लाइव टीवी

2011 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम के हालात का गैरी कस्टर्न ने किया खुलासा, कहा-धोनी की...

News18Hindi
Updated: April 6, 2020, 1:29 PM IST
2011 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम के हालात का गैरी कस्टर्न ने किया खुलासा, कहा-धोनी की...
महेंद्र सिंह धोनी टीम इंडिया के सबसे सफल कप्तानों में शुमार हैं.

टीम इंडिया (Team India) के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) ने अपना पिछला अंतरराष्ट्रीय मैच जुलाई 2019 में खेला था.

  • Share this:
नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम (Indian Cricket Team) ने साल 2011 का विश्व कप महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) की अगुआई में अपने नाम किया था. पिछले सप्ताह 2 अप्रैल को ही इस ऐतिहासिक लम्हे को नौ साल पूरे हुए. भारतीय टीम ने जब ये खिताब जीता तब साउथ अफ्रीका के पूर्व बल्लेबाज गैरी कस्टर्न (Gary Kirsten) टीम इंडिया के कोच थे. भारतीय टीम की जीत का श्रेय काफी हद तक कस्टर्न को भी जाता है. हालांकि साउथ अफ्रीका के इस दिग्गज खिलाड़ी ने इसका श्रेय लेने से इनकार करते हुए बताया है कि आखिर विश्व कप के दौरान टीम इंडिया के ड्रेसिंग रूम का हाल क्या था.

टीम इंडिया पर खिताब जीतने का था भारी दबाव
स्पोटर्सस्टार की रिपोर्ट के अनुसार, गैरी कस्टर्न (Gary Kirsten) ने बताया, भारत की विश्व कप जीत में महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) की प्रेरणादायक कप्तानी, स्थायित्व भरा सुरक्षित माहौल और बेहद प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का योगदान था. बता दें कि 2011 विश्व कप का आयोजन एशिया में हुआ था और इसका फाइनल मुंबई में खेला गया था, ऐसे में भारतीय टीम पर टूर्नामेंट जीतने का भारी दबाव था.

ड्रेसिंग रूम का माहौल बेहद शांत था



विश्व कप की खिताबी जीत के दौरान टीम इंडिया (Team India) के कोच रहे गैरी कस्टर्न (Gary Kirsten) ने बताया, बाहरी तौर पर टीम इंडिया पर काफी दबाव था, लेकिन टीम के ड्रेसिंग रूम का माहौल बेहद शांत और सुरक्षित था. हमने कभी भी दबाव नहीं लिया फिर चाहे हम कितना ही अच्छा या खराब क्यों न खेले हों. खिलाड़ियों को एक-दूसरे पर भरोसा था. हम जानते थे कि कोई न कोई खिलाड़ी आगे बढ़कर जिम्मेदारी उठाएगा. हम व्यक्तिगत सफलता से आगे बढ़ चुके थे और एक टीम के रूप में सफल होना चाहते थे.



निरंतरता और स्थायित्व अहम
साउथ अफ्रीका के पूर्व ओपनर गैरी कस्टर्न (Gary Kirsten) ने राष्ट्रीय टीम और फ्रेंचाइजी की कोचिंग में अंतर भी समझाया. उन्होंने कहा, 'राष्टीय टीम में आपको निरंतरता और स्थायित्व पर अधिक जोर देना होता है. जबकि फ्रेंचाइजी की कोचिंग के दौरान अहम बात टीम में नए कल्चर को स्थापित करते हुए सही फैसले लेना है.'

जिस मांकडिंग से पिछले IPL में उठ गया था विवाद, जानिए भारत से क्या है कनेक्शन

सड़क पर भीड़ जमा करने वालों से बोले रोहित शर्मा, वर्ल्ड कप अभी दूर है

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए क्रिकेट से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: April 6, 2020, 1:03 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
corona virus btn
corona virus btn
Loading