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संन्यास के सवाल पर भड़के धोनी, बोले- 'कुछ सवाल मेरा जवाब नहीं बदल सकते'

संन्यास के सवाल पर भड़के धोनी, बोले- 'कुछ सवाल मेरा जवाब नहीं बदल सकते'

भारत की सीमित ओवरों की टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने आज कहा कि प्रत्येक मंच पर उनसे संन्यास के सवाल किए जाने से उनका ‘काफी वक्त’ तक खेलना जारी रखने की योजना नहीं बदलेगी।

    कोलकाता। अपने संन्यास को लेकर चल रही अटकलबाजियों से परेशान भारत की सीमित ओवरों की टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने आज कहा कि प्रत्येक मंच पर उनसे इस तरह के सवाल किए जाने से उनका ‘काफी वक्त’ तक खेलना जारी रखने की योजना नहीं बदलेगी। धोनी ने एशिया कप टी20 के लिए टीम के बांग्लादेश रवाना होने से पहले पत्रकारों से कहा कि अगर मैंने कोई बात एक महीने या 15 दिन पहले कही तो अब जवाब नहीं बदलेगा। यह मायने नहीं रखता कि मैं कहां बोल रहा हूं। जवाब तब भी एक जैसा ही होगा। यह उसी तरह से सरल है जैसे कोई पूछे कि तुम्हारा नाम क्या है और मैं कहूंगा महेंद्र सिंह धोनी। यह काफी वक्त तक एक जैसा ही रहेगा जब तक आप मुझे नया प्रारूप नहीं देते हो।

    धोनी ने शुक्रवार को साफ किया था कि वह फिलहाल अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा नहीं कह रहे हैं। धोनी ने दिसंबर 2014 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ श्रृंखला के दौरान टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। संन्यास को लेकर पूछे जा रहे लगातार सवालों से परेशान धोनी ने कहा कि सवाल होंगे, आप मुझे पत्र या प्रार्थना भेजो। यदि आप स्वतंत्र हो तो फिर सभी तरह के सवाल करना सही नहीं है। हर किसी को इस बात का आंकलन करना चाहिए कि क्या करना चाहिए और ऐसा क्यों करना चाहिए। क्योंकि अगर किसी को सवाल पूछने का मंच मिला हुआ तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप वही सवाल दोहराते रहो। आज की दुनिया में सब कुछ मीडिया कवर कर रहा है।

    उन्होंने कहा कि कुछ भी होता है तो भारत में सवाल उठा दिए जाते हैं। अगर हम विश्व टी20 को आसानी से जीत लेते हैं तो पूछा जाता है कि क्या हमने बहुत जल्दी चरम हासिल कर लिया है। अगर हम फाइनल में हार जाते हैं तो फिर पूछा जाएगा कि क्या हम फाइनल का दबाव झेलने में सक्षम हैं। भारत ने नौ साल पहले धोनी की अगुवाई में पहला विश्व टी20 जीता था और उनकी निगाह फिर से इस खिताब पर टिकी है जिसके लिए तैयारियां बांग्लादेश में शुरू हो जाएंगी। भारतीय टीम |ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के खिलाफ टी20 श्रृंखला जीतकर पहले ही लय हासिल कर चुकी है। धोनी ने अपनी तैयारियों पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि अच्छी बात यह है कि हमने ऑस्ट्रेलिया में तीन मैच खेले। हां परिस्थितियां भिन्न थी लेकिन इसके बाद हम श्रीलंका से खेले। इससे हमें इस प्रारूप से सामंजस्य बिठाने में मदद मिली। टी20 से टेस्ट प्रारूप में लौटना टेस्ट से टी20 प्रारूप में लौटने से बेहतर होता है। यह अच्छा है कि हमें इन मैचों में खेलने का मौका मिला।

    धोनी ने कहा कि अक्सर आपको विश्व टी20 से बहुत अधिक मैच खेलने को नहीं मिलते हैं और इसलिए अच्छा है कि हमें कुछ मैच खेलने और लय हासिल करने का मौका मिल रहा है। भारतीय कप्तान ने कहा कि वे एशिया कप में सभी को मौका देने की कोशिश करेंगे ताकि संतुलन बनाया जा सकते। उन्होंने कहा कि हम प्रत्येक को मौका देना चाहेंगे। प्रत्येक को मैच खेलने का मौका देना महत्वपूर्ण है लेकिन हम मैच जीतने पर ध्यान देंगे और यह हमारी शीर्ष प्राथमिकता है।

    भारत एशिया कप में अपना पहला मैच 24 फरवरी को बांग्लादेश के खिलाफ खेलेगा। धोनी ने कहा कि मेरे पास बड़े टूर्नामेंट जीतने के लिये विश्वास और प्रतिभा है। यह टीम हर क्षेत्र में कुशल है। प्रत्येक को फिट रखना महत्वपूर्ण है। यदि सभी को खेलने का मौका मिलता है तो यह हमारे लिए बहुत अच्छा रहेगा। आखिर में आपको मैदान पर उतरकर अच्छा प्रदर्शन करना होता है। अपनी कप्तानी के बारे में धोनी ने कहा कि मैं अब भी शत प्रतिशत पहले की तरह ही हूं। मेरे विचारों और रणनीति में कोई बदलाव नहीं आया है। यह निश्चित तौर पर पहले जैसे ही है।

    धोनी ने हालांकि कहा कि वह ‘चैंपियन्स भाग्य’ पर विश्वास नहीं करते। उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर भाग्य बड़ा कारक होता है। यह टॉस में हो सकता है। आपको ओस वाले मैच में खेलना पड़ रहा हो और आप टॉस हार जाते हैं या फिर मैच बारिश से प्रभावित हो गया हो। ये सब खेल का हिस्सा हैं। मैं नहीं मानता कि चैंपियन्स का भाग्य जैसी कोई चीज होती है। जब सिक्का उछाला जाता है तब उसमें भाग्य शामिल होता है। धोनी से पूछा गया कि क्या वह बल्लेबाजी क्रम में ऊपर आना चाहेंगे, उन्होंने कहा कि सामान्य परिस्थिति में मैं खुद को ऊपरी क्रम में नहीं लाना चाहता हूं क्योंकि हमारा बल्लेबाजी क्रम अच्छा है। बेशक अगर हमारी साझेदारियां बनती हैं और सभी 18वें या 19वें ओवर तक अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो मैं ऊपरी क्रम में आ सकता हूं। इसके अलावा किसी अन्य परिस्थिति में मुझे नहीं लगता कि मुझे ऊपरी क्रम में आना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि विराट नंबर तीन पर आता है। इसके बाद रैना, युवराज, मैं छठे नंबर पर और फिर जडेजा व हार्दिक लेकिन अगर बीच में अच्छी साझेदारी होती है तो हम देखेंगे। धोनी ने चेन्नई सुपरकिंग्स के अपने साथी ब्रैंडन मैकुलम की तारीफ की जिन्होंने कल सबसे तेज टेस्ट शतक जड़ा। उन्होंने कहा कि मैंने उसकी पारी नहीं देखी लेकिन मैंने उसकी कई पारियां देखी हैं। यह बेहतरीन क्रिकेटर है। उसने कई टेस्ट और वनडे खेले हैं। वह पहली गेंद से पूरा मनोरंजन करता है। उम्मीद है कि टेस्ट क्रिकेट के बाद भी अच्छा प्रदर्शन करेगा। मैं भाग्यशाली हूं कि मैंने उसके साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया है।

    Tags: Asia cup, India, Mahendra Singh Dhoni, Ms dhoni

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