23 हजार से ज्यादा रन बनाए, लपके 1658 कैच, संन्यास के बाद बन गया पेंटर

23 हजार से ज्यादा रन बनाए, लपके 1658 कैच, संन्यास के बाद बन गया पेंटर
एक विकेटकीपर जो रिटायर होने के बाद बन गया पेंटर!

इंग्लैंड (England National Cricket Team) के इस विकेटकीपर ने 10 सालों तक इंटरनेशनल क्रिकेट खेला और संन्यास के बाद वो पेंटर बन गया

  • News18Hindi
  • Last Updated: June 10, 2020, 10:00 PM IST
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नई दिल्ली. क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कई खिलाड़ी कोच बन जाते हैं, कुछ कमेंट्री करने लगते हैं या फिर वो किसी मीडिया हाउस से जुड़कर उनके स्पोर्ट्स एक्सपर्ट के तौर पर नजर आते हैं. हालांकि हर क्रिकेटर की किस्मत ऐसी नहीं होती, उन्हें ये खेल छोड़कर अपना गुजारा किसी और काम को करते हुए करना पड़ता है. भारत में क्रिकेट खिलाड़ी करोड़ों कमाते हैं और संन्यास के बाद वो चाहें तो काम ना भी करें तो भी उनकी जिंदगी अच्छी कटती है लेकिन विदेश में ऐसा नहीं होता. न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों को ही देख लीजिये, रिटायरमेंट के बाद ये खिलाड़ी अलग नौकरियां करते नजर आते हैं. कुछ ऐसा ही इंग्लैंड के एक बड़े विकेटकीपर के साथ भी है. बात हो रही है जैक रसेल (Jack Russell) की, जिन्होंने इंग्लैंड के लिए 10 सालों तक इंटरनेशनल क्रिकेट खेला, लेकिन आज वो एक पेंटर हैं.

जैक रसेल का करियर
जैक रसेल (Jack Russell) आखिरी एक क्रिकेटर से प्रोफेशनल पेंटर कैसे बन गए, ये कहानी बेहद दिलचस्प है. लेकिन पहले ये जान लीजिए कि आखिर रसेल ने इंटरनेशनल क्रिकेट में इंग्लैंड की किस तरह सेवा की. जैक रसेल ने इंग्लैंड के लिए 54 टेस्ट मैचों में 27.10 की औसत से 1897 रन बनाए. रसेल ने अपने टेस्ट करियर में दो शतक और छह अर्धशतक लगाए. वहीं उन्होंने इंग्लैंड के लिए 40 वनडे मैचों में महज 17.62 की औसत से 423 रन बनाए. रसेल वनडे क्रिकेट में एक भी शतक नहीं लगा सके. वैसे रसेल अपनी बल्लेबाजी से ज्यादा, विकेटकीपिंग के लिए जाने जाते थे. रसेल ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 194 कैच लपके और 18 स्टंप किये.

ग्लूस्टरशायर के लिए काउंटी क्रिकेट खेलने वाले रसेल (Jack Russell) ने 465 फर्स्ट क्लास और 479 लिस्ट ए मैच खेले. जिसमें उनके बल्ले से 23 हजार से ज्यादा रन निकले और उन्होंने 13 शतक ठोके. रसेल ने अपने पूरे क्रिकेट करियर में 1658 कैच लपके. उन्होंने 227 स्टंपिंग्स भी की.
जैक रसेल कैसे बने पेंटर


जैक रसेल (Jack Russell) ने अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच साउथ अफ्रीका के खिलाफ 25 अक्टूबर 1998 में खेला. रिटायरमेंट के बाद रसेल एक पेंटर बन गए. रसेल की आज ग्लूस्टरशर के चिपिंग सॉडबरी में एक आर्ट गैलरी है, जहां वो हर तरह की पेंटिंग बनाते हैं. रसेल का पेंटर बनने का सफर भी कमाल ही है. दरअसल रसेल वूस्टरशर में एक काउंटी मैच खेल रहे थे. वहां बारिश ने मैच में खलल डाला और सभी खिलाड़ी ड्रेसिंग रूम में चले गए. सभी बारिश के रुकने का इंतजार कर रहे थे लेकिन रसेल मार्केट में गए और उन्होंने एक स्केच पैड और कुछ पेंसिल खरीदी. रसेल वापस मैदान में पहुंचे और दर्शक दीर्घा से मैदान का स्केच बनाने लगे.

जैक रसेल बने प्रोफेशनल पेंटर


पाकिस्तान में चढ़ा पेंटिंग का बुखार
रसेल (Jack Russell) की पेंटिंग की शुरुआत काउंटी मैचों से हो गई थी लेकिन पाकिस्तान दौरे पर उनपर पेंटिंग का बुखार चढ़ गया. 6 हफ्ते के दौरे पर रसेल को महज 2 दिन खेलने का मौका मिला लेकिन वो इस दौरान पाकिस्तान के बाजारों में घूमकर पेंटिंग करते रहे. पाकिस्तान में जैक रसेल ने 40 पेंटिंग बनाई और ब्रिस्टल पहुंचकर उन्होंने पेंटिंग्स को प्रदर्शनी में लगा दिया और वो सभी पेंटिंग महज 2 दिन में बिक गई. रसेल 2007 में फॉरेस्ट ग्रीन रोवर्स फुटबॉल टीम के कोच भी रहे. इसके साथ-साथ वो ग्लूस्टरशर के मेंटॉर भी रहे लेकिन वो आज भी पेंटिंग के जरिए अपना जीवन काट रहे हैं.

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