9 साल बाद कुमार संगकारा ने बताया, वर्ल्ड कप फाइनल में क्यों दो बार हुआ था टॉस

2011 वर्ल्ड कप भारत के नाम रहा था

भारत (India) श्रीलंका (Sri Lanka) के खिलाफ 2011 वर्ल्ड कप (World Cup) के फाइनल मुकाबले में टॉस हार गया था

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    नई दिल्ली. श्रीलंका के पूर्व कप्तान कुमार संगकारा (Kumar Sangakkara) ने नौ साल बाद इस बात का खुलासा किया कि साल 2011 में भारत (India) के खिलाफ वर्ल्ड कप फाइनल में दो बार टॉस क्यों हुआ था. मेजबान भारत ने मुंबई में हुए वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस फाइनल में जीत हासिल की और 28 साल बाद खिताब अपने नाम किया. संगाकारा (Kumar Sangakkara) ने आर अश्विन (R Ashwin) के साथ इंस्टाग्राम लाइव पर फाइनल मुकाबले के बारे में बात की.

    दो बार हुआ था फाइनल मुकाबले में टॉस
    अश्विन ने उस समय टॉस के दौरान पैदा हुई भ्रम की स्थिति के बारे में भी पूछा. संगकारा ने आखिर में टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. संगकारा ने कहा, ‘मैच के लिये बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे थे. श्रीलंका में ऐसा कभी नहीं हुआ. एक बार ईडन गार्डन्स में ऐसा हुआ था जब मैं पहली स्लिप के क्षेत्ररक्षक के साथ भी बात नहीं कर पा रहा था और इसके बाद वानखेड़े में हुआ. मुझे याद है कि मैंने टॉस के लिये कहा था और इसके बाद माही (धोनी) सुनिश्चित नहीं था और उसने पूछा कि क्या तुमने ‘टेल’ कहा और मैंने कहा कि नहीं मैंने ‘हेड’ कहा था. ’

    उन्होंने कहा, ‘मैच रेफरी ने वास्तव में कहा था कि मैंने टॉस जीत लिया है लेकिन माही ने कहा कि ऐसा नहीं है. वहां थोड़ा भ्रम की स्थिति पैदा हो गयी थी और माही ने कहा कि टास फिर से कर लेते हैं और फिर से ‘हेड’ ही आया. मैं नहीं कह सकता कि यह किस्मत थी कि मैं टास जीत गया. मुझे लगता है कि अगर भारत टास जीतता तो वह पहले बल्लेबाजी कर सकता था. ’

    एंजेलो मैथ्यूज का न होना श्रीलंका को पड़ा भारी
    न्यूजीलैंड के खिलाफ रोमांचक सेमीफाइनल में अहम भूमिका निभाने वाले मैथ्यूज को मांसपेशियों में खिंचाव के कारण मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेले गये फाइनल से बाहर होना पड़ा था.भारत के हाथों छह विकेट से हार के बारे में श्रीलंका के पूर्व कप्तान ने कहा कि मैथ्यूज की चोट के कारण उन्हें 6-5 का संयोजन अपनाना पड़ा और यही वजह थी कि उन्हें टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला करना पड़ा.

    संगकारा ने भारतीय आफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन के साथ इंस्टाग्राम पर बातचीत में कहा, ‘जब मैं पीछे मुड़कर देखता हूं तो उस विश्व कप फाइनल में मुझे यही सबसे बड़ी बात नजर आती है. आप कैच छोड़ना और ऐसी बातें कर सकते हैं. लेकिन यह टीम का संयोजन था और हमें महत्वपूर्ण मैच में हमें बदलाव करने को मजबूर होना पड़ा. ’

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