारने वाली टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाती है.
क्वालिफायर टू: एलिमिनेटर में जीतने वाली टीम एक और मैच खेलती है जिसे क्वालिफायर कहा जाता है. यहां उसकी भिड़ंत पहले क्वालिफायर में हारने वाली टीम से होती है. इसके बाद जीतने वाली टीम सीधे फ़ाइनल में पहुंच जाती है.
फ़ाइनल: क्वालिफायर वन की विजेता Vs क्वालिफायर टू विजेता

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प्लेऑफ का फ़ायदा
कई बार किसी टूर्नामेंट में लीग मैच के अहमियत नहीं रह जाती है. लेकिन यहां टॉप टू में पहुंचने वाली टीम को फ़ाइनल में पहुंचने के दो मौके मिलते हैं. लिहाजा हर मैच में लोगों की दिलचस्पी बनी रहती है. हर टीम टॉप दो में आना चाहती है.
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