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IPL 2020: 12 साल की उम्र में मजदूरी की, अब ऋषभ पंत को किया बोल्ड, कुंबले ने किया सलाम

IPL 2020: रवि बिश्नोई ने लिया ऋषभ पंत का विकेट
IPL 2020: रवि बिश्नोई ने लिया ऋषभ पंत का विकेट

किंग्स इलेवन पंजाब के युवा लेग स्पिनर रवि बिश्नोई (Ravi Bishnoi) ने दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ अपना आईपीएल डेब्यू किया और पहले ही मुकाबले में उन्होंने गजब का प्रदर्शन किया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 21, 2020, 8:09 PM IST
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नई दिल्ली. इंडियन प्रीमियर लीग 2020 के दूसरे मुकाबले में एक ऐसे युवा खिलाड़ी को मौका मिला, जिसका भविष्य बेहद ही उज्ज्वल नजर आ रहा है. ये ऐसा गेंदबाज है जिसके लिए अनिल कुंबले जैसा दिग्गज खड़े होकर तालियां बजाता दिखा. यही नहीं इस गेंदबाज ने देश के सबसे विस्फोटक बल्लेबाजों में से एक ऋषभ पंत को चारों खाने चित कर दिया. बात हो रही है रवि बिश्नोई (Ravi Bishnoi) की, जो रविवार को किंग्स इलेवन पंजाब के लिए आईपीएल में अपना डेब्यू मैच खेले.

बिश्नोई ने दिखाया फिरकी का जलवा
अंडर 19 वर्ल्ड कप में जबर्दस्त प्रदर्शन करने वाले लेग स्पिनर रवि बिश्नोई (Ravi Bishnoi) पर पंजाब के कोच अनिल कुंबले ने भरोसा जताया और उन्हें डेब्यू का मौका दिया. बिश्नोई ने कुंबले को जरा भी निराश नहीं किया. बिश्नोई ने श्रेयस अय्यर और ऋषभ पंत जैसे बल्लेबाजों को अपनी फिरकी पर छकाया और 4 ओवर में महज 22 रन दिये. बिश्नोई ने अपना पहला आईपीएल शिकार ऋषभ पंत को बनाया. पंत ने बिश्नोई की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की लेकिन गेंद उनका विकेट ले उड़ी. जैसे ही बिश्नोई के चार ओवर खत्म हुए कोच अनिल कुंबले उनके लिए तालियां बजाते हुए दिखे.







बिश्नोई ने क्रिकेट खेलने के लिए मजदूरी की!
बता दें रवि बिश्नोई को किंग्स इलेवन पंजाब ने आईपीएल में 2 करोड़ की बड़ी कीमत पर खरीदा है. जोधपुर में परिवार के साथ रहने वाले इस गेंदबाज ने क्रिकेट खेलने के लिए महज 12 साल की उम्र में मजदूरी की है. बिश्नोई ने क्रिकेट खेलने के लिए एक एकेडमी की निर्माण कार्य में हिस्सा लिया. बता दें जोधपुर में शाहरुख पठान और प्रद्योत सिंह नाम के दो दोस्तों ने एकेडमी खोलने का फैसला किया. उनके पास ऐसा करने के लिए बहुत ज्यादा पैसे नहीं थे, ऐसे में उन्होंने किसी तरह एकेडमी बनाने की शुरुआत की. बजट कम था तो इन्होंने खुद ही मजदूरी का काम शुरू किया. रवि (Ravi Bishnoi) भी उन लोगों में शामिल थे जो कंधे पर सीमेंट का बैग लादकर एकेडमी पहुंचाते , पत्थर तोड़ते थे. उनकी मजदूरी करने से जो पैसे बचे उससे एक्सपर्ट्स को बुलाकर पिच तैयार की गई थी.
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