Home /News /sports /

टेस्ट क्रिकेट में भारत की तरफ से पहली गेंद खेलने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज को जब मांगनी पड़ी भीख

टेस्ट क्रिकेट में भारत की तरफ से पहली गेंद खेलने वाले विकेटकीपर बल्लेबाज को जब मांगनी पड़ी भीख

भारत के पहले विकेटकीपर जर्नादन ज्ञानोबा नवेले के आखिरी दिन दर्दनाक थे.  (सांकेतिक तस्वीर-AFP)

भारत के पहले विकेटकीपर जर्नादन ज्ञानोबा नवेले के आखिरी दिन दर्दनाक थे. (सांकेतिक तस्वीर-AFP)

क्रिकेट की दुनिया में आज बेशुमार पैसा है. आईपीएल (IPL) का एक सीजन खेलकर ही कोई खिलाड़ी आसानी से करोड़पति बन जा रहा है. हालांकि जब भारत क्रिकेट ने खेलना शुरू किया था तो ऐसा नहीं था. 1983 के वर्ल्ड कप से पहले कई भारतीय क्रिकेटरों को गुमनामी और गरीबी में जीवन काटना पड़ा है. भारत के पहले विकेटकीपर जर्नादन ज्ञानोबा नवेले (Janardan Ggyanoba Navle) की दर्दनाक कहानी जानकर आपके आंखों में आंसू आ जाएंगे.

अधिक पढ़ें ...

    नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) ने 1932 में लार्ड्स के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला टेस्ट खेला था. भारत की तरफ से टेस्ट इतिहास में पहली गेंद का सामना जनार्दन ज्ञानोबा नवेले (Janardan Gyanoba Navle) ने किया. नवेले भारतीय क्रिकेट टीम के पहले टेस्ट विकेटकीपर थे. उन्होंने टीम इंडिया की तरफ से दो टेस्ट मैच खेले हैं. इस खिलाड़ी को अपने आखिरी दिन गुमनामी और भयंकर गरीबी में काटने पड़े. उनकी हालत इतनी खराब हो गई कि भीख मांगने की नौबत आ गई.

    जर्नादन ज्ञानोबा नवेले का करियर
    जर्नादन ज्ञानोबा नवेले का जन्म 7 दिसंबर 1902 में महाराष्ट्र के फूलगांव में हुआ था. उन्होंने सिर्फ 16 साल की उम्र में फर्स्ट क्लास डेब्यू कर लिया था. पांच फुट चार इंच का ये क्रिकेटर गजब का विकेटकीपर था. टेस्ट खेलने का मौका उन्हें पहली बार इंग्लैंड दौरे पर मिला. भारत के पहले टेस्ट मैच में उन्होंने पहली पारी में 12 और दूसरी पारी में 13 रन बनाए. इसके बाद वह टीम से बाहर हो गए. उन्होंने दूसरा और आखिरी टेस्ट मैच करीब डेढ़ साल बाद इंग्लैंड के खिलाफ मुंबई में खेला. दो टेस्ट मैचों में वो 42 रन बना सके. हालांकि फर्स्ट क्लास क्रिकेट में ज्ञानोबा का रिकॉर्ड अच्छा था. उन्होंने 65 मैचों में 1976 रन बनाए, जिसमें नौ अर्धशतक थे. विकेटकीपर के रूप में उन्होंने 101 कैच लिये और 36 स्टंपिंग की.

    जनार्दन पुणे के रहने वाले थे. एक किसान परिवार में उनका जन्म हुआ. वह हाईस्कूल तक पढ़े थे. क्रिकेट से अलग होने के बाद उन्होंने पुणे में एक चीनी मिल में सुरक्षा गार्ड की नौकरी कर ली. सुरक्षा गार्ड के रूप में ज्यादा पैसे नहीं मिलते थे. पुणे में उनके पास दो कमरे का एक छोटा सा फ्लैट था. धीरे-धीरे उनका अपने समकालीन क्रिकेटरों से संपर्क टूटता चला गया.

    यह भी पढ़ें:

    HBD Danish Kaneria: पाकिस्तान का हिंदू गेंदबाज जिसे अपने धर्म के चलते ड्रेसिंग रूम में सहना पड़ा अपमान

    पाकिस्‍तान दर्शकों को देगा नया लालच! टिकट सस्‍ती करने के बावजूद खाली रहा था स्‍टेडियम

    कुछ लोगों का कहना है कि आखिरी दिनों में उनके पास पैसे की घनघोर तंगी तो थी क्योंकि नौकरी से बहुत ज्यादा धन उन्होंने नहीं कमाया था. उस जमाने में भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) भी आज की तरह पुराने टेस्ट क्रिकेटरों की कोई आर्थिक मदद नहीं करता था. आखिरी दिनो में उन्हें मुंबई-पुणे हाई-वे पर भीख मांगते हुए देखा गया. इसी हालत में उनकी 7 सितंबर 1979 को पुणे में मौत हुई.

    Tags: BCCI, Cricket news, Former Indian Cricketer, Indian cricket news, Indian Cricket Team

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर