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भारतीय गेंदबाज को पसंद नहीं आया शेन वॉर्न का 'हैवी बॉल' का सुझाव, कहा- क्रिकेट को सर्कस न बनाएं

शेन वॉर्न ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज स्पिन गेंदबाज हैं

शेन वॉर्न ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज स्पिन गेंदबाज हैं

शेन वॉर्न (Shane Warne) ने बिना लार के इस्तेमाल के गेंद को भारी करने के सुझाव दिए थे

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    नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण लॉकडाउन के बाद जब खेल एक बार फिर शुरू होंगे तो उसमें काफी बदलाव होंगे. माना जा रहा है कि क्रिकेट में गेंद पर थूक के प्रयोग पर रोक लग सकती है. ऑस्ट्रेलिया (Australia) पहले ही यह कदम उठा चुका है. इस बीच मंगलवार को ऑस्ट्रेलियाई स्पिन गेंदबाज शेन वॉर्न (Shane Warne) ने बिना थूक के गेंद को स्विंग कराने के तरीके बताए थे. हालांकि पूर्व भारतीय गेंदबाज चेतन शर्मा (Chetan Sharma) इससे सहमत नहीं दिखे और उनका कहना था कि क्रिकेट को सर्कस बनाने की जरूरत नहीं है.

    शेन वॉर्न ने दिया था गेंद को भारी बनाने का सुझाव
    वॉर्न ने 'स्काइ स्पोटर्स’ के क्रिकेट पॉडकास्ट में कहा ,‘गेंद को एक तरफ से भारी क्यों नहीं बनाया जा सकता ताकि ये हमेशा स्विंग ले. यह एक टेप लगाई हुई टेनिस गेंद या लॉन बॉल की तरह रहेगी.’ उन्होंने आगे कहा, ' मुझे नहीं पता कि क्या आप वकार युनूस या वसीम अकरम जैसी स्विंग लाना चाहते हैं, लेकिन इससे सपाट पिचों पर भी स्विंग मिल जायेगी. यह आगे बढने का सही तरीका होगा और गेंद के साथ छेड़खानी भी नहीं करनी होगी.'

    नहीं बदल सकते गेंदबाजों का स्वाभाव
    हालांकि चेतन शर्मा (Chetan Sharma) को यह बात पसंद नहीं आई और उन्होंने कहा कि क्रिकेट में इतने बदलाव की जरूरत नहीं है. उनके मुताबिक खिलाड़ियों को गेंद पर पसीना और लार लगाने की आदत होती है उसे इतनी आसानी से बदला नहीं जा सकता. उन्होंने कहा, 'गेंद पर लार या पसीना न लगाने की यह बहस बेकार है. अपने होंठों और माथे को हाथ लगाना हमारे स्वभाव का हिस्सा है. इसी तरह जब आप गेंद को छूते हैं, उस पर आपकी लार और पसीना होगा. जब आपका मुंह सूख जाता है या आप पानी पीते हैं तो क्या अपने मुंह पर हाथ नहीं लगाते? इससे बचा नहीं जा सकता.'

    क्रिकेट को सर्कस न बनाएं
    उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि हम मामले को ज्यादा पेचीदा बना रहे हैं. क्रिकेट को जैसा है वैसा ही रहने दें. इसे सर्कस न बनाएं. मेरे विचार से जब यह महामारी खत्म होगी क्रिकेट फिर वैसे ही शुरू होगा जैसा है. अगर किसी मैच में खेल रहे सभी क्रिकेटर नेगेटिव मिलते हैं तो फिर क्या समस्या है? यही एक तरीका है. खेल में ज्यादा बदलाव की जरूरत नहीं है.

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