संन्यास के मामले में क्‍या सचिन और कपिल की राह पर चल रहे हैं धोनी?

सचिन तेंदुलकर और कपिल देव के पास भी संन्यास लेने का बेहतरीन मौका आया था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और खेलते रहे. जिसके बाद उनका प्रदर्शन कुछ ऐसा रहा

News18Hindi
Updated: July 19, 2019, 11:13 AM IST
संन्यास के मामले में क्‍या सचिन और कपिल की राह पर चल रहे हैं धोनी?
सचिन तेंदुलकर और कपिल देव के पास भी संन्यास लेने का बेहतरीन मौका आया था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और खेलते रहे. जिसके बाद उनका प्रदर्शन कुछ ऐसा रहा
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Updated: July 19, 2019, 11:13 AM IST
वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में भारत का सफर खत्म होने के बाद से भी एमएस धोनी के संन्यास की चर्चा तेज होने लगी.  वेस्टइंडीज दौरे के लिए वें टीम में होंगे या नहीं, इसे भी उनके संन्यास से जोड़ा जाने लगा. हालांकि स्थिति अभी भी कुछ साफ नहीं है. एक तरफ माना जा रहा है कि वह आने वाले कुछ दिनों में अपने करियर पर फैसला ले सकते हैं तो दूसरी तरफ माना जा रहा है कि वह अगले टी20 वर्ल्ड कप तक खेलते रहेंगे. इन सबसे बीच ये तो तय है कि धोनी का क्रिकेट काे अलविदा कहने का समय ज्यादा दूर नहीं है, लेकिन वह कब मैदान को अलविदा कहेंगे, इस तारीख का निर्धारित होना बाकी है.

एक सवाल यहां यह भी उठ रहा है कि संन्यास के मामले में कहीं वो सचिन तेंदुलकर और कपिल देव की राह पर तो नहीं चल रहे है.  दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक धोनी को इन दोनों दिग्गज क्रिकेटर्स की राह पर चलने से बचना चाहिए.

फिनिश नहीं कर पा रहे हैं धोनी

एमएस धोनी (फाइल फोटो)


इस विश्व कप में धाेनी ने कुल 272 रन बनाए,  जो रोहित शर्मा, विराट कोहली और केएल राहुल के बाद सबसे ज्यादा हैं. लेकिन इसके बावजूद उनमें अब वो पुरानी धार नजर नहीं आ रही है. वो पांचवें और छठें नंबर पर तेजी से रन नहीं बना पा रहे और न ही मैच फिनिश कर पा रहे हैं और उनके पास इस वर्ल्ड कप के बाद क्रिकेट काे अलविदा कहने का मौका था.

खबर के अनुसार 2011 वर्ल्ड कप जीतने के बाद सचिन तेंदुलकर के पास क्रिकेट को अलविदा कहने का सबसे बेहतरीन मौका था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और उसके बाद 21 वनडे और 23 टेस्ट मैच खेले. इन वनडे मैचों में उनकी औसत सिर्फ 39.33 की रही, जबकि टेस्ट में वह 33 की औसत से रन बना पाए.

 
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कपिल देव का भी गिरता गया प्रदर्शन 

सचिन तेंदुलकर से पहले कपिल देव ने भी ऐसा किया. 1988 में  वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बनने के बाद उनके पास संन्यास लेने का मौका था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और इयान बॉथम और रिचर्ड हेडली का रिकॉर्ड  तोड़ने के लिए और चार साल खेले. नतीजा यह निकला कि इन चार सालों में उन्होंने 14 मैच में सिर्फ 27 विकेट ही लिए.

 

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First published: July 19, 2019, 11:13 AM IST
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