कुलदीप यादव बोले, प्लेइंग-XI में रवींद्र जडेजा और 'कुल-चा' में से चुनना बेहद मुश्किल

कुलदीप ने बताया कि डेविड वॉर्नर का विकेट उनका सबसे यादगार विकेट है, जो उनका पहला टेस्ट विकेट रहा था'. (Yuzvendra Chahal/Instagram)

कुलदीप ने बताया कि डेविड वॉर्नर का विकेट उनका सबसे यादगार विकेट है, जो उनका पहला टेस्ट विकेट रहा था'. (Yuzvendra Chahal/Instagram)

चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) ने कहा कि टीम संयोजन के कारण उन्हें ज्यादा मौके नहीं मिले, उन्होंने साथ ही कहा कि आपको हमेशा कड़ी मेहनत करने की जरूरत है, ना जाने कब आपका समय आ जाए.

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नई दिल्ली. भारतीय स्पिनर कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) का मानना है कि भारतीय टीम की प्लेइंग-XI में रवींद्र जडेजा और 'कुल-चा' की जोड़ी में से चुनना हमेशा एक मुश्किल काम है. यूपी के कानपुर के रहने वाले कुलदीप ने साल 2017 में अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया और अपने खेल से सभी को प्रभावित किया. हालांकि पिछले कुछ वक्त से वह टीम से बाहर चल रहे हैं और उतना खास प्रदर्शन भी नहीं कर सके. उन्होंने 'क्रिकट्रैकर' वेबसाइट से बात करते हुए कहा कि टीम संयोजन काफी मायने रखता है और रवींद्र जडेजा के होने से बल्लेबाजी और गेंदबाजी, दोनों में फायदा मिलता है.

उनसे जब पूछा गया कि जडेजा की वापसी से 'कुल-चा' पर क्या फर्क पड़ा तो उन्होंने कहा, 'यह इस बात पर निर्भर करता है कि टीम क्या चाहती है. टीम संयोजन बहुत मायने रखता है और मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि जडेजा बल्लेबाजी में काफी गहराई लाते हैं. वह बल्ले और गेंद दोनों से प्रदर्शन करते हैं. इसलिए, उसके और हमारे बीच चयन करना हमेशा कठिन होता है.

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कुलदीप के लिए पिछले दो साल काफी मुश्किल रहे और उन्हें कम ही मौके मिले. इस पर उन्होंने कहा, 'मुझे भी लगता है कि और ज्यादा मैच खेलने चाहिए क्योंकि जब आप ऐसा नहीं करते हैं, तो आपके पास लय और आत्मविश्वास दोनों की कमी होती है. नियमित तौर पर टीम में रहते हुए आपका मनोबल हमेशा ऊंचा रहता है. पिछले दो साल मेरे लिए मुश्किल और बहुत अलग थे. मुझे टीम संयोजन के कारण मौका नहीं मिला, हालांकि, कुछ मैच मेरे पक्ष में नहीं गए लेकिन आपको हमेशा कड़ी मेहनत करने की जरूरत है, शायद आपका समय आ जाएगा.
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26 साल के इस चाइनामैन गेंदबाज ने कहा, 'टीम प्रबंधन इस समय में बहुत सहायक रहा है. सबसे अच्छी बात यह है कि वे हमेशा मुझे टीम में होने वाली चीजों के बारे में बताते हैं या वे अभी क्या चाहते हैं. विराट (कोहली) और रवि (शास्त्री) सर भी मुझसे नियमित रूप से बात करते हैं और मुझे मैच में जरूरी बातें बताते हैं. भरत अरुण प्रबंधन के साथ-साथ सहायक भी रहे हैं.'

अपने सबसे यादगार विकेट के बारे में उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि जब कोई भी बल्लेबाज फॉर्म में होता है तो उसका विकेट लेना मुश्किल रहता है. कोई भी बल्लेबाज खतरनाक हो सकता है, जब वह अच्छी फॉर्म में हो. डेविड वॉर्नर का विकेट मेरा सबसे यादगार विकेट है, मेरा पहला टेस्ट विकेट.'



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कुलदीप ने अब तक करियर में सात टेस्ट, 63 वनडे और 21 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं. उनके नाम टेस्ट में 54, वनडे में 118 और टी20 अंतरराष्ट्रीय में कुल 20 विकेट हैं. वह भारत के लिए (पारियों के आधार पर) सबसे जल्दी वनडे में 100 विकेट लेने वाले स्पिनर हैं.

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