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Net Run Rate Explainer: नेट रन रेट क्या है और इसकी गिनती कैसे की जाती है?

आईपीएल 2022 के आखिरी हफ्ते में नेट रन रेट की अहमियत बढ़ गई है.

आईपीएल 2022 के आखिरी हफ्ते में नेट रन रेट की अहमियत बढ़ गई है.

Net Run Rate Explainer: आईपीएल 2022 में प्लेऑफ के समीकरण उलझता हुआ दिख रहा है और इसके साथ ही नेट रन रेट की अहमियत बढ़ गई है. प्लेऑफ की चौथी टीम का फैसला नेट रन रेट से हो सकता है. आखिर नेट रन रेट होता क्या है? इसका कैसे कैलकुलेशन होता है? आइए इसे समझते हैं.

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नई दिल्ली. आईपीएल 2022 का लीग स्टेज अब खत्म होने को है. फिर भी प्लेऑफ की तस्वीर साफ नहीं है. अब तक सिर्फ गुजरात टाइटंस की जगह प्लेऑफ में पक्की है. राजस्थान रॉयल्स और लखनऊ सुपरजायंट्स प्लेऑफ में एंट्री पाने वाली दो अन्य तगड़ी दावेदार हैं. आईपीएल के प्लेऑफ में अक्सर नेट रन रेट बड़ी भूमिका निभाता है, जो आकाश चोपड़ा की मानें तो मुश्किल से समझ में आता है. आकाश चोपड़ा ने राजस्थान रॉयल्स और लखनऊ सुपरजायंट्स के मुकाबले के दौरान बीसीसीआई से यह तक मांग कर डाली कि लीग में बड़ी जीत पर बोनस अंक देने की शुरुआत कर देनी चाहिए ताकि नेट रन रेट की उलझन से बचा जा सके. इस लेख में हम इसी मसले पर बात करेंगे कि नेट रन रेट क्या है और इसकी गणना कैसे की जाती है?

अगर आईपीएल 2022 के पॉइंट्स टेबल पर नजर डालें, तो गुजरात के 18 अंक हैं. लखनऊ सुपरजायंट्स और राजस्थान रॉयल्स के 16-16 अंक हैं. रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के 14 अंक हैं. वहीं, तीन टीमों दिल्ली कैपिटल्स, कोलकाता नाइट राइडर्स और पंजाब किंग्स के बराबर 12-12 अंक हैं. अगर बैंगलोर अपना मुकाबला हार जाए तो 14 अंक से भी प्लेऑफ का रास्ता खुल सकता है. ऐसा होने पर बेहतर नेट रन रेट  वाली टीम अगले राउंड में जगह बनाएगी. आखिर नेट रन रेट क्या होता है और टीमें अपना रन रेट कैसे बेहतर कर सकती हैं? यह सिलसिलेवार ढंग से समझते हैं.

नेट रन रेट क्या है?
नेट रन रेट को आसान भाषा में अगर समझें तो इसका मतलब यह है कि कोई टीम कितनी आसानी या मुश्किल से जीत दर्ज करती है. जितनी बड़ी जीत, उतना बेहतर नेट रन रेट. इसके निकालने का तरीका आसान है. इसके लिए किसी टीम के बल्लेबाजी रन रेट (कितने रन बनाए/कितने ओवर खेले) को उसकी गेंदबाजी रन रेट (कितने रन दिए/कितने ओवर फेंके) से घटाया जाता है. इसे एक उदाहरण से समझ सकते हैं. मान लीजिए आईपीएल में ही किसी टीम ने 20 ओवर में 180 रन बनाए और फिर गेंदबाजी करते हुए 20 ओवर में 140 रन ही दिए, तो उसका नेट रन रेट 2 होगा.

