ICC World Cup : तो वेस्टइंडीज के निचले क्रम के बल्लेबाजों से भी गए गुजरे हैं धोनी-जाधव

वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के हाथों मिली हार के बाद जीत का प्रयास न करने को लेकर महेंद्र सिंह धोनी और केदार जाधव की काफी आलोचना की जा रही है. सवाल जायज भी है क्योंकि इसी स्थिति में रहने के बाद श्रीलंका के खिलाफ वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने हार नहीं मानी, बल्कि लक्ष्य के काफी करीब तक पहुंच गए थे.

News18Hindi
Updated: July 2, 2019, 2:08 PM IST
ICC World Cup : तो वेस्टइंडीज के निचले क्रम के बल्लेबाजों से भी गए गुजरे हैं धोनी-जाधव
इंग्लैंड के खिलाफ धीमी बल्लेबाजी के लिए धोनी और जाधव की काफी आलोचना की जा रही है. (फोटो-एएफपी)
News18Hindi
Updated: July 2, 2019, 2:08 PM IST
भारतीय टीम को अपने वर्ल्ड कप अभियान में इंग्लैंड के हाथों 31 रन से हार झेलनी पड़ी. यह टूर्नामेंट में टीम इंडिया की पहली हार भी थी. ऐसा नहीं है कि टीम इंडिया हार नहीं सकती, लेकिन लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम ने आखिरी ओवरों में जैसा प्रदर्शन किया, वो क्रिकेट प्रशंसकों को खल गया.

दरअसल, भारतीय टीम को उस मैच में आखिरी दस ओवरों में 104 रन की जरूरत थी और महेंद्र सिंह धोनी और केदार जाधव क्रीज पर थे, लेकिन उनकी बल्लेबाजी से कभी भी ऐसा नहीं लगा कि वे जीत के लिए खेल रहे हैं. वहीं, श्रीलंका के खिलाफ वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने दिखाया कि वे हार मानने वाले नहीं हैं. टीम को आखिरी दस ओवरों में 95 रन की जरूरत थी और उन्होंने इसके ल‌िए पूरा जोर लगा दिया. वो तो निकोलस पूरन 47वें ओवर में आउट हो गए वरना वेस्टइंडीज की टीम के जीतने के अच्छे अवसर थे. जबकि धोनी और जाधव दोनों नॉट आउट लौटे थे.

अंतर को यूं समझिए...

भारत :  41वें से 45वें ओवर के बीच बनाए महज 33 रन

इंग्लैंड के खिलाफ भारतीय टीम को 338 रनों का लक्ष्य मिला था. जवाब में टीम एक समय जीत की ओर बढ़ती दिखाई दे रही थी, तभी अहम मौकों पर विराट कोहली और रोहित शर्मा पवेलियन लौट गए. इसके बाद टीम इंडिया को आखिरी दस ओवरों यानी 60 गेंद पर 104 रन की दरकार थी. दिलचस्प बात ये है कि उसके छह विकेट बचे थे और क्रीज पर वनडे क्रिकेट के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक महेंद्र सिंह धोनी और केदार जाधव थे. मगर बावजूद इसके इन बल्लेबाजों ने लक्ष्य तक पहुंचने का कोई प्रयास नहीं किया और टीम इंडिया को 31 रन से हार झेलनी पड़ी. खास बात ये रही कि टीम ने 41वें से 45वें ओवर में महज 33 रन ही बनाए.

वेस्टइंडीज ः 41वें से 45वें ओवर में ठोक दिए 48 रन
वेस्टइंडीज का मुकाबला श्रीलंकाई टीम से था. वेस्टइंडीज को जीत के लिए 339 रन का लक्ष्य मिला था. जवाब में विंडीज के दो विकेट शुरुआती ‌ओवरों में ही गिर गए. इसके बाद निकोलस पूरन का जलवा देखने को मिला. टीम को आखिरी दस ओवरों यानी 60 गेंदों पर 95 रन की दरकार थी. विंडीज के चार खिलाड़ी आउट होने बचे थे. ऐसे में निकोलस पूरन और फैबियन एलन ने जीत के लिए पूरा जोर लगा दिया. इस दौरान वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने पारी के 41वें से 45वें ओवर तक 48 रन ठोक दिए. इसी का नतीजा था कि मैच अंत तक रोमांचक बना रहा और टीम लक्ष्य से केवल 23 ही रन दूर रह गई.
First published: July 2, 2019, 1:53 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...