आईपीएल के ऐसे-ऐसे रिकॉर्ड जो आज भी बने हुए हैं खिलाड़ियों के लिए टेढ़ी खीर!

आईपीएल के नौवें सीजन की शानदार शुरूआत हो चुकी है, लेकिन क्या आपको मालूम है कि आईपीएल के कुछ रिकॉर्ड हैं ऐसे हैं जो पहले सीजन से ही बरकरार हैं।

  • News18India
  • Last Updated: April 16, 2016, 8:24 PM IST
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नई दिल्ली। आईपीएल के नौवें सीजन की शानदार शुरूआत हो चुकी है, लेकिन क्या आपको मालूम है कि आईपीएल के कुछ रिकॉर्ड हैं ऐसे हैं जो पहले सीजन से ही बरकरार हैं। जी हां साल 2008 में आईपीएल के आगाज के साथ ही कुछ बड़े रिकॉर्ड भी बने लेकिन इतनी टीमें आईं और न जाने कितने खिलाड़ी उतरे लेकिन ये रिकॉर्ड आज भी उन्हें चिढ़ा रहे हैं। 400 से ज्यादा मैच, 8 साल का वक्त, 500 से ज्यादा खिलाड़ी होने के बावजूद कुछ रिकॉर्ड ऐसे हैं कि टूटते का नाम ही नहीं लेते।

आईपीएल यानी दुनिया के दिग्गज खिलाड़ियों का मेला। शायद ही कोई खिलाड़ी हो जो इस मेले में अपना जलवा दिखाना नहीं चाहता। चाहे किसी भी देश का कैसा भी खिलाड़ी हो वो इस मंच पर अपनी प्रतिभा का नमूना जरूर पेश करना चाहता है। क्या युवा क्या उम्र दराज। क्या मौजूदा खिलाड़ी और क्या संन्यास ले चुके दिग्गज। हर कोई इस लीग में अपना दम दिखाने के लिए आता है।

लीग में कई टीमें आई और कई चली भी गईं लेकिन कुछ कीर्तिमान ऐसे हैं जो पहले सीजन से बरकरार हैं। आप सोच रहे होंगे कि आखिर वो कौन से अद्भुत रिकॉर्ड हैं जो टूटने का नाम हीं नहीं ले रहे। तो चलिए हम आपको बारी-बारी से इन्हें गिनाते हैं।



4 मई 2008 को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेल रहे सुहेल तनवीर ने ऐसी गेंदबाजी की जो अजूबा बन गई। पाकिस्तान के इस गेंदबाज ने बाएं हाथ से ऐसे तीर चलाए कि सामने वाली टीम के 6 खिलाड़ी पवेलियन लौट गए। तनवीर ने 4 ओवर में 14 रन देखर 6 विकेट झटके और ये रिकॉर्ड आज भी नहीं टूटा। इसमें 17 डॉट बॉल भी शामिल थीं। इस दौरान पिछले 8 सीजन में 13 गेंदबाजों ने पारी में 5 विकेट लिए लेकिन 6 विकेट का आंकड़ा कोई भी नहीं छू पाया है।
आईपीएल में 200 रन का लक्ष्य हासिल करना भी आसान काम नहीं है लेकिन 24 अप्रैल 2008 को डेक्कन चार्जर्स के खिलाफ राजस्थान ने ऐसा इतिहास रचा कि जो आज तक दोबारा नहीं दोहराया गया। यूसुफ पठान और ग्रेम स्मिथ के ताबड़तोड़ अर्धशतकों की बदौलत शेन वॉर्न की सेना ने सबसे बड़े लक्ष्य का पीछा किया।

राजस्थान ने डेक्कन के खिलाफ 215 रन का लक्ष्य 1 गेंद पहले ही हासिल कर लिया जो आज भी अटूट है। अगर आईपीएल में टीमों ने 200 या फिर बडे से बड़े स्कोर का पीछा आसानी से दिया है तो दिल्ली डेयर डेविल्स की टीम कभी भी 160 से ज़्यादा रनों का पीछा पिछले 8 साल में नहीं कर पायी है।

140 रन से सबसे बड़ी जीत: टी 20 में जो स्कोर किसी टीम के लिए सम्मानजनक माना जाए अगर उतने ही रनों से मैच में जीत का नतीजा आए तो आप क्या कहेंगे लेकिन 18 अप्रैल 2008 को आईपीएल इतिहास के पहले ही मैच में यही नतीजा आया और ये सबसे पुराना रिकॉर्ड बन गया। कोलकाता नाइट राइडर्स ने पहले खेलते हुए 222 रन बनाए जवाब में बैंगलोर की टीम सिर्फ 82 रन पर सिमट गई और केकेआर ने ये मैच में रिकॉर्ड 140 रन से जीता। मैक्कलम ने इसी मैच में 73 गेंद में 158 रन की नाबाद पारी खेली थी।

87 गेंद बाकी रहते हुए जीत - 16 मई 2008 को पहले ही सीजन में मुंबई इंडियंस ने सिर्फ 5.3 ओवर में ही विजयी लक्ष्य हासिल कर लिया। कोलकाता की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 67 रन पर सिमट गई। इसके बाद मुंबई के सनथ जयसूर्या ने सिर्फ 17 गेंद में 48 रन बनाकर 14.3 ओवर बाकी रहते टीम को जीत दिला दी।

सबसे ज्यादा एक्स्ट्रा रनों का रिकॉर्ड: 20 अप्रैल 2008 को कोलकाता के खिलाफ डेक्कन चार्जर्स की टीम सिर्फ 110 रन का बचाव कर रही थी। टीम ने शुरुआती विकेट लेकर रनों पर भी लगाम लगा रखी थी लेकिन एक्स्ट्रा रन पर कोई अंकुश नहीं था। 19 ओवर के खेल में डेक्कन की तरफ से 28 रन एक्स्ट्रा थे जो कोलकाता की पारी का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर था। इसमें 15 वाइड और 1 नो बॉल भी शामिल थी। यानी डेक्कन की टीम ने करीब 3 ओवर एक्स्ट्रा फेंके और इस अद्भुत रिकॉर्ड के साथ जीती हुई बाजी गंवा दी
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