ICC World Cup : चयन की गलत खबर सुनकर काट लिया था केक, फिर मिली मायूसी...अब टीम के नंबर वन गेंदबाज

गुजरात के जसप्रीत बुमराह की कामयाबी से आज हर कोई परिचित है. लेकिन, इस तेज गेंदबाज की अब तक की यात्रा में किस्मत का भी जबरदस्त योगदान रहा है.

विमल कुमार@Vimalwa | News18Hindi
Updated: June 21, 2019, 1:07 PM IST
ICC World Cup : चयन की गलत खबर सुनकर काट लिया था केक, फिर मिली मायूसी...अब टीम के नंबर वन गेंदबाज
गुजरात के जसप्रीत बुमराह की कामयाबी से आज हर कोई परिचित है. लेकिन, इस तेज गेंदबाज की अब तक की यात्रा में किस्मत का भी जबरदस्त योगदान रहा है.
विमल कुमार@Vimalwa | News18Hindi
Updated: June 21, 2019, 1:07 PM IST
वन-डे क्रिकेट इतिहास में चुनिंदा गेंदबाज ही ऐसे हुए हैं जो 100 विकेट के क्लब में शामिल होने से पहले ही महान बन गए हों. भारत के जसप्रीत बुमराह इस वर्ल्ड कप के दौरान 100 विकेट पूरे कर लेंगे (फिलहाल वो 10 विकेट दूर हैं) लेकिन इस बात में शायद ही किसी को संदेह हो कि वो वन-डे क्रिकेट के बेहद उम्दा गेंदबाज़ों में से एक नहीं हैं. करीब 4.50 का इकॉनोमी रेट उस दौर में काफी मायने रखता है जब टीमों के लिए 330-350 रन कोई बड़ी बात नहीं मानी जा रही है. अब तक 52 वन-डे में सिर्फ 4 मौकों पर बुमराह ने 65 से ज़्यादा रन खर्च किए हैं और इनमें से 3 मौके सिर्फ एक ही टीम यानी इंग्लैंड के ख़िलाफ 2017 वाली सीरीज के हैं. ऐसे में 30 जून को इंग्लैंड का मैच बुमराह के लिए अपनी इन गलतियों को सुधारने का मौका होगा.

सेलेक्शन की गलत खबर
लेकिन, बुमराह के नंबर 1 बनने की कहानी इतनी सहज भी नहीं है. वाकई में उनकी यात्रा किसी सपने के सच होने से कम नहीं है. 2015-16 रणजी ट्रॉफी सीजन में एक मैच के दौरान गुजरात के युवा खिलाड़ी जसप्रीत बुमराह को भारतीय चयनकर्ताओं के हवाले से ये खबर मिली कि उनका चयन टीम इंडिया के लिए हो गया है. गुजरात टीम के ड्रेसिंग रूम में इस गेंदबाज की कामयाबी के लिए फटाफट केक काटा गया. आखिरकार, पार्थिव पटेल के बाद बुमराह इस राज्य से टीम इंडिया के लिए चुने जाने वाले पहले खिलाड़ी थे. लेकिन, इससे पहले की बुमराह अपने परिवार वालों के साथ इस खबर की मिठाई भी खा पाते कि उन्हें ये पता चला कि दरअसल मोहम्मद शमी के चोटिल होने पर ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए उनका नहीं बल्कि भुवनेश्वर कुमार का चयन हुआ है.

भारतीय टीम की बड़ी ताकत हैं जसप्रीत बुमराह (ap)
भारतीय टीम की बड़ी ताकत हैं जसप्रीत बुमराह (ap)


मायूस हुए, मगर निराश नहीं
जाहिर सी बात है कि बुमराह मायूस हुए लेकिन हताश नहीं. इस नजरिये ने शायद उनके करियर को काफी मदद पहुंचाई. इत्तेफाक ऐसा कि उसी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर बुमराह को 3 मैचों की टी20 सीरीज के लिए चुना गया. लेकिन, उनकी किस्मत में टी20 से पहले वन-डे खेलना लिखा था तो वो खेल गए. जिस दिन बुमराह को टी20 सीरीज के लिए आशीष नेहरा समेत और कुछ और खिलाड़ियों के साथ रवाना होना था, उससे ठीक एक दिन पहले उन्हें ऑस्ट्रेलिया भेजा गया. सिडनी पहुंचने के 24 घंटे बाद ही बुमराह 5 मैचों की वन-डे सीरीज के आखिरी वन-डे में प्लेइंग इलवेन का हिस्सा बने जबकि वो असली टीम का हिस्सा ही नहीं थे. बहरहाल, पिछले 3 सालों में बुमराह ने ऐसी लंबी छलांग लगाई है कि आज वो भुवनेश्वर कुमार और मोहम्मद शमी जैसे सीनियर से पहले टीम इंडिया के लिए हर फॉर्मेट में भी नंबर 1 गेंदबाज हैं.

