युवराज सिंह की चिंता में परेशान हुए केविन पीटरसन, सोशल मीडिया पर पूछा हाल

युवराज सिंह की चिंता में परेशान हुए केविन पीटरसन, सोशल मीडिया पर पूछा  हाल
युवराज सिंह और केविन पीटरसन रिटायरमेंट ले चुके हैं

केविन पीटरसन (Kevin Pietersen) और युवराज सिंह (Yuvraj Singh) सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को ट्रोल करते रहते हैं

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नई दिल्ली. पूर्व भारतीय ऑलराउंडर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) और पूर्व इंग्लैंड स्टार केविन पीटरसन (Kevin Pietersen) अकसर ही ट्विटर पर एक-दूसरे को ट्रोल करते रहते हैं. लॉकडाउन के दौरान खासकर दोनों सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थे और एक-दूसरे को ट्रोल करने का कोई मौका नहीं छोड़ते थे. रविवार को केविन पीटरसन ने युवराज को ट्रोल न करते हुए उनसे हाल-पूछा जिसके जवाब में सिक्सर किंग ने कहा कि वह ठीक नहीं है.

मैनचेस्टर यूनाइटेड की हार के बाद पीटरसन ने किया ट्रोल
दरअसल क्रिकेट खेलते हुए एक-दूसरे के प्रतिद्वंदी रहे वहीं अब रिटायरमेंट के बाद दोनों फुटबॉल के मामले में एक-दूसरे के प्रतिद्वंदी बन चुके हैं. जहां केविन पीटरसन चेल्सी (Chelsea) के फैन हैं वहीं युवराज सिंह मैनचेस्टर यूनाइटेड (Manchester United) को पसंद करते हैं. एफए कप फाइनल (FA Cup Final) में जैसे ही केविन पीटरसन के पसंदीदा क्लब चेल्सी ने मैनचेस्टर यूनाइटेड को हराया पीटरसन ने युवराज को ट्रोल किया.

उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, 'तुम ठीक तो हो दोस्त युवराज सिंह.' इसका जवाब देते हुए युवराज ने लिखा, 'नहीं दोस्त मैं ठीक नहीं हूं और बहुत दुखी.' इसके साथ ही उन्होंने हंसने वाला इमोजी भी बनाया. पीटरसन यहीं नहीं रुके और उन्होंने लिखा, 'बस चेक कर रहा था. कुछ हफ्ते पहले बहुत बात कर रहे तो. मैं उम्मीद करता हूं तुम जल्दी ठीक हो जाउ, औऱ जब भी तुम्हें चैंपियंस लीग देखनी हो मेरे साथ देख सकते हो.




रिटायरमेंट के बाद फ्री महसूस कर रहे हैं युवराज

सिक्सर किंग के नाम से फैंस के बीच प्रचलित हो चुके युवराज ने अपने करियर में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की. साल 2011 में वर्ल्ड कप में मैन ऑफ द सीरीज रहे युवराज सिंह ने इसके बाद कैंसर से जंग लड़ी और फिर वापसी की. पिछले साल उन्होंने क्रिकेट को अलविदा कह दिया था.

युवराज सिंह (Yuvraj Singh) ने कहा, 'कई बार मैं क्रिकेट को मिस करता है, लेकिन कई बार कुछ भी मिस नहीं करता. इसकी वजह है मैं बहुत लंबे समय तक खेल चुका था. मुझे फैंस का बहुत प्यार मिला है और मैं खुद को भाग्यशाली समझता हूं. मुझे इस खेल ने बहुत सम्मान दिया. लगभग 20 साल तक मैं क्रिकेट खेलता रहा फिर मुझे लगा कि यही सही समय है क्रिकेट को अलविदा कहने का. मेरे लिए यह बहुत भावनात्मक समय था. उसे मैं शब्दों में नहीं बता सकता. रिटायर होने के बाद मैंने खुद को फ्री महसूस किया और मानसिक रूप से खुश.'
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