टीम इंडिया में कभी नहीं होगा 10 मैचों में 67 विकेट लेने वाले गेंदबाज का चयन!

जयदेव उनादकट का टीम इंडिया में कभी सेलेक्शन नहीं होगा? (PC-जयदेव उनादकट इंस्टाग्राम)

जयदेव उनादकट का टीम इंडिया में कभी सेलेक्शन नहीं होगा? (PC-जयदेव उनादकट इंस्टाग्राम)

जयदेव उनदाकट (Jaydev Unadkat) ने मंगलवार को टीम इंडिया में वापसी की उम्मीद जताई थी लेकिन सौराष्ट्र के पूर्व कोच करसन घावरी ने एक खुलासा कर इस तेज गेंदबाज का दिल तोड़ दिया.

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नई दिल्ली. टीम इंडिया में जगह बनाने के लिए हर खिलाड़ी अपना सबकुछ दांव पर लगा देता है. शानदार प्रदर्शन कर वो हर हाल में टीम इंडिया के लिए खेलना चाहता है लेकिन बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट (Jaydev Unadkat) चाहे कुछ भी कर लें, उनकी टीम इंडिया में वापसी नहीं होगी. सौराष्ट्र के पूर्व कोच और पूर्व भारतीय खिलाड़ी करसन घावरी ने एक इंटरव्यू में ये बात कही.

करसन घावरी ने टाइम्स ऑफ इंडिया के साथ खास बातचीत में कहा कि उन्हें 2019-20 रणजी सीजन के दौरान टीम इंडिया के चयनकर्ता ने कहा था कि चाहे जयदेव उनादकट कितना भी अच्छा प्रदर्शन कर लें लेकिन उनकी अब टीम इंडिया में वापसी नहीं होगी. घावरी के मुताबिक उस पूर्व चयनकर्ता ने इसकी वजह जयदेव उनादकट की ज्यादा उम्र को बताया था.

घावरी ने कहा, 'मैंने रणजी ट्रॉफी 2019-20 के फाइनल के दौरान सेलेक्टर से पूछा कि अगर एक तेज गेंदबाज 60 से ज्यादा विकेट झटके और टीम को रणजी ट्रॉफी के फाइनल में पहुंचा दे तो क्या उन्हें इंडिया ए के लिए नहीं चुना चाहिए. इस पर सेलेक्टर ने मुझे कहा, भाई उनादकट अब टीम इंडिया के लिए नहीं चुना जाएगा. उसका नाम अब 30 खिलाड़ियों में भी नहीं गिना जाता. मैंने उससे पूछा ऐसा क्यों. तो उन्होंने कहा कि उनादकट 32-33 साल के हो गए हैं और यही बात उनके खिलाफ जाती है.'

घावरी के मुताबिक सेलेक्टर ने आगे कहा, 'टीम इंडिया बढ़ती उम्र के खिलाड़ी पर क्यों दांव लगाएगी. टीम 21-22 या 23 साल के खिलाड़ी को चुनेगी ताकि वो 8 से 10 सालों तक टीम इंडिया के लिए खेल पाए. अगर उनादकट को आज चुन लिया जाए तो फिर वो कितने सालों तक टीम इंडिया के लिए खेलेंगे.'
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बता दें जयदेव उनादकट के बारे में ये बात उस दौरान कही गई थी जब उन्होंने एक रणजी सीजन में 67 विकेट लेकर रिकॉर्ड तोड़ दिया था. उनादकट ने 10 मैचों की 16 पारियों में ये कारनामा किया था. वो एक रणजी सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले तेज गेंदबाज हैं. अगर ऐसे प्रदर्शन के बावजूद सेलेक्टर उनादकट को मौका नहीं दे पाए तो फिर उनके लिए आगे की राह मुश्किल ही नजर आती है.

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