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मोहम्मद सिराज को 5 विकेट लेते हुए देखना चाहते थे माइकल क्लार्क, जानिए क्यों

IND VS AUS: मोहम्मद सिराज ने टेस्ट सीरीज में 13 विकेट लिए (साभार-एपी)
IND VS AUS: मोहम्मद सिराज ने टेस्ट सीरीज में 13 विकेट लिए (साभार-एपी)

India vs Australia: ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क (Michael Clarke) ने मोहम्मद सिराज (Mohammed Siraj) के प्रति सम्मान दर्शाया है. सिराज ने अपने पिता के निधन के बाद भी भारतीय टीम के साथ रुके रहने का फैसला किया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 21, 2021, 12:49 PM IST
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नई दिल्ली. ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाड़ी अक्सर मैदान में अपनी आक्रामकता के लिए मशहूर रहे हैं. हालांकि ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क (Michael Clarke) अलग हटकर हैं. क्लार्क एक भावुक इंसान हैं और बड़ा दिल रखते हैं. ऑस्ट्रेलिया के दिवंगत खिलाड़ी फिल ह्यूज (Phil Hughes) क्लार्क को बड़ा भाई मानते थे. मेलबर्न में वर्ल्ड कप 2015 का खिताब हासिल करने के बाद क्लार्क ने इस जीत को अपने 'छोटे भाई' ह्यूज को समर्पित किया था. ह्यूज का निधन 27 नवंबर 2014 को हुआ था. अब क्लार्क ने मोहम्मद सिराज (Mohammed Siraj) को लेकर बड़ा दिल दिखाया है.

क्लार्क ने कहा कि वह मोहम्मद सिराज का बहुत सम्मान करते हैं. बता दें कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सीरीज शुरू होने से ठीक पहले सिराज ने अपने पिता को खो दिया था. सिराज ने अपने भारी व्यक्तिगत नुकसान के बावजूद ऑस्ट्रेलिया में रुके रहने का फैसला किया. उन्होंने मेलबर्न में यादगार टेस्ट डेब्यू किया और गाबा टेस्ट में 5 विकेट लेकर भारतीय टीम को जीत दिलाई. सिराज की तरह ही क्लार्क भी अपने करियर के दौरान ऐसी परिस्थिति से गुजर चुके हैं जब उनके पिता को कैंसर हो गया था.

क्लार्क ने स्पोर्ट्स टुडे से बातचीत में कहा, "देखिए, मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता कि मेरे मन में उसके लिए कितना सम्मान है. जब मैं क्रिकेट खेल रहा था, उसी दौरान मेरे पिता कैंसर से ग्रसित हो गए. इसके बावजूद मैंने घर वापस जाने का फैसला नहीं लिया. यह काफी कठिन था लेकिन उसके पिता गुजर गए, उसने रुकने का फैसला किया और ईमानदारी से टीम की मदद करने का निर्णय लिया. अंतिम दिन के खेल में आप यह नहीं चाहते थे कि वह विकेट ले, आप यह चाहते थे कि वह कम से कम पांच विकेट ले जिसके लिए उसने इतनी कुर्बानी दी है."



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उन्होंने आगे कहा, "मैं चाहता था कि ऑस्ट्रेलिया मैच जीते लेकिन मैं एक क्रिकेटर को इस परिस्थिति से गुजरते हुए देखकर खुश नहीं होऊंगा. उसने भारतीय क्रिकेट के लिए अपनी वफादारी दिखाई है. वह दुनिया के सभी श्रेय का हकदार है."
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