Test Cricket: हेलमेट से जुड़े नियम में बड़े बदलाव की तैयारी, इंग्लैंड में पहले से लागू है

भारतीय खिलाड़ी कैप पहनकर खेल सकते हैं लेकिन इंग्लिश खिलाड़ी नहीं.

भारतीय खिलाड़ी कैप पहनकर खेल सकते हैं लेकिन इंग्लिश खिलाड़ी नहीं.

क्रिकेट के नियम बनाने वाली संस्था चाहती है कि आईसीसी टेस्ट में बल्लेबाज के लिए हेलमेट अनिवार्य करे. इससे खिलाड़ियों को चोट से बचाया जा सकेगा. अभी यह नियम इंग्लैंड में लागू है. टीम इंडिया के खिलाड़ी कैप पहनकर खेल सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 20, 2021, 6:34 PM IST
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नई दिल्ली. क्रिकेट के नियम बनाने वाली संस्था मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (Marylebone Cricket Club) ने कहा कि बल्लेबाज को हर तरह के गेंदबाज के खिलाफ हेमलेट पहनना चाहिए. इससे वे कन्कशन से बच सकेंगे. अभी आमतौर पर बल्लेबाज तेज गेंदबाज के खिलाफ ही हेलमेट पहनते हैं. माैजूदा नियम की बात की जाए तो हेलमेट का नियम हर बोर्ड तय करते हैं. इंग्लैंड में 2016 से घरेलू और इंटरनेशनल मैच में हेलमेट पहनने को अनिवार्य किया गया है. लेकिन इस तरह के नियम भारत सहित अधिकतर देशों में लागू नहीं हैं.

एमसीसी के हेड ऑफ क्रिकेट जॉन स्टीफेनसन (John Stephenson) ने कहा कि इस तरह की चीजों में बदलाव की जरूरत है. इससे विराट कोहली जैसे बड़े खिलाड़ियाें को चोट से बचाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि सभी को अलग-अगल तरीके से समझाया जा सकता है और देखना होगा कि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (International Cricket Council) इसे कैसे लेती है. इंटरनेशनल क्रिकेट में हेलमेट पहनने को उसे अनिवार्य करना चाहिए. स्टीफेनसन ने कहा कि कोहली जब चाहते हैं तब कैप पहन लेते हैं जबकि इंग्लैंड के खिलाड़ी हर समय हेमलेट पहने रहते हैं. वे कैप पहन ही नहीं सकते.

उन्होंने कहा कि मैं इस मुद्दे पर आईसीसी से बात करना चाहूंगा क्योंकि जब आप स्वीप करते हैं और आप ने कैप पहनी है तो गेंद आपके सिर पर लग सकती है. इस क्षेत्र में सोचे जाने की जरूरत है. टेस्ट क्रिकेट में सभी बल्लेबाजों के लिए हेलमेट अनिवार्य किया जाना चाहिए. आईसीसी को सभी सदस्य देशों को इस पर सहमत करना चाहिए. इस बीच एमसीसी शॉर्ट बॉल को लेकर दुनियाभर में बहस कर रहा है. नियम के अनुसार एक ऊंचाई तक बाउंसर गेंद फेंकने की अनुमति है. इससे ऊंचा फेंकने पर नोबॉल देने का नियम है. लेकिन कई खिलाड़ियों के चोटिल होने के बाद शॉर्ट गेंद पर बैन लगाने पर बहस चल रही है. लेकिन यह मुश्किल लगता है. इस पर अंतिम निर्णय एमसीसी की दिसंबर में होने वाली बैठक में होगा. अगर इस पर सहमति बनी तो यह नियम 1 अक्टूबर 2022 से लागू हो जाएगा.

हालांकि स्टीफेनसन ने माना कि समय के साथ खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं. 2014 में ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाज फिलिप ह्यूज की मौत के बाद कन्कशन के तौर पर अतिरिक्त खिलाड़ी को उतारने का नियम बना. खेल को बेहतर बनाने के लिए समय के साथ सुरक्षा के नियमों में बदलाव किया जाना आवश्यक है.
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