Net Run Rate

Net Run Rate

यह कैसे होगा आपको समझाते हैं? ऊपर दिए गए उदाहरण में बैटिंग रन रेट 9 होगा क्योंकि टीम ने 20 ओवर में 180 रन बनाए हैं. उसका बॉलिंग रन रेट 7 होगा क्योंकि उसने 20 ओवर में 140 रन खर्च किए. अब अगर बैटिंग रन रेट में से बॉलिंग रन रेट को घटा देंगे. तो नेट रन रेट हासिल हो जाएगा (बैटिंग रन रेट 9- बॉलिंग रन रेट 7= 2) और इस सूरत में यह 2 होगा.

जब कोई टीम पूरे ओवर खेले बिना आउट हो जाए, तब क्या होगा?
अगर कोई टीम निर्धारित ओवर से पहले ही ऑल आउट हो जाती है, तो भी नेट रन रेट का कैलकुलेशन उसके फुल कोटा के ओवर के आधार पर ही होगा. इसे एक उदाहरण से समझते हैं. आईपीएल 2022 का 59वां मुकाबला चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के बीच हुआ था. चेन्नई की टीम 16 ओवर में 6.06 के रन रेट से 97 रन बनाकर ऑल आउट हो गई. लेकिन नेट रन रेट के कैलकुलेशन के लिए चेन्नई का बैटिंग रन रेट रेट 4.85 माना जाएगा (97 रन/20 ओवर=4.85). यानी बैटिंग रन रेट को निकालने के लिए टीम के कोटे के 20 ओवर को ही आधार माना जाएगा.

क्रिकइंफो के मुताबिक ऐसा इसलिए किया जाता है कि ताकि किसी भी टीम को भी जल्दी आउट होने का फायदा न मिले. ऐसी परिस्थिति की कल्पना कीजिए जहां टीम ‘ए’ नतीजे की परवाह किए बगैर अपना नेट रन रेट बेहतर करना चाहती है. ऐसे में यह टीम नेट रन रेट को बेहतर करने के लिए 6 ओवर में 60 रन बनाकर आउट हो जाती है. अगर टीम ‘बी’ 12 ओवर में मैच जीत लेती है, तो भी मैच हारने के बावजूद टीम ‘ए’ का नेट रन रेट टीम ‘बी’ से दोगुना हो जाएगा, अगर नेट रन रेट टीम द्वारा खेले गए ओवर के आधार पर निकाला जाएगा. इन्हीं सब समीकरणों को ध्यान में रखते हुए ही नेट रन रेट का कैलकुलेशन कुल ओवर के आधार पर किया जाता है. ताकि जीतने वाली टीम का नेट रन रेट हमेशा ही हारने वाली टीम से ऊपर या बेहतर रहे और यह सही भी है.

Net Run Rate.

ऊपर दिए गए उदाहरण के आधार पर, टीम A का मैच का NRR-3.1 (60/20-61/12) होगा, जबकि टीम B का NRR +3.1 होगा.

DLS के इस्तेमाल की सूरत में क्या होगा?
अगर किसी मैच में बारिश या किसी दूसरे कारण से बाधा पहुंचती है, तो नेट रन रेट का निर्धारण वास्तविक स्कोर की बजाय, पार स्कोर (डीएलएस लगने के बाद निर्धारित स्कोर) के आधार पर होगा. उदाहरण के लिए अगर टीम ‘ए’ 20 ओवर में 180 रन बनाती है और बारिश होने के कारण टीम ‘बी’ का लक्ष्य 15 ओवर में 151 रन कर दिया जाता है, तो नेट रन रेट का निर्धारण भी 15 ओवर में बनाए गए रनों के आधार पर ही होगा.

