वर्ल्ड कप इतिहास की पहली गेंद फेंकने वाले मदन लाल का आज जन्मदिन, फैंस प्यार से 'मदद लाल' बुलाते थे

मदन लाल ने 1974 से 1987 तक भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला. इस दौरान उन्होंने 39 टेस्ट और 67 वनडे उन्होंने कुल 144 विकेट हासिल किए. (madan lal/twitter)

मदन लाल ने 1974 से 1987 तक भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला. इस दौरान उन्होंने 39 टेस्ट और 67 वनडे उन्होंने कुल 144 विकेट हासिल किए. (madan lal/twitter)

भारतीय ऑलराउंडर मदन लाल (Madan Lal Birthday) का आज जन्मदिन है. वो 70 साल के हो गए हैं. पंजाब के अमृतसर में 20 मार्च 1951 को पैदा हुए मदन लाल ने 1974 से 1987 तक भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला. इस दौरान उन्होंने देश के लिए 39 टेस्ट और 67 वनडे खेले.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 20, 2021, 5:17 PM IST
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नई दिल्ली. कभी पूर्व भारतीय कप्तान कपिल देव (kapil dev) के राइड हैंड कहे जाने वाले ऑलराउंडर मदन लाल (Madan Lal Birthday) का आज जन्मदिन है. वो 70 साल के हो गए हैं. पंजाब के अमृतसर में 20 मार्च 1951 को पैदा हुए मदन लाल ने 1974 से 1987 तक भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेला. इस दौरान उन्होंने देश के लिए 39 टेस्ट और 67 वनडे खेले. दोनों फॉर्मेट में उन्होंने कुल 144 विकेट हासिल किए. इसके अलावा बल्ले से भी योगदान दिए. उन्होंने टेस्ट में 22 से ज्यादा की औसत से 1042 रन बनाए. इसमें पांच अर्धशतक भी शामिल हैं. लेकिन वो टेस्ट में शतक नहीं लगा पाए. मदन लाल ने 67 वनडे में 401 रन बनाए. इस फॉर्मेट में उनके नाम सिर्फ एक अर्धशतक है.

यूं तो मदन लाल ने करियर में कई अहम मौकों पर टीम को जीत दिलाई. लेकिन 1983 वनडे वर्ल्ड कप फाइनल(1983 ODI World cup final) में उनका प्रदर्शन आज भी याद किया जाता है. तब इस छोटे कद के ऑलराउंडर ने वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी है. मदन लाल ने फाइनल में डसमंड हेन्स, लैरी गोम्स और विवियन रिचर्ड्स जैसे खतरनाक बल्लेबाज को आउट किया था. लेकिन उनका ये विकेट कपिल देव के कैच के लिए ज्यादा याद किया जाता था. दरअसल तब रिचर्ड्स ने मदन लाल की गेंद पर मिड विकेट की तरफ शॉट लगाया था और कपिल देव ने पीछे की ओर भागते हुए उस मुश्किल कैच को लपका था. उस कैच के बाद वेस्टइंडीज की पूरी पारी लड़खड़ा गई थी और टीम जीत के लिए मिले 183 रन के टारगेट का पीछा करते हुए सिर्फ 140 रन पर ढेर हो गई थी.

मदन लाल वर्ल्ड कप इतिहास की पहली गेंद फेंकने वाले खिलाड़ी
इस यादगार विकेट को लेकर एक बार मदन लाल ने कहा था कि इस मैच में गेंदबाजी करने के लिए उन्होंने कपिल देव के गेंद छीन ली थी. क्योंकि उन्हें यकीन था कि वो रिचर्ड्स को आउट कर देंगे. आखिर में ऐसा ही हुआ और उन्होंने रिचर्ड्स ही नहीं बल्कि वेस्टइंडीज के दो और बल्लेबाजों को आउट किया. कम ही लोगों को ये पता होगा कि मदन लाल वनडे वर्ल्ड इतिहास की पहली गेंद फेंकने वाले गेंदबाज हैं. उन्होंने 1975 में हुए पहले वर्ल्ड में इंग्लैंड के जॉन जेमेसन को टूर्नामेंट की पहली गेंद फेंकी थी. अपने ऑलराउंड खेल के दम पर टीम को मुश्किल से उबारने की वजह से फैंस भी उन्हें कई बार प्यार से 'मदद लाल' बुलाते थे.

मदन लाल ने 1974 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था

मदन लाल ने 1968-69 से प्रथम श्रेणी करियर की शुरुआत की थी. 6 साल घरेलू क्रिकेट में खेलने के बाद उन्हें 1974 में टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने का मौका मिला. उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट से डेब्यू किया. लेकिन पहले टेस्ट में उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा. उन्होंने मैच में सिर्फ दो विकेट ही लिए. लेकिन अपनी स्विंग गेंदबाजी से जरूर लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा. उन्होंने 1974 से 1986 के बीच कुल 39 टेस्ट खेले. उन्होंने ज्यादातर मौकों पर कपिल देव के साथ नई गेंद संभाली. उन्होंने टेस्ट में कुल 71 विकेट लिए. 23 रन देकर पांच विकेट गेंदबाजी में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा. 1984-85 में मदन लाल टीम से बाहर हो गए थे. तब उनके टेस्ट करियर खत्म होने की अटकलें लगाई जाने लगी थी. 1986 में वो इंग्लैंड में लीग क्रिकेट खेल रहे थे. उसी साल भारतीय टीम ने इंग्लैंड का दौरा किया था और मदन लाल टीम का हिस्सा नहीं थे. लेकिन हेडिंग्ले टेस्ट से उनकी दोबारा टीम में वापसी हुई. अपने कमबैक टेस्ट में उन्होंने पहली पारी में 18 रन देकर 3 विकेट लिए और भारत ने मेजबान टीम के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज की.

मदन लाल ने रणजी ट्रॉफी में 351 विकेट लिए थे



घरेलू क्रिकेट में इस ऑलराउंडर का प्रदर्शन अच्छा रहा. उन्होंने रणजी ट्रॉफी में 5270 रन बनाने के साथ ही 351 विकेट भी लिए. रिटायरमेंट के बाद भी वो खेल से जुड़े रहे. उन्हें पहले इंडिया-ए टीम का कोच बनाया गया. इसके बाद 1996-97 में वो भारतीय क्रिकेट टीम के कोच बने और फिर साल 2000-2001 में राष्ट्रीय चयनकर्ता. वो 1996 में वर्ल्ड कप खेलने वाली यूएई टीम के कोच भी थे. वो पिछले साल चीफ सेलेक्टर चुनने वाली बीसीसीआई की तीन सदस्यीय क्रिकेट सलाहकार समिति के अध्यक्ष भी थे.
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