पाइप फैक्ट्री में मजदूरी करता था ये खिलाड़ी, 1200 रुपये मिलती थी सैलरी, स्पॉट फिक्सिंग से चमकी किस्मत!

पाइप फैक्ट्री में मजदूरी करता था ये खिलाड़ी, 1200 रुपये मिलती थी सैलरी, स्पॉट फिक्सिंग से चमकी किस्मत!
प्लास्टिक फैक्ट्री में मजदूर थे मोहम्मद इरफान

किस्मत कैसे रातोंरात पलटती है, इस पाकिस्तानी गेंदबाज (Pakistan Bowler) की कहानी से पता चलता है. जानिए कैसे एक मजदूरी करने वाला शख्स लाखों कमाता है

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नई दिल्ली. कैसे कोई इंसान पल भर में फर्श से अर्श पर पहुंच जाता है? कैसे किसी शख्स की किस्मत रातोंरात पलट जाती है? अगर इन सवालों का जवाब जानना है तो पाकिस्तान के तेज गेंदबाज मोहम्मद इरफान (Mohammad Irfan) की कहानी आप सभी को जरूर जाननी चाहिए. मोहम्मद इरफान पाकिस्तान के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज हैं. 7 फीट 1 इंच कद के मोहम्मद इरफान दुनिया के सबसे लंबे गेंदबाज हैं. उन्होंने पाकिस्तान के 60 वनडे, 22 टी20 और 4 टेस्ट मैच खेले हैं. इरफान के नाम 83 वनडे विकेट हैं. साथ ही टी20 में उन्होंने 16 और टेस्ट में 10 विकेट हासिल किये हैं. भले ही मोहम्मद इरफान के ये आंकड़े इतने अच्छे नजर नहीं आते लेकिन जितनी गरीबी का सामना कर उन्होंने पाकिस्तानी टीम का सफर तय किया है, वो सच में काबिलेतारीफ है.

पाइप फैक्ट्री में मजदूर थे इरफान
मोहम्मद इरफान (Mohammad Irfan) एक बेहद ही गरीब परिवार से ताल्लुक रखते थे. पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गग्गु मंडी में जन्मे इरफान घर चलाने के लिए एक प्लास्टिक पाइप बनाने वाली कंपनी में मजदूरी करते थे. मोहम्मद इरफान की सैलरी आप सुनेंगे तो दंग रह जाएंगे. इरफान एक हफ्ते में महज 300 रुपये कमाते थे. मतलब उनका मासिक वेतन सिर्फ 1200 रुपये था. एक दिन में 8 से 9 घंटे मजदूरी करने के बाद सिर्फ 42 रुपये प्रति दिन.

ऐसे बदली मोहम्मद इरफान की किस्मत
मोहम्मद इरफान (Mohammad Irfan) भले ही पाइप फैक्ट्री में मजदूरी करते थे लेकिन वो पाकिस्तान में मशहूर टेप बॉल क्रिकेट खेलते थे. इरफान शौकिया तौर पर लेदर बॉल क्रिकेट भी खेलने चले जाते थे. एक क्लब मैच के दौरान पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज आकिब जावेद की नजर इरफान पर पड़ी और उन्होंने उन्हें नेशनल क्रिकेट एकेडमी में आने का न्योता दिया. इरफान की गेंदबाजी ने नेशनल क्रिकेट एकेडमी के सभी कोचों को प्रभावित किया. पाकिस्तानी बल्लेबाज अजहर अली ने मोहम्मद इरफान की गेंदबाजी देखी, जिसमें इस तेज गेंदबाज ने पाकिस्तान ए के विरुद्ध 4 विकेट झटके थे. अजहर अली ने पाकिस्तान की फर्स्ट क्लास टीम खान रिसर्च लैब से इरफान को टीम में लेने के लिए मना लिया. बस इसके बाद इरफान ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा. फर्स्ट क्लास क्रिकेट में इरफान बल्लेबाजों पर कहर बनकर टूटे.



अपने दूसरे ही फर्स्ट क्लास मैच में इरफान (Mohammad Irfan) ने एक मैच में 9 विकेट झटक डाले. इस मैच में इरफान ने अहमद शहजाद, इमरान फरहत जैसे बल्लेबाजों का विकेट लिया. यही नहीं उन्होंने हसन रजा का भी विकेट झटका और उन्हें अपनी बाउंसर से घायल भी किया. अपने तीसरे फर्स्ट क्लास मैच में इरफान ने 11 विकेट चटका दिये. इरफान की गेंदबाजी की वजह से खान रिसर्च लैब टीम ने खिताब जीता.

ऐसे मिला पाकिस्तानी टीम में मौका
मोहम्मद इरफान (Mohammad Irfan) को 28 साल की उम्र में पाकिस्तानी टीम में मौका मिला. इरफान ने इंग्लैंड के खिलाफ 10 सितंबर, 2010 को पहला अंतर्राष्ट्रीय मैच खेलने का मौका मिला था. बता दें इरफान को पाकिस्तानी टीम में इसलिए जगह मिली क्योंकि टीम के दो तेज गेंदबाज मोहम्मद आमिर और मोहम्मद आसिफ स्पॉट फिक्सिंग स्कैंडल में फंस गए थे. हालांकि मोहम्मद इरफान डेब्यू मैच में काफी महंगे साबित हुए और दो मैच खेलने के बाद ही वो दो साल के लिए टीम से बाहर कर दिये गए.

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साल 2012 में मोहम्मद इरफान को भारत दौरे के लिए पाकिस्तानी टीम में जगह मिली. मोहम्मद इरफान का पहला इंटरनेशनल विकेट गौतम गंभीर थे. इसके बाद दिल्ली वनडे में उन्होंने 7 ओवर में 28 रन देकर 2 विकेट हासिल किये. इरफान ने टीम के लिए कई बेहतरीन परफॉर्मेंस की और आज एक पाइप फैक्ट्री में मजदूरी करने वाला आम इंसान अपने मुल्क का एक बड़ा क्रिकेटर है और लाखों रुपये भी कमा रहा है.
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