मैं ऐसे भारतीय क्रिकेटरों को जानता हूं जो ‘द हंड्रेड’ और अन्य लीग में खेलना चाहते है: ऑयन मॉर्गन

ऑयन मॉर्गन को पिछले साल बीच सीजन में ही केकेआर का कप्तान बनाया गया. (फोटो-AFP)

ऑयन मॉर्गन को पिछले साल बीच सीजन में ही केकेआर का कप्तान बनाया गया. (फोटो-AFP)

कोलकाता नाइटराइडर्स (KKR) के कप्तान ऑयन मॉर्गन ने भारतीय क्रिकेटरों लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भारतीय खिलाड़ी द हंड्रेड (The Hundred) में खेलना चाहते हैं.

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नई दिल्ली. इंग्लैंड के सीमित ओवर के कप्तान ऑयन मॉर्गन (Eoin Morgan) ने भारतीय खिलाड़ियों को लेकर बड़ी बात कही है. उनके अनुसार भारतीय खिलाड़ी द हंड्रेड (The Hundred) और दुनिया की अन्य लीग में खेलना चाहते हैं. आईपीएल (IPL 2021) टीम कोलकाता नाइटराइडर्स (KKR) के कप्तान मोर्गन ने कहा कि आज टी20 लीग के कारण इंटरनेशनल मैच प्रभावित हो रहे हैं. इस ओर भी हमें सोचना की जरूरत है.

ऑयन मोर्गन ने स्काई स्पोर्ट्स से बातचीत करते हुए कहा, ‘हम यहां द हंड्रेड के बारे में बात कर रहे है. मुझे पता है कि कई ऐसे भारतीय क्रिकेटर हैं, जो द हंड्रेड और दुनिया भर की अन्य लीग में खेलना पसंद करेंगे. उन्हें यात्रा करना और नई परिस्थितियों और संस्कृतियों का अनुभव लेना पसंद है. उनके आने से ऐसे टूर्नामेंट का महत्व भी बढ़ेगा.’ हालांकि उन्होंने किसी खिलाड़ी का नाम नहीं लिया. द हंड्रेड का आयोजन इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) इस साल से करने जा रहा है. टूर्नामेंट पिछले साल शुरू होना था, लेकिन कोरोना के कारण इसे एक साल के लिए स्थगित कर दिया गया था.

द्विपक्षीय सीरीज में अच्छे खिलाड़ी नहीं खेल रहे

ऑयन मॉर्गन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) उन देशों के खिलाफ पर्याप्त कदम नहीं उठा रहा है, जिनके खिलाड़ी निजी लीगों को तरजीह दे रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘मेरी सबसे बड़ी चिंता यह है कि खेल जिस तेजी से बढ़ रहा है, उसमें उस तेजी से बदलाव नहीं आ रहा है. यह निश्चित रूप से चिंता का विषय है और इसे सुधारने की आवश्यकता है. क्योंकि आप दूसरे देश के खिलाफ खेलते समय अपनी सर्वश्रेष्ठ टीम मैदान में उतारने में सक्षम नहीं है, क्योंकि वे दुनिया भर की बड़ी लीग में खेल रहे हैं.’
लीग टूर्नामेंट इंटरनेशनल क्रिकेट पर हावी हो जाएगा

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन से बात करते हुए मॉर्गन ने कहा कि अगले 10 साल को लेकर हमें साेचने की जरूरत है. अगर इन चीजों को मैनेज नहीं किया गया तो फ्रेंचाइजी लीग के टूर्नामेंट इंटरनेशनल क्रिकेट पर हावी हो जाएंगे. इसके अलावा उन्हाेंने कहा कि क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट के मुकाबले एक-दूसरे से टकरा रहे हैं. इस सही से मैनेज करने की जरूरत है क्योंकि सबका अलग-अलग महत्व है.

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संन्यास के बाद ही भारतीय खिलाड़ी दूसरी लीग में खेल सकते हैं

बीसीसीआई (BCCI) अपने खिलाड़ियों को विदेशी लीग में खेलने की अनुमति नहीं देता है. इसके पहले भी कई खिलाड़ी मांग कर चुके हैं कि उन्हें विदेशी लीग में खेलने की अनुमति दी जाए. घरेलू और इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद ही भारतीय खिलाड़ी विदेशी लीग में खेल सकते हैं. दूसरी ओर दुनिया के हर बोर्ड अपने खिलाड़ियों को लीग में खेलने के लिए एनओसी देते हैं. ईसीबी द हंड्रेड में भारतीय खिलाड़ियों को बुलाने के लिए बीसीसीआई से लगातार बात भी कर रहा है.
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