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    चाइनीज मोबाइल का विज्ञापन करके फंसे गांगुली, ट्रोलर्स ने कहा- ये शर्म की बात है

    सौरव गांगुली बुरी तरह से ट्रोल हो रहे हैं (फाइल फोटो)
    सौरव गांगुली बुरी तरह से ट्रोल हो रहे हैं (फाइल फोटो)

    लद्दाख सीमा पर भारत और चीन के बीच हुए तनाव के बाद से भी देशभर में चीनी प्रोडक्‍ट्स का बहिष्‍कार किया जा रहा है. बीसीसीआई (BCCI) ने भी आईपीएल (IPL 2020) का 13वां सीजन शुरू होने से पहले मुख्‍य प्रायोजक वीवो से करार तोड़ दिया था

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 21, 2020, 7:04 PM IST
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    नई दिल्‍ली. लद्दाख सीमा पर भारत और चीन (India vs China) के बीच हुए तनाव और गलवान घाटी में भारतीय सेना के साथ हुई हिंसक झड़प के बाद से ही देशभर में चीन के खिलाफ गुस्सा है. लोग चीन के बने प्रोडक्टस का लगातार बहिष्कार कर रहे हैं. बीते महीने लोगों ने चाइनीज प्रोडक्टस का होलिका दहन तक किया था.

    यही नहीं खेल की दुनिया में भी भारत ने चीन का बहिष्‍कार किया था. चीनी कंपनी से खेल का सामान लेने से मना कर दिया था. आईपीएल की मुख्‍य प्रायोजक वीवो से भी करार तोड़ लिया था. बीसीसीआई और चीनी कंपनी ने साल 2020 के लिए अपना करार सस्पेंड कर दिया. मगर अब बीसीसीआई अध्‍यक्ष सौरव गांगुली (Sourav Ganguly) चाइनीज मोबाइल फोन का विज्ञापन करके बुरी तरह से फंस गए हैं.


    दरअसल गांगुली ने बुधवार को एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह चाइनीज मोबाइल रेडमी का विज्ञापन करते नजर आ रहे हैं. बस फिर क्‍या था उन्‍हें चाइनीज मोबाइल के विज्ञापन में देखकर फैंस भड़क गए और उन्‍हें यह विज्ञापन छोड़ने तक की सलाह दे डाली.





    एक फैन ने लिखा कि यह शर्म की बात है कि आप निजी तौर पर चाइनीज ब्रांड को प्रमोट कर रहे हैं. एक फैन ने गांगुली से कहा कि हमें आपसे यह उम्‍मीद नहीं थी. दरअसल रेडमी फोन चाइनीज कंपनी शियोमी का सब ब्रांड है.

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    साल 2017 में वीवो ने आईपीएल के अगले पांच सीजन के लिए 2199 करोड़ रुपये में बीसीसीआई से करार किया था. 2012-17 के करार के मुकाबले ये 454 फीसदी ज्यादा रकम थी. वीवो से करार के तहत बीसीसीआई को हर साल 440 करोड़ रुपये मिलने थे, मगर इस साल बीसीसीआई ने वीवो से यह करार तोड़कर ड्रीम 11 से कर लिया था.
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