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IPL 2020: मोहम्मद शमी ने ली कपिंग थेरेपी, जानें क्या है यह और इसके फायदे

मोहम्मद शमी ने ली कपिंग थेरेपी
मोहम्मद शमी ने ली कपिंग थेरेपी

आईपीएल 2020 (IPL 2020) के दौरान खिलाड़ी मैदान पर खेल के साथ-साथ अलग-अलग तरह से रिलेक्स भी कर रहे हैं. इसी कड़ी में किंग्स इलेवन पंजाब (Kings Eleven Punjab) के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (Mohammad Shami) ने रिलेक्सेशन के लिए दुबई में कपिंग थेरेपी का सहारा लिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 2, 2020, 4:42 PM IST
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नई दिल्ली. किंग्स इलेवन पंजाब (Kings XI Punjab) के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी (Mohammad Shami) फिटनेस को लेकर काफी सजग हैं. वह अक्सर सोशल मीडिया पर अपने वर्कआउट की तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करते रहते हैं. हाल ही में शमी ने कपिंग थेरेपी सेशन की तस्वीर अपने ऑफिशियल टि्वटर अकाउंट पर शेयर की है. यह थेरेपी शमी ने दुबई (Dubai) में ली. इस तस्वीर को शेयर करते हुए शमी ने लिखा, 'कपिंग के बाद काफी रिलेक्स महसूस कर रहा हूं?' कपिंग थेरेपी पिछले काफी वक्त से सेलिब्रिटीज के बीच फेमस है. माइकल फेलप्स, नेमार, एंथोनी जोशुआ, किम कादर्शियां जैसे कई सेलिब्रिटीज इस थेरेपी को ले चुके हैं.

क्या है कपिंग थेरेपी
कपिंग थेरेपी खिलाड़ियों और एंटरटेंमेंट जगत के सेलिब्रिटीज के बीच काफी मशहूर है. इस थेरेपी का इस्तेमाल आमतौर पर दर्द के इलाज में किया जाता है. कपिंग थेरेपी एक चाइनीज थेरेपी है, इसमें कप में वेक्यूम बनाकर शरीर के कुछ हिस्सों पर कुछ समय तक के लिए लगाया जाता है. सक्शन के साथ ब्लड सर्कुलेशन के जरिये इस थेरेपी से जरिये कई तरह के इलाज किए जाते हैं.

कहां से हुई इस थेरेपी की शुरुआत:
माना जाता है कि कपिंग थेरेपी की शुरुआत करीब 2000 साल पहले चीन में हुई थी. यह एक पारंपरिक और प्राचीन चिकित्सीय पद्धति है. कपिंग को अरबी संस्कृति में हिजामा के नाम से जाना जाता है.



किन-किन चीजों से बनते हैं कप:
ग्लास
बांस
मिट्टी
सिलिकॉन



कितनी तरह की होती है कपिंग थेरेपी:
कपिंग थेरेपी तीन तरह की होती है- ड्राय, वेट और फायर.

ड्राय कपिंग में खाली कप को त्वचा पर कुछ इस तरह से सेट किया जाता है, जिससे कप के अंदर वैक्यूम बने. इससे शरीर के अंदर दूषित खून एक जगह पर एकत्रित होता है, जिसे बाद में चीरा लगाकर निकाल दिया जाता है.

वेट कपिंग में अलग-अलग तरह के तेलों में पहले कप को डुबोया जाता है. इसके बाद इन कपों को त्वचा पर रखा जाता है. खिंचाव आने की वजह से इस पद्धति के जरिये दर्द में आराम मिलता है और बॉडी रिलेक्स होती है.

फायर कपिंग में रुई के गोले को अल्कोहल में डुबोकर पहले उसमें आग लगाई जाती है. इसके बाद इस आग से निकला धुंआ कप में डाला जाता है. फिर इन कप्स को कमर और कंधे पर लगाया जाता है. धुएं के दवाब की वजह से त्वचा कप के अंदर की तरफ खिंचती है. फायर कपिंग के जरिये त्वचा से जुड़ी परेशानियों को दूर किया जाता है.

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कपिंग थेरेपी के फायदे:
कपिंग थेरेपी के जरिये एंटी एजिंग, ब्लड सर्कुलेशन का ठीक होना, दर्द से आराम, तनाव से मुक्ति, शरीर का डिटोक्सीफिकेशन, स्किन ब्यूटीफिकेशन जैसे फायदे मिलते हैं. कमर दर्द, स्लिप डिस्क,सर्वाइकल डिस्क, पैरों की सूजन और झनझनाहट जैसी समस्याओं में यह थेरेपी काफी फायदेमंद है. इस थेरेपी से बॉडी रिलेक्स होती है.



किन-किन सेलिब्रिटीज ने ली है यह थेरेपी
प्रोफेशनल बॉक्सर एंथोनी जोशुआ, अमेरिकी स्विमर माइकल फेल्प्स, फुटबॉलर नेमार, जिमनास्ट अलेक्जेंडर नाडौर, नताली कफलिन, इंग्लैंड के स्पिन गेंदबाज मोईन अली, किम कादर्शियां,
पद्म लक्ष्मी, दिशा पाटनी, उर्वशी रौतेला, बानी जे, विद्युत जामवाल, विक्टोरिया बेकहम, जस्टिन बीबर, टेनिस खिलाड़ी एलेक्जेंडर डोलगोपोलोव जैसे कई दिग्गज सेलिब्रिटीज इस थेरेपी को ले चुके हैं. इन सेलिब्रिटीज ने इस थेरेपी को लेते हुए या इसके बाद अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी शेयर की थीं.
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