मुंबई इंडियंस से जुड़ने के बाद बदल गई जिंदगी
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गुजरात के जसप्रीत बुमराह की कामयाबी से आज हर कोई परिचित है. लेकिन, इस तेज गेंदबाज की अब तक की यात्रा में किस्मत का भी जबरदस्त योगदान रहा है. खुद बुमराह ने मुझे कुछ वक्त पहले बताया था, ''मैं मुंबई इंडियंस का बेहद शुक्रगुज़ार हूं जिन्होंने मुझे रणजी ट्रॉफी खेलने से पहले आईपीएल में मौका दे दिया. इससे मुझे बहुत फायदा हुआ. अगर किसी एक शख्स को चुनना पड़े तो मैं जॉन राइट का ताउम्र कर्ज़दार रहूंगा. जब भी मैं उनसे मिलता हूं तो हर बार उनका शुक्रिया अदा करता हूं. अगर वो 2013 में अहमदाबाद में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी देखने नहीं आते और उनकी नज़र मुझ पर नहीं पड़ती तो शायद आज मैं यहां नहीं होता.''

बुमराह ने रणजी से पहले आईपीएल में डेब्यू किया था (ap)
बुमराह ने रणजी से पहले आईपीएल में डेब्यू किया था (ap)


बुमराह की प्रतिभा को लेकर आश्वस्त थे राइट
गुजरात के कप्तान और टीम इंडिया के विकेटकीपर पार्थिव पटेल ने भी मुझे एक बार बताया कि किस तरह जॉन राइट ने उन्हें फोन किया और बुमराह के बारे में जानकारी ली. जैसे ही पार्थिव ने उन्हें ये बताया कि कुछ और फ्रेंचाइजी बुमराह के बारे में दिलचस्पी दिखा रही हैं तो राइट ने फौरन बुमराह को पार्थिव के साथ अपने होटल में बुलाया. राइट बुमराह की प्रतिभा को लेकर इतने आश्वस्त थे कि उन्होंने आपा-धापी में कुछ घंटे के भीतर ही मुंबई इंडियंस से बुमराह का करार करा डाला. ये सब कुछ ही घंटे के भीतर इतनी तेज़ी से हुआ कि पार्थिव और बुमराह दोनों दंग रह गए.

वसीम अकरम, मिचेल जॉनसन और जहीर खान को अपना आर्दश मानते हैं बुमराह (ap)
वसीम अकरम, मिचेल जॉनसन और जहीर खान को अपना आर्दश मानते हैं बुमराह (ap)


अपने आदर्श की तरह ही हैं बुमराह
बुमराह की सबसे बड़ी ख़ासियत ये है कि कप्तान उन्हें नई गेंद या पूरानी गेंद, पावर प्ले या डेथ ओवर या मिडिल ओवर्स, जब मर्ज़ी हो तब, बिना किसी हिचकिचाहट के इस्तेमाल कर सकता है. ऐसा तो पाकिस्तान के दिग्गज गेंदबाज वसीम अकरम के साथ होता था. अकरम की तरह ही बुमराह का सबसे बड़ा हथियार उनकी जबरदस्त और सटीक लैंथ वाली यॉर्कर गेंदें ही हैं. इसे भी अजीब इत्तेफाक कहा जाएगा कि बुमराह भले ही दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं लेकिन उनके आदर्श अकरम, जहीर ख़ान या फिर मिचेल जॉनसन जैसे बाएं हाथ के तेज गेंदबाज़ रहे हैं. अकरम ने 1992 और जहीर ने 2011 में अपनी टीमों को वर्ल्ड चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई थी. क्या बुमराह अपने आदर्शों की राह पर चलते हुए 2019 को उसी तर्ज पर यादगार बनाएंगे?

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First published: June 21, 2019, 5:45 AM IST
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