मुंबई इंडियंस के बॉलिंग कोच शेन बॉन्ड बोले- हार्दिक ने चोट के बाद बतौर ऑलराउंडर कुछ नहीं खोया

हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) को लेकर मुंबई इंडियंस(mumbai indians) के बॉलिंग कोच शेन बॉन्ड ने कहा कि अच्छी बल्लेबाजी की वजह से बतौर गेंदबाज उन पर से दबाव कम हुआ है. (PIC:AP)

हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) को लेकर मुंबई इंडियंस(mumbai indians) के बॉलिंग कोच शेन बॉन्ड ने कहा कि अच्छी बल्लेबाजी की वजह से बतौर गेंदबाज उन पर से दबाव कम हुआ है. (PIC:AP)

मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) के बॉलिंग कोच शेन बॉन्ड (Shane Bond) को नहीं लगता है कि चोट के बाद वापसी करने वाले हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) ने बतौर ऑलराउंडर कुछ खोया है. उनका मानना है कि हार्दिक अभी भी स्विंग कराने के साथ ही तेज रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 3, 2021, 12:42 PM IST
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नई दिल्ली. न्यूजीलैंड के पूर्व तेज गेंदबाज और मुंबई इंडियंस (Mumbai Indians) के बॉलिंग कोच शेन बॉन्ड (Shane Bond) को नहीं लगता है कि चोट के बाद वापसी करने वाले हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) ने बतौर ऑलराउंडर कुछ खोया है. बॉन्ड का मानना है कि बैक इंजरी के बाद ये स्वाभाविक है कि आपकी रफ्तार पहले से कम हो जाए. लेकिन हार्दिक के मामले में ये अच्छा है कि उन्होंने अपना आक्रामक नजरिया नहीं बदला है. वो अभी भी बाउंसर का इस्तेमाल कर सकते हैं. उनके पास गेंद को स्विंग कराने की काबिलियत है और अभी भी अच्छी-खासी रफ्तार से गेंदबाजी कर सकते हैं.

बॉन्ड ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा कि जब आपकी सर्जरी हो जाती है तो शरीर के अन्य हिस्सों में भी दर्द होने की संभावना रहती है. पिछले आईपीएल में हार्दिक के साथ ऐसा ही हुआ था. वो दर्द से परेशान थे. हम नहीं चाहते थे उन्हें कोई एक और चोट लग जाए क्योंकि बतौर बल्लेबाज भी वो टीम के लिए बहुत अहम हैं. तब हमारा लक्ष्य यही था कि हार्दिक की एक ऑलराउंडर के रूप में टीम इंडिया में दोबारा वापसी हो और वो इस पूरी प्रक्रिया का हिस्सा बनें. हमें खुशी है कि उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में बतौर ऑलराउंडर अच्छी वापसी की और अब वो इसी फॉर्म के साथ आईपीएल में आए हैं.

बल्लेबाजी की वजह से बतौर गेंदबाज हार्दिक पर दबाव कम हुआ: शेन बॉन्ड
मुंबई इंडियंस के गेंदबाजी कोच ने कहा कि हार्दिक की शानदार बल्लेबाजी ने उन्हें गेंदबाजी का और ज्यादा आनंद उठाने का मौका दिया है. जब उन्हें भारतीय टीम में चुना गया था, तो उन्हें वास्तविक ऑलराउंडर के रूप में देखा गया था. वो अभी भी गेंदबाजी और बल्लेबाजों दोनों बेहतर कर सकते हैं. ये उनकी बल्लेबाजी है, जिसकी वजह से एक गेंदबाज के रूप में उन पर दबाव बहुत कम हो गया है. हार्दिक को पता है कि वो सीमित ओवर क्रिकेट में दुनिया के सबसे बेहतर बल्लेबाजों में से एक हैं और यही कारण है कि वो अब अपनी गेंदबाजी को लेकर बहुत ज्यादा सहज हो गए हैं. हालांकि, उनके वर्कलोड को देखना जरूरी है.

भारत के लिए टेस्ट में हार्दिक चौथे तेज गेंदबाज का मजबूत विकल्प

बॉन्ड ने कहा कि मेरा मानना है कि वो टेस्ट में सात नंबर पर बल्लेबाजी करने के साथ ही चौथे गेंदबाज के तौर पर बेहतर विकल्प हो सकते हैं. लेकिन मुझे लगता है कि टेस्ट क्रिकेट में उनसे 15-16 ओवर की बजाए उनसे एक दिन में 10 ओवर ही कराने चाहिए. ये