जयदेव उनादकट का छलका दर्द-कहा योग्यता के बावजूद नहीं मिला टेस्ट टीम में मौका, पुजारा ने भी की थी तारीफ

जयदेव उनादकट ने 2010 में एकमात्र टेस्ट मैच खेला था (PIC: PTI)

जयदेव उनादकट ने 2010 में एकमात्र टेस्ट मैच खेला था (PIC: PTI)

जयदेव उनादकट ने 2010 में एकमात्र टेस्ट मैच खेला था और वह भारत के लिए अंतिम बार 2018 में खेले थे. उन्होंने रिकॉर्ड 67 विकेट चटकाकर सौराष्ट्र को पहला रणजी ट्रॉफी खिताब दिलाया था. लिमिटेड ओवरों के क्रिकेट में उनादकट ने 17 मैचों में 22 विकेट झटके हैं.

  • Share this:

नई दिल्ली. बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट (Jaydev Unadkat) अगले तीन-चार साल खुद को अपने खेल के शिखर पर देखते हैं और भारतीय टीम चयनकर्ताओं की लगातार अनदेखी भी उन्हें अपनी क्षमता से बेहतर करने से नहीं रोक पाएगी. बीसीसीआई ने कुछ वक्त पहले इंग्लैंड में विराट कोहली (Virat Kohli) के नेतृत्व में भारत के आगामी टेस्ट असाइनमेंट के लिए एक 20-सदस्यीय टीम की घोषणा की, जहां वे वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल (WTC Final) में न्यूजीलैंड से खेलेंगे और उसके बाद जो रूट के नेतृत्व वाले इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट खेलेंगे. 2019-20 रणजी ट्रॉफी में जयदेव उनादकट के 67 विकेट लेने वाले खिलाड़ी रहे. बावजूद इसके राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के इस तेज गेंदबाज पर चयनकर्ताओं की नजर नहीं पड़ी. चयनकर्ताओं ने मोहम्मद सिराज को आगे बढ़ाया. वहीं, मोहम्मद शमी, इशांत शर्मा, जसप्रीत बुमराह जैसे नियमित पेसरों के साथ शार्दुल ठाकुर, प्रसिद्ध कृष्णा, अवेश खान और अर्जन नागवासवाला (स्टैंड-बाय खिलाड़ी) को टीम में शामिल किया.

बाएं हाथ के तेज गेंदबाज होने के नाते 29 साल के उनादकट अंग्रेजी परिस्थितियों में भारत की पेस बैटरी में और विविधता जोड़ सकते थे. हालांकि, आईपीएल का यह स्टार चयनकर्ताओं को लुभाने में नाकाम रहा. उनादकट ने 2010 में एकमात्र टेस्ट मैच खेला था और वह भारत के लिए अंतिम बार 2018 में खेले थे. उन्होंने रिकॉर्ड 67 विकेट चटकाकर सौराष्ट्र को पहला रणजी ट्रॉफी खिताब दिलाया था. लिमिटेड ओवरों के क्रिकेट में उनादकट ने 17 मैचों में 22 विकेट झटके हैं.

IPL News: विदेशी खिलाड़ियों पर फैसला जुलाई में, बीसीसीआई विभिन्न बोर्ड से करेगा बात

उनादकट के नहीं चुने जाने से पूर्व चयनकर्ता सरनदीप सिंह भी हैरान हैं
कोविड-19 महामारी के कारण देश में कोई भी लाल गेंद का क्रिकेट आयोजित नहीं हो सका. उनादकट को ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए नहीं चुना गया. इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज और अब ब्रिटेन के दौरे के लिए टीम में जगह नहीं मिली, जिससे वह काफी निराश हैं. वह ब्रिटेन के दौरे के लिए स्टैंडबाई खिलाड़ियों में भी शामिल नहीं है, जिससे पूर्व चयनकर्ता सरनदीप सिंह भी हैरान हैं. यूके दौरे के लिए नहीं चुने जाने के बाद निराश होने के बावजूद उनादकट ने हाल ही में बताया कि किस तरह एक बार चेतेश्वर पुजारा ने ड्रेसिंग रूम में उनसे क्या था. पुजारा के शब्दों ने किस तरह डोमेस्टिक क्रिकेट खेलते हुए सौराष्ट्र के ड्रेसिंग रूम में उनका हौसला बढ़ाया था.

उनादकट बोले, पुजारा शब्द मेरे लिए मायने रखते हैं

जयदेव उनादकट ने स्पोर्ट्सकीड़ा को दिए इंटरव्यू में कहा, ''चेतेश्वर मेरे प्रिय मित्र रहे हैं और हमने कई वर्षों तक एक साथ क्रिकेट खेला है. लेकिन जब उन्होंने पिछले साल कहा था कि मैं टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए तैयार हूं, तो इसका मेरे लिए इसके बहुत मायने थे. क्योंकि वह पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने खड़े होकर मुझे बताया कि मैं क्या अच्छा नहीं कर रहा था.'' उन्होंने आगे कहा, ''पांच-छह साल पहले जब मैं चोट से उबरकर लौटा था तो उन्होंने मुझसे कहा था कि मुझे अपनी फिटनेस पर काम करना है. वह मेरे साथ ईमानदार रहे हैं. पिछले सीजन में उन्होंने मुझसे कहा था कि यह मैं सबसे अच्छा हूं, इसलिए उन चीजों का बहुत मतलब है. कुछ अन्य लोगों ने भी मुझसे कहा कि मैं वहां रहने के योग्य हूं और मुझे जल्द ही मौका मिलेगा.''



IPL 2021 पर आई बड़ी खुशखबरी, फैंस को मिलेगी स्टेडियम में एंट्री, पूरी करनी होगी एक शर्त!

"मैं अपने करियर के उस दौर में हूं जब मैं अगले तीन- चार वर्षों तक अपने खेल के शिखर पर रहूंगा'

बता दें कि इससे पहले उनादकट ने कहा था, ''अगर मैं अपने चयन (इस मामले में अपने नहीं चुने जाने के लिए) के बारे में बात करूंगा तो मैं पक्षपात करूंगा. मेरा वास्तव में मानना है कि मैं अपने करियर के उस दौर में हूं जब मैं अगले तीन- चार वर्षों तक अपने खेल के शिखर पर रहूंगा.'' उन्होंने कहा, ''यहां तक कि मैं विकेट भी चटका रहा हूं, इससे वास्तव में साबित होता है कि मैं अच्छी फॉर्म में हूं और मैं विभिन्न परिस्थितियों में विभिन्न पिचों पर खिलाड़ियों को आउट करने के तरीके ढूंढ रहा हूं. और इसके कारण मुझे भी लगता है कि मेरा समय भी आएगा.'' उनादकट ने कहा, ''चयन हालांकि फिर से पेचीदा चीज है और सामान्य तौर पर आपके चयन के लिए भारत ए दौरे के अलावा घरेलू क्रिकेट का प्रदर्शन भी होता है लेकिन महामारी में ऐसा नहीं हुआ है.''

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज