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IPL 2020: मेडिकल एक्सपर्ट्स का दावा, कोरोना से उबरने के बाद भी खिलाड़ियों पर बना रहेगा खतरा

IPL 2020: मेडिकल एक्सपर्ट्स का दावा, कोरोना से उबरने के बाद भी खिलाड़ियों पर बना रहेगा खतरा
IPL 2020: दीपक चाहर को हुआ था कोरोना

आईपीएल (IPL) की टीम चेन्नई सुपर किंग्स (Chennai Super Kings) के दो खिलाड़ी दीपक चाहर (Deepak Chahar) और रितुराज गायकवाड़ का कोरोना टेस्ट नेगेटिव आाया था लेकिन उनका खेलना जोखिम भरा हो सकता है

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 7, 2020, 1:31 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) के साए में आईपीएल (IPL) के आयोजन को लेकर बीसीसीआई (BCCI) के सामने काफी चुनौतियां हैं. चेन्नई सुपर किंग्स (Chennai Super Kings) की टीम के दीपक चाहर (Deepak Chahar) और ऋतुराज गायकवाड़ (Rituraj Gaikwad) को कोरोना होने की खबर ने सबको हैरान कर दिया था. दोनों खिलाड़ी उबर चुके हैं लेकिन मेडिकल एक्टपर्ट्स के मुताबिक खिलाड़ियों का नेगेटिव कोरोना टेस्ट इस बात की गारंटी नहीं है कि वह पूरी तरह फिट हो गए हैं. दुनिया भर में खिलाड़ियों के शरीर पर इस वायरस के असर को लेकर स्टडी की जा रही हैं.

खिलाड़ियों के फेफड़ों और दिल पर पड़ेगा असर
बीसीसीआई (BCCI) के सूत्रों ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि कि कारडिया टेस्ट से पता लगाया जा रहा है कोरोना से उबरने वाले खिलाड़ी किस हद तक रिकवर हो चुके हैं औऱ वायरस ने उनके शरीर के किस हिस्से पर असर डाला है. ऐसा इसलिए क्योंकि कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक शरीर से जाने के बाद भी वायरस का असर फेफड़ों पर देखा जा सकता है. हालांकि कोई भी पुख्ता तौर पर यह नहीं बता पाया है कि कोविड-19 का एथलीट के दिल और फेफड़ों पर कितना असर पड़ेगा. कुछ मामलों में बिना लक्षण के पॉजिटिव पाए गए लोगों में दिल की कुछ बीमारियों के लक्षण मिले हैं.

खिलाड़ियों को कम से कम 15 दिन तक रहना होगा क्वारंटीन
साल 2011 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम के हाई परफॉरमेंस के मुताबिक खिलाड़ियों को वापसी की जल्दी नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा, 'यह जीने-मरने का सवाल है. सिर्फ एक सट्रेस टेस्ट से खिलाड़ी के पूरी तरह ठीक होने का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता. हमें समझना होगा कि यह कि यह एक इंजरी की तरह है. इस बार आईपीएल काफी ज्यादा तापमान वाली जगह खेला जाएगा. आईपीएल में खिलाड़ियों पर काफी दबाव होगा. तेज गेंदबाज जिस तरह का दबाव इस दौरान झेलते हैं उसमें कोविड-19 से उबरने के बाद कैसे काम करेगी हम नहीं जानते. हमें रिकवरी के लिए अच्छी मेडिकल टीम की जरूरत है. दुनिया भर में इसे लेकर शोध हो रहे हैं.'



श्रीराम ने कहा कि जैसे डॉक्टर कह रहे हैं और स्टडी सामने आई है उसके मुताबिक खिलाड़ियों को नेगेटिव टेस्ट होने के बाद भी कम से कम दो हफ्ते तक क्वारंटीन में ही रहना चाहिए. उन्होने कहा, 'पहले शरीर को स्थिर होने देने की जरूरत है. इसके बाद आराम से मॉनिटर करते हुए खिलाड़ियोम के इसीजी और बल्ड टेस्ट किए जाने चाहिए जिससे खिलाड़ियों की रिकवरी के बारे में पता चल सके. बाद में पछताने से बेहतर है कि पहले समझदारी दिखाएं.
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