वेबसाइट क्रिकइंफो के एक और उदाहरण से समझते हैं. मान लीजिए टीम ‘ए’ ने 20 ओवर में 180 रन बनाए और बारिश के कारण मैच रद्द होने के वक्त टीम ‘बी’ का स्कोर 10 ओवर में 2 विकेट पर 87 रन था. मान लें कि 2 विकेट गिरने के बाद पार स्कोर 82 रन था. इस सूरत में टीम ‘बी’ यह मुकाबला 5 रन से जीत लेगी और नेट रन रेट के लिए टीम ‘ए’ का स्कोर 10 ओवर में 82 रन माना जाएगा. यह फिर से सुनिश्चित करता है कि जीतने वाली टीम का इस मैच में नेट रन रेट हारने वाली टीम से ऊपर या बेहतर है. अगर आपने टीम के ‘ए’ के फाइनल स्कोर यानी 20 ओवर में 180 रन के आथार पर नेट रन रेट की गणना की होती, तो ऐसा नहीं होता.

नेट रन रेट बढ़ाने के लिए पहले बल्लेबाज़ी या गेंदबाज़ी? क्या सही है
इस सवाल का कोई साफ जवाब नहीं हो सकता है. ऐसा भी हो सकता है कि कोई टीम पहले बल्लेबाज़ी करते हुए निर्धारित ओवर में तेज़ गति से रन बनाते हुए एक बड़ा स्कोर खड़ा करे और अपना रन रेट बढ़ाए. वहीं दूसरी ओर रन चेज टीम को यह मौका देता है कि वो कम ओवर में तय लक्ष्य को हासिल करने के साथ अपने नेट रन रेट में जरूरी सुधार भी करे.

उदाहरण के तौर पर एक दिन पहले आईपीएल 2022 में कोलकाता नाइट राइडर्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच टक्कर हुई. इस मैच से पहले तक केकेआर का नेट रन रेट -0.057 था. लेकिन केकेआर ने हैदराबाद के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 6 विकेट खोकर 177 रन बनाए और फिर हैदराबाद को 123 रन पर रोकते हुए 54 रन से जीत हासिल की. इससे केकेआर अंक तालिका में छठे स्थान पर आ गया और उसका नेट रन रेट 0.160 हो गया. जो चौथे स्थान पर काबिज आरसीबी (-0.323) से भी बेहतर है. वहीं, इस हार के बाद हैदराबाद का नेट रन रेट -0.270 हो गया और प्लेऑफ के लिए बची 8 टीमों में से वो सबसे निचली पायदान पर पहुंच गया.

क्या नेट रन रेट कैलकुलेट करने में विकेट मायने रखता है?
नहीं, विकेट लेने या खोने से नेट रन रेट पर कोई फर्क नहीं पड़ता है. यही इस सिस्टम या प्रोसेस की सबसे बड़ी खामी है. वनडे क्रिकेट में टीमों को इसका ज्यादा खामियाजा उठाना पड़ता है. जहां टी20 की तुलना में अधिक ओवर से जीत दर्ज करने के बावजूद जब टीम की किस्मत का फैसला नेट रन रेट के आधार पर होता है तो उसे नुकसान उठाना पड़ जाता है.

इसे एक उदाहरण से समझते हैं. 2015 वन डे विश्व कप में न्यूज़ीलैंड ने ऑस्ट्रेलिया को 32.2 ओवर में 151 रन पर ऑल आउट कर 152 रन के लक्ष्य को 23.1 ओवर में ही हासिल कर लिया था. हालांकि इस टारगेट को हासिल करने में उसने 9 विकेट खो दिए थे. लेकिन इसका कोई ख़ास फर्क नेट रन रेट पर नहीं पड़ा. इस मैच में जीत दर्ज करने से उसका नेट रन रेट बढ़कर 3.54 हो गया. ऐसा इसलिए क्योंकि न्यूजीलैंड ने 6.56 रन प्रति ओवर के रन रेट से 23.1 ओवर में 152 रन बनाए थे और 50 ओवर में 3.02 के रन रेट के हिसाब से 151 रन दिए थे.

Tags: ICC Rules, IPL 2022, IPL Playoff, Ipl points table

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