विवाद : अपनी ही टीम के खिलाड़ियों और कोच से लड़ गया ये दिग्गज क्रिकेटर, अचानक खत्म हो गया करियर

इसके अलावा साउथ अफ्रीका में जन्मे केविन पीटरसन, एलेन लैंब को भी इस प्लेइंग इलेवन में जगह मिली है. न्यूजीलैंड के कैंटरबरी में जन्मे ऑलराउंडर बेन स्टोक्स भी इस टीम में शामिल हैं. 
इसके अलावा साउथ अफ्रीका में जन्मे केविन पीटरसन, एलेन लैंब को भी इस प्लेइंग इलेवन में जगह मिली है. न्यूजीलैंड के कैंटरबरी में जन्मे ऑलराउंडर बेन स्टोक्स भी इस टीम में शामिल हैं. 

केविन पीटरसन (Kevin Pietersen) का करियर साल 2014 में अचानक खत्म हो गया, जब उन्हें इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने टीम से बाहर कर दिया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 23, 2020, 9:22 PM IST
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नई दिल्ली. क्रिकेट की दुनिया में सचिन तेंदुलकर, रिकी पॉन्टिंग, ब्रायन लारा और जैक कालिस जैसे दिग्गज खिलाड़ियों ने अपना दम दिखाया है. इन खिलाड़ियों ने खूब सुर्खियां बटोरी, कई तरह के रिकॉर्ड बनाए लेकिन इस दिग्गजों के समय में एक ऐसा खिलाड़ी भी खेला जो इनकी तरह ही टैलेंटेड था. इस बल्लेबाज ने जैसे ही मैदान पर कदम रखा, एक तरह से जैसे पूरे वर्ल्ड क्रिकेट में बिजली सी कौंध गई. इस खिलाड़ी ने अपने बल्ले से उस ऑस्ट्रेलियाई टीम को जवाब दिया जिससे टक्कर लेना लोहे के चने चबाने जैसा था. हम बात कर रहे हैं केविन पीटरसन (Kevin Pietersen) की, जिन्होंने अपने 10 साल के करियर में 104 टेस्ट, 136 वनडे और 37 टी20 मैच खेले. पीटरसन के बल्ले से 13000 से ज्यादा रन निकले और उन्होंने कुल 32 शतक ठोके. इतने कमाल के आंकड़े होने के बावजूद इस खिलाड़ी को इंग्लैंड की टीम ने अचानक बाहर कर दिया. एक पल में इस खिलाड़ी का इंटरनेशनल क्रिकेट खत्म हो गया. आइए आपको बताते हैं केविन पीटरसन के करियर के विवादित अंत की कहानी.

पीटरसन का विवादित करियर और फिर उसका अंत
केविन पीटरसन (Kevin Pietersen) का करियर शुरुआत से ही विवादों से भरा रहा. पीटरसन साउथ अफ्रीका में जन्मे और वहीं उन्होंने अपना फर्स्ट क्लास डेब्यू भी किया. नेटाल के लिए खेलने वाले इस खिलाड़ी ने जबर्दस्त प्रदर्शन किया लेकिन पीटरसन को लगा कि उन्हें आगे मौका नहीं दिया जा रहा है. एकाएक अचानक पीटरसन ने साउथ अफ्रीकी क्रिकेट छोड़ इंग्लैंड बसने का फैसला किया. इंग्लैंड के पिता अंग्रेज थे तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं हुई और उन्होंने पहले नॉटिंघमशायर और फिर हैंपशायर के लिए काउंटी क्रिकेट खेला.

अपने टैलेंट के दम पर पीटरसन ने 28 नवंबर 2004 को इंग्लैंड की वनडे टीम में जगह बना ली और उसके बाद उन्होंने 13 जून 2005 को टी20 और 21 जुलाई 2005 को टेस्ट डेब्यू भी कर लिया. एशेज सीरीज के पहले टेस्ट में करियर का आगाज करने वाले पीटरसन ने दिखाया कि वो किस कद के खिलाड़ी हैं. इंग्लैंड की टीम जहां लॉर्ड्स में मैक्ग्रा, गिलेस्पी, ब्रेट ली, शेन वॉर्न जैसे गेंदबाजों के आगे सरेंडर करती दिखी वहीं पीटरसन ने दोनों पारियों में अर्धशतक लगाए. पीटरसन बहुत जल्द इंग्लैंड की बल्लेबाजी का एक स्तंभ बन गए. बस फिर यहीं से पीटरसन का पतन भी शुरू हो गया.
पीटरसन के करियर के अंत का आगाज


