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HBD लक्ष्मण शिवारामकृष्णन: 17 की उम्र में डेब्यू, 19 में पहली टेस्ट जीत लेकिन खेल पाए मात्र 4 साल

पूर्व लेग स्पिनर लक्ष्मण शिवारामकृष्णन ने अपने करियर में केवल 9 ही टेस्ट मैच खेले. (Instagram)

पूर्व लेग स्पिनर लक्ष्मण शिवारामकृष्णन ने अपने करियर में केवल 9 ही टेस्ट मैच खेले. (Instagram)

भारत के पूर्व लेग स्पिनर लक्ष्मण शिवारामकृष्णन (Laxman Sivaramkrishnan) का करियर बुलंदियों पर पहुंचने के लिए तैयार था, ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्ली. कई ऐसे खिलाड़ी होते हैं जो प्रतिभावान होते हैं लेकिन प्रसिद्धि ज्यादा हासिल नहीं कर पाते. ऐसे ही एक काबिल लेग स्पिनर लक्ष्मण शिवारामकृष्णन (Laxman Sivaramkrishnan) भी रहे जिन्होंने 17 साल की उम्र में टेस्ट डेब्यू किया. मद्रास (अब चेन्नई) में जन्मे इस स्पिनर ने अपने करियर में हालांकि 9 ही टेस्ट मैच खेले. आज यानी 31 दिसंबर 2021 को वह अपना 56वां जन्मदिन मना रहे हैं. उनका अंतरराष्ट्रीय करियर भी ज्यादा लंबा नहीं रहा और 1983 में टेस्ट डेब्यू करने वाला यह स्पिनर 1987 में अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच खेला.

    लक्ष्मण शिवारामकृष्णन का करियर बुलंदियों पर पहुंचने के लिए तैयार था, लेकिन कुछ ही वर्षों में सब कुछ धुल गया. 1981-82 में दिल्ली के खिलाफ रणजी ट्रॉफी में अपने डेब्यू मैच में उन्होंने 28 रन देकर 7 विकेट झटके जिसने इस दुबले-पतले लेगस्पिनर को राष्ट्रीय प्रसिद्धि दिलाई. वह अभी 17 साल के नहीं हुए कि 1982-83 में पाकिस्तान गई भारतीय टीम के सदस्य बने. 17 साल, 118 दिन की उम्र में वह उस सीजन के अंत में एंटीगा में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट खेले और डेब्यू करने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय टेस्ट खिलाड़ी बने.

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    वह 19 साल के भी नहीं थे, जब उन्होंने 1984-85 में मुंबई में इंग्लैंड के खिलाफ 181 रन देकर 12 विकेट झटके जिससे भारत टेस्ट मैच जीता. उस सीरीज में लक्ष्मण ने 23 विकेट झटके और उन्हें मैन ऑफ द सीरीज चुना गया. साल 1985 में ऑस्ट्रेलिया में वर्ल्ड चैंपियनशिप जीतने वाली भारतीय वनडे टीम में भी वह शामिल रहे और उन्होंने उस सीरीज जीत में अहम भूमिका निभाई.

    लक्ष्मण ने 1985 में श्रीलंका में एक टेस्ट खेला और कुछ खास नहीं किया. कुछ महीने बाद ऑस्ट्रेलिया में उन्हें और भी बड़ी निराशा हुई. शायद तब तक उनकी कलाई का जादू चला गया था. उन्होंने 1987 विश्व कप टीम के सदस्य के रूप में वापसी की लेकिन वह सफल नहीं हुए. 80 के दशक के अंत तक उनकी बल्लेबाजी में काफी सुधार हुआ, जिससे वह तमिलनाडु की टीम का एक प्रमुख सदस्य बन गए. तमिलनाडु ने उसी दौरान 33 साल बाद 1987-88 में रणजी ट्रॉफी जीती थी लेकिन जल्द ही उन्होंने राज्य की ओर से टीम में जगह खो दी.

    लक्ष्मण ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच साल 1987 में खेला जो जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे था. उन्होंने आखिरी टेस्ट ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में जनवरी 1986 में खेला, जिसमें वह कोई विकेट नहीं ले पाए. उन्होंने अपने टेस्ट करियर में कुल 26 विकेट लिए जबकि वनडे में उनके नाम 15 ही विकेट रहे. फर्स्ट क्लास करियर में उन्होंने 5 शतक और 3 अर्धशतकों की बदौलत कुल 1802 रन बनाए और 154 विकेट हासिल किए.

    Tags: Cricket news, History, Indian cricket, Laxman Sivaramakrishnan, On This Day

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