Sunday Special: इन क्रिकेटर्स की सफलता की पूरी कहानी है 'मां'

Sunday Special: इन क्रिकेटर्स की सफलता की पूरी कहानी है 'मां'
मिताली राज से लेकर विराट कोहली तक के करियर को चमकाने के पीछ उनकी मां का हाथ है (फाइल फोटो )

आज मदर्स डे (Mother's Day) है. इस बार संडे स्‍पेशल में उन चुनिंदा क्रिकेटर्स की बात करेंगे, जिन्‍होंने मां की उंगली पकड़कर सफलता की पहली सीढ़ी चढ़ी

  • Share this:
नई दिल्‍ली. मां...अपने आप में एक पूरी दुनिया. अपने बच्‍चे के लिए हर भूमिका निभाने वाली. दुनिया मे शायद ही ऐसा कोई शख्‍स होगा, जिसकी सफलता में मां का हाथ न हो. कारोबारी से लेकर खिलाड़ी तक, हर किसी की सफलता में इस दुनिया का हाथ है. मां का जिंदगी में क्‍या स्‍थान है, वैसे तो इसे बताने के लिए कोई खास दिन नहीं होता, मगर मदर्स डे (Mother's Day) उनके प्‍यार और त्‍याग को सलाम करने का दिन है. आज मदर्स डे है. इस मौके पर हम उन मांओं की बात करेंगे, जिनके जज्‍बे ने उनके बच्‍चों को खेल की दुनिया का सितारा बना दिया.

mother's day, sachin tendulkar, virat kohli, mithali raj, cricket, sports news,,
मिताली राज और उनकी मां लीला राज (फाइल फोटो)


मिताली राज: भारतीय महिला क्रिकेट की पहचान बन चुकी मिताली राज (Mithali Raj) की सफलता के पीछे उनकी मां लीला राज का हाथ है. अपनी बेटी को क्रिकेटर बनाने के लिए उन्‍होंने अपनी मैनेजर की नौकरी छोड़ दी थी, ताकि घर के साथ साथ अपनी बेटी को संभाल सके. मिताली ने कई बार कहा कि उनकी मां ने कई त्‍याग किए है. वह उनकी देखभाल में दिन रात लगी रहती थी कि उनकी बेटी ने समय पर खाना खाया या नही. आस पास मां की कमी का अहसास न हो, इसीलिए उनकी मां ने अपनी नौकरी छोड़कर हाउस वाइफ बनने का फैसला लिया. यहां तक कि जब लोगों ने उनके क्रिकेट खेलने पर उनके परिवार का मजाक उड़ाया, उस समय भी उनकी मां मैदान पर खड़ी रहती थी और अपनी बेटी का उत्‍साह बढ़ाती थीं.



mother's day, sachin tendulkar, virat kohli, mithali raj, cricket, sports news,,
भारतीय कप्‍तान विराट कोहली और उनकी मां सरोज कोहली

विराट कोहली: कम उम्र में ही पिता के गुजर जाने के बाद भारतीय कप्‍तान विराट कोहली (Virat Kohli) की मां सरोज कोहली ने ही अपने बेटे को संभाला. जब कोहली 8 साल के थे तो उनका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा था. ऐसे समय में भी उनके माता पिता ने क्रिकेट एकेडमी में उनका एडमिशन करवाया. वह अक्‍सर देखा करते थे कि उनके माता पिता किस तरह के त्‍याग कर रहे हैं. 18 दिसंबर 2006 को विराट के पिता प्रेम कोहली ने दुनिया को अलविदा कह दिया था, जिससे विराट अंदर से टूट गए थे. मगर उनकी मां के धैर्य और शक्ति ने संभाला और फिर इसी कारण पिता की मौत के बाद विराट ने आसूंओं के साथ अपने मेंटर को फोन किया और अगले दिन मैच खेलने का फैसला लिया. उस मैच में विराट ने 90 रन जड़े थे और फिर अपने पिता के अंतिम संस्‍कार के लिए सीधे चले. उनकी मां के अनुसार रातों रात उनका बेटा बदल गया था. अचानक ही विराट परिपक्‍व हो गए थे. वह हर मैच को गंभीरता से लेने लगे.अपनी मां के जज्‍बे को सलाम करते हुए जब कोहली खेल रत्‍न लेने गए तो उनकी मां उस समय उनके साथ थी.

सचिन तेंदुलकर और उनकी मां रजनी तेंदुलकर


सचिन तेंदुलकर: क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के लिए तो यह स्‍थान उनकी मां रजनी तेंदुलकर का है. उनकी मां ने अपने बेटे का 200वें टेस्‍ट मैच से पहले तक कोई भी मैच लाइव नहीं देखा था, मगर इस ऐतिहासिक और खास मैच के लिए सचिन ने अपनी मां को स्‍टेडियम में आने के लिए मनाया. दरअसल वे शुरुआत से ही सचिन के मैच टीवी पर ही देखती थीं. 200वें मैच के लिए सचिन ने अपनी मां को कहा था कि आई आपको जरूर आना होगा. उस समय रजनी को शारिरीक समस्‍याएं भी थीं, वे सीढि़यां नहीं चढ़ सकती थी, इसीलिए सचिन ने खासतौर पर उनके लिए रैंप बनवाया और उनके लिए व्‍हीलचेयर भी लेकर आए.
एमएस धोनी: टीम इंडिया के पूर्व कप्‍तान एमएस धोनी (MS Dhoni) की मां देवकी धोनी के बारें में फैंस को कम ही पता होगा. धोनी सोशल मीडिया या किसी और तरीके से मां के प्रति अपने प्‍यार को दिखा नहीं पाए. मगर वो अपनी मां से भावनात्‍मक रूप से हमेशा से जुड़े हैं. धोनी के अनुसार हम लोग अक्‍सर मां की भूमिका को सलाम करना भूल जाते हैं. मगर ऐसा नहीं होना नहीं चाहिए. उन्‍होंने हमारे लिए जो भी किया है, उन्‍हें हर बार हमें इसके लिए धन्‍यवाद बोलना चाहिए.

डेविड वॉर्नर: ऑस्‍ट्रेलिया के दिग्‍गज बल्‍लेबाज डेविड वॉर्नर की जिंदगी में उनकी मां शैला वॉर्नर की भूमिका गुरु की भी है. या यूं कहें आज वॉर्नर जो कुछ भी हैं, वो बस अपनी मां की वजह से ही है. दरअसल वॉर्नर बाएं हाथ के बल्‍लेबाज थे. वह बाएं हाथ से हवा में शॉट लगाते थे. जिसे उनकी कमजोरी भी माना जाता था. मगर हाई स्‍कूल के उनके कोच ने उन्‍हें दाएं हाथ से बल्‍लेबाजी करने के लिए कहा. ताकि वह हवा में शॉट न मार पाए और आउट होने का खतरा कम रहे. स्‍कूल के कोच के कहने पर वॉर्नर ने दाएं हाथ से बल्‍लेबाजी करनी शुरू की, मगर इसके बाद उनके प्रदर्शन का स्‍तर गिरने लगा. कोच की एक सलाह ने वॉर्नर का विश्‍वास डगमगा दिया. ऐसे में उनकी मां शैला वॉर्नर ने कोच की भूमिका निभाई और अपने स्‍टूडेंट को खुद पर विश्‍वास करना सिखाया.

नासिर हुसैन ने मोहम्‍मद कैफ को बताया बस ड्राइवर, मिला ऐसा करारा जवाब

क्रिकेट से लेकर टेनिस तक सब 'बर्बाद', पाई-पाई को मोहताज होंगे खिलाड़ी!
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज