...तो क्या स्विंग के सुल्तान वसीम अकरम बनेंगे पाकिस्तान के कोच?

पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज जावेद मियांदाद ने कहा कि जब दूसरे देशों के खिलाड़ी वसीम अकरम के टिप्स से फायदा उठा सकते हैं तो पाकिस्तान में उन्हें ये जिम्मेदारी क्यों नहीं दी जा सकती.

News18Hindi
Updated: August 2, 2019, 10:00 AM IST
...तो क्या स्विंग के सुल्तान वसीम अकरम बनेंगे पाकिस्तान के कोच?
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान वसीम अकरम से दुनियाभर के क्रिकेटर गेंदबाजी के गुर सीखते हैं.
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Updated: August 2, 2019, 10:00 AM IST
आईसीसी वर्ल्ड कप 2019 के बाद से पाकिस्तान क्रिकेट टीम में बदलाव का दौर जारी है. वर्ल्डकप में टीम के प्रदर्शन को लेकर 2 अगस्त को समीक्षा बैठक होनी है. हालांकि खबरें थीं कि टीम के कोच मिकी आर्थर अपनी जगह बचाए रख सकते हैं, लेकिन अब पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज ने महान गेंदबाज और स्विंग के सुल्तान वसीम अकरम को टीम के मुख्य कोच के लिए सबसे उपयुक्त दावेदार बता दिया है.

जावेद मियांदाद ने घरेलू कोच के विचार का मजबूती से समर्थन करते हुए कहा कि इस पद के लिए वसीम अकरम का नाम सबसे सही है. एक ओर जहां दुनिया भर के क्रिकेट खेलने वाले देश वसीम अकरम की विशेषज्ञता का फायदा उठा रहे हैं, हमसारे अपने ही देश पाकिस्तान में हम खुद ऐसा करने में नाकाम रहे हैं.

जावेद मियांदाद ने कहा कि वसीम अकरम के लिए टिप्स बहुत कारगर हैं. ऐसे में जबकि दूसरे देश के खिलाड़ी उनसे बात कर सुझाव मांग रहे हैं तो हम क्यों‌ नहीं अपने पूर्व क्रिकेटरों को ये जिम्मेदारी नहीं दे सकते? टीम के मौजूदा कोच मिकी आर्थर की अगुआई में टीम वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल तक में जगह नहीं बना सकी. इतना ही नहीं, आर्थर के कोच रहते टीम कई टूर्नामेंट हार गई.

cricketpakistan.com.pk की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान टीम के 1998-99 में भारत दौरे पर टीम के कोच जावेद मियांदाद और कप्तान वसीम अकरम थे.

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पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज जावेद मियांदाद पाक क्रिकेट टीम के कोच रह चुके हैं.


मियांदाद ने कहा कि जब खिलाड़ी अच्छा करते हैं तो कोच उसका श्रेय लेने के लिए सबसे आगे आ जाते हैं, लेकिन अगर कुछ टूर्नामेंट में खिलाड़ी अच्छा नहीं खेल पाए तो फिर सारी गलती खिलाड़ियों की बता दी जाती है. अगर आपके पास विशेषज्ञों की कमी है तो फिर विदेशी कोच रखने का विचार बुरा नहीं है, लेकिन अगर आपके देश में अच्छे पूर्व खिलाड़ी हैं तो फिर उन्हें जिम्मेदारी दी जानी चाहिए.

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मियांदाद ने साथ ही कहा कि विदेशी कोच तकनीक पर अधिक निर्भर करते हैं. ये तरीका उभरते क्रिकेटरों के लिए तो काम कर सकता है, लेकिन सीनियर लेवल पर आपको ऐसे कोच की जरूरत है जो मैदान पर ट्रेनिंग के दौरान खिलाड़ियों की कमजोरियों को दूर करने में मदद कर सके.




First published: August 2, 2019, 10:00 AM IST
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