साल 2007 में पीटर मूर्स इंग्लैंड के कोच बने और उसके अगले साल पीटरसन (Kevin Pietersen) को इंग्लैंड की कप्तानी मिली. पीटरसन की कप्तानी में इंग्लैंड ने साउथ अफ्रीका को 4-0 से धोया, लेकिन ये कामयाबी ज्यादा लंबी नहीं चली. पीटरसन की कप्तानी में इंग्लैंड की टीम वेस्टइंडीज से 0-5 और भारत से टेस्ट सीरीज में 0-1 से हार गई. 2009 तक पीटरसन और पीटर मूर्स के बीच विवाद शुरू हो गए. पीटरसन ने ऐलान कर दिया कि वो मूर्स के साथ मिलकर टीम को नहीं चला सकते. नतीजा इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने मूर्स को नौकरी से निकाल दिया और पीटरसन से भी कप्तानी छीन ली गई.

वनडे टीम से बाहर हुए पीटरसन
कप्तानी छिनने के बाद जैसे केविन पीटरसन (Kevin Pietersen) और इंग्लैंड के बीच जैसे दुश्मनी शुरू हो गई. साल 2010 में पाकिस्तान की टीम इंग्लैंड के दौरे पर आई लेकिन पीटरसन को वनडे टीम में नहीं चुना गया. ये पीटरसन के लिए एक झटका था और उन्होंने इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के खिलाफ ट्वीट कर दिया. बावजूद इसके पीटरसन को 2011 वर्ल्ड कप औ एशेज सीरीज के लिए टीम में जगह मिल गई. 2012 में पीटरसन के एक फैसले ने उनका वनडे करियर समय से पहले ही खत्म कर दिया. पीटरसन ने साल 2012 में आईपीएल में खेलने का फैसला किया, जिससे इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड नाराज हो गया. दरअसल आईपीएल के वक्त ही इंग्लैंड में भी काफी क्रिकेट खेला जाता है और पीटरसन ने आईपीएल को चुना. इसके बाद 1 जून 2012 को अचानक पीटरसन ने संन्यास का ऐलान कर दिया और सभी फैंस स्तब्ध रह गए.

पीटरसन का मैसेज कांड
वनडे से संन्यास लेने के बाद केविन पीटरसन (Kevin Pietersen) ने एक ऐसी गलती कर दी जिसकी वजह से उनका टेस्ट करियर अंत की ओर बढ़ गया. 2012 में साउथ अफ्रीका की टीम इंग्लैंड दौरे पर आई और इंग्लिश टीम की नंबर 1 की कुर्सी दांव पर लगी थी. इंग्लैंड ने ओवल में पहला टेस्ट गंवा दिया लेकिन इसके बाद हेडिंग्ले टेस्ट में पीटरसन ने नाबाद 151 रन ठोक दिखाया कि उनके अंदर अभी कितना क्रिकेट बाकी है. हालांकि इस दौरान पीटरसन की इंग्लैंड के कप्तान एंड्र्यू स्ट्रॉस और कोच एंडी फ्लावर से अंदर ही अंदर लड़ाई चल रही थी. पीटरसन ने इन दोनों के खिलाफ एक मैसेज साउथ अफ्रीकी खिलाड़ियों को फॉरवर्ड किया जिसमें फ्लावर और स्ट्रॉस के खिलाफ अपशब्द लिखे हुए थे. जैसे ही ये मैसेज लीक हुई पीटरसन को टीम से बाहर कर दिया गया. इस घटना की वजह से पीटरसन 2014 वर्ल्ड टी20 भी नहीं खेल पाए.

2013-14 एशेज सीरीज के दौरान भी पीटरसन और एंडी फ्लावर के बीच जबर्दस्त तल्खियां थी. पीटरसन (Kevin Pietersen) ने एशेज 2013-14 में रनों की बारिश की लेकिन ये टीम में बने रहने के लिए नाकाफी साबित हुआ. पीटरसन से खराब रिश्तों की वजह से एंडी फ्लावर ने फरवरी 2014 में कोच पद से इस्तीफा दिया लेकिन 4 फरवरी को इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने ऐसा फैसला लिया जिसने पूरे क्रिकेट जगत को हिलाकर रख दिया. इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड ने केविन पीटरसन को टीम से निकाल दिया और साथ ही ये ऐलान किया कि अब वो पीटरसन से आगे देख रही है. मतलब उसके बाद कभी इस टैलेंटेड खिलाड़ी को टीम में मौका नहीं मिल पाया.

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