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अब क्रिकेट पर दिखेगा Corona का प्रभाव, मिल सकती है ‘बॉल टैम्परिंग’ की इजाजत

मगर 2018 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन टेस्‍ट में बॉल टेंपरिंग ने उनके करियर पर दाग लगा दिया. बॉल टेंपरिंग का दोषी पाया जाने के बाद उन्‍हें कप्‍तानी से हाथ धोना पड़ा और सालभर के लिए बैन कर दिया. इस घटना के सालभर बाद एशेज सीरीज से अगस्‍त 2019 में उनकी वापसी हुई.

मगर 2018 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन टेस्‍ट में बॉल टेंपरिंग ने उनके करियर पर दाग लगा दिया. बॉल टेंपरिंग का दोषी पाया जाने के बाद उन्‍हें कप्‍तानी से हाथ धोना पड़ा और सालभर के लिए बैन कर दिया. इस घटना के सालभर बाद एशेज सीरीज से अगस्‍त 2019 में उनकी वापसी हुई.

कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण गेंदबाज अब गेंद पर थूक नहीं लगा सकेंगे. इस वजह से आईसीसी (ICC) गेंद चमकाने के लिए कृत्रिम पदार्थ के इस्तेमाल की अनुमति देने पर विचार कर सकती है.

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    नई दिल्ली. दुनिया में तबाही लेकर आया कोरोना वायरस (Coronavirus) लोगों के जीवन में बड़े बदलाव लाने जा रहा है. इसके कारण क्रिकेट और कुछ खेलों के नियम भी बदल सकते हैं. इस महामारी के कारण गेंदबाज अब गेंद पर थूक नहीं लगा सकेंगे, लिहाजा उसे चमकाने के लिए कृत्रिम पदार्थ के इस्तेमाल की अनुमति देने पर विचार किया जा सकता है. इसे दूसरे शब्दों में गेंद से बॉल टैम्परिंग कह सकते हैं. यानी, अब आईसीसी (ICC) बॉल टैम्परिंग को वैध करार दे सकती है.

    ‘क्रिकइन्फो’ की रिपोर्ट के अनुसार क्रिकेट प्रशासक अंपायरों की निगरानी में गेंद को चमकाने के लिए कृत्रिम पदार्थ के इस्तेमाल की अनुमति देने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं. हालांकि, मौजूदा नियमों के तहत ऐसा करना गेंद से छेड़खानी के दायरे में आता है.

    दरअसल, क्रिकेट में गेंद की चमक काफी अहम होती है. इससे गेंदबाजों को गेंद स्विंग और रिवर्स स्विंग कराने में मदद मिलती है. नई गेंद चमक के कारण स्विंग करती है. लेकिन रिवर्स स्विंग कराने के लिए गेंद की एक तरफ की चमक बरकरार रखी जाती है, जबकि दूसरी ओर ऐसा नहीं किया जाता है. खिलाड़ी गेंद की चमक कायम रखने के लिए थूक या लार का इस्तेमाल करते हैं.

    वैसे, अगर गेंद को चमक बनाए रखने के लिए कृत्रिम पदार्थ लगाने की इजाजत दी जाती है तो यह बड़ी विडंबना होगी. दो साल पहले गेंद पर रेगमाल रगड़ने की कोशिश में ही स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर को 2018 में एक साल का प्रतिबंध झेलना पड़ा था.

    आईसीसी मुख्य कार्यकारियों की गुरुवार को हुई आनलाइन बैठक के बाद इसकी मेडिकल टीम के प्रमुख पीटर हारकोर्ड ने अपडेट जारी किया. इसमें कहा गया, ‘हमारा अगला कदम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की बहाली का रोडमैप तैयार करना है. इसमें यह देखना होगा कि क्या क्या कदम उठाने होंगे. इसमें खिलाड़ियों की तैयारी से लेकर सरकार की पाबंदिया और दिशानिर्देश शामिल होंगे.’

    भारत के पूर्व तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने गेंद पर थूक का इस्तेमाल नहीं करने के प्रस्ताव का समर्थन किया था. उन्होंने कहा था, ‘खेल बहाल होने पर कुछ समय के लिये सिर्फ पसीने का ही इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोपरि है.

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