IPL 2021: पृथ्वी शॉ ऑस्ट्रेलिया में ड्रॉप होने से चिंतित थे, तकनीक में बदलाव करके फॉर्म में लौटे

पृथ्वी शॉ ने दिल्ली कैपिटल्स के लिए आईपीएल 2021 के पहले मैच में 38 गेंद में 72 रन की पारी खेली थी. (PIC:PTI)

पृथ्वी शॉ ने दिल्ली कैपिटल्स के लिए आईपीएल 2021 के पहले मैच में 38 गेंद में 72 रन की पारी खेली थी. (PIC:PTI)

युवा भारतीय बल्लेबाज पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) ने कहा कि पिछले साल ऑस्ट्रेलिया दौरे (Indias Tour of Australia) पर खराब फॉर्म के कारण टीम से बाहर होने के बाद उन्हें अपनी तकनीक की चिंता होने लगी थी. हालांकि, भारत लौटने के बाद उन्होंने तकनीक में मामूली बदलाव किया और विजय हजारे ट्रॉफी में 827 रन बनाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 19, 2021, 1:33 PM IST
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नई दिल्ली. युवा भारतीय बल्लेबाज पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) ने कहा कि पिछले साल ऑस्ट्रेलिया दौरे (Indias Tour of Australia) पर खराब फॉर्म के कारण टीम से बाहर होने के बाद उन्हें अपनी तकनीक को लेकर चिंता होने लगी थी. शॉ को पिछले दिसंबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड में हुए पहले टेस्ट की दोनों पारियों में फेल होने के बाद टीम से ड्रॉप कर दिया गया था. शॉ टेस्ट की पहली पारी में शून्य और दूसरी में 4 रन पर आउट हुए थे. दोनों ही मौकों पर उन्हें तेज गेंदबाजों ने बोल्ड किया था. हालांकि, टीम से बाहर होने के बाद इस बल्लेबाज ने हार नहीं मानी और अपने खेल में कुछ जरूरी तकनीक बदलाव किए. इसका असर इस साल आईपीएल और इससे पहले हुए घरेलू वनडे टूर्नामेंट विजय हजारे ट्रॉफी में नजर भी आया.

21 साल के शॉ ने विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई की कप्तानी करते हुए शानदार बल्लेबाजी की. उन्होंने टूर्नामेंट में 165 से ज्यादा के औसत से 827 रन बनाए. वो इस टूर्नामेंट के इतिहास में 800 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज भी बने. उन्होंने एक दोहरे शतक के साथ चार सेंचुरी जड़ी. शॉ ने इसी फॉर्म को आईपीएल 2021 में भी बरकरार रखा है. वो अब तक 3 मैच में 176 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 106 रन बना चुके हैं. इसमें चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ ओपनिंग मैच में 38 गेंद में खेली गई 72 रन की पारी भी शामिल है. उन्होंने रविवार को पंजाब किंग्स के खिलाफ भी 17 गेंद पर 32 रन बनाए थे.

ऑस्ट्रेलिया से लौटने के बाद अपनी बल्लेबाजी में मामूली बदलाव किया: शॉ

शॉ ने आगे कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट के बाद टीम से ड्रॉप होने के बाद मुझे अपनी तकनीक की चिंता होने लगी थी. मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं बार-बार क्यों बोल्ड हो रहा हूं. फिर चाहें छोटी सी गलती के कारण क्यों न ऐसा हो रहा था. मैं इसे दूर करना चाहता था. मैंने वहीं इस पर काम शुरू कर दिया था. बल्लेबाजी के दौरान मैंने अपने मूवमेंट को नियंत्रित किया. ऑस्ट्रेलिया से लौटने के बाद मैंने अपने कोच प्रशांत शेट्टी सर और प्रवीण आमरे सर से बात की. विजय हजारे ट्रॉफी खेलने से पहले उनके साथ नेट्स पर काम किया. उनके सुझाव के बाद मैंने बल्लेबाजी में मामूली बदलाव किया और फिर टूर्नामेंट में अपना स्वाभाविक खेल खेला.
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पोंटिंग मुझे बेफिक्र होकर खेलने की छूट देते हैं

शॉ ने दिल्ली कैपिटल्स के कोच रिकी पोंटिंग की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि पोंटिंग मुझे बेफिक्र से खेलने की छूट देते हैं. इसी कारण से मैं इस बार बेखौफ होकर खेल पा रहा हूं और टीम को ठोस शुरुआत दिलाने में सफल हो रहा हूं. मेरी कोशिश रहती है कि पावरप्ले के 6 ओवर में ज्यादा से ज्यादा रन बना सकूं. क्योंकि बाद में खेलना थोड़ा मुश्किल हो रहा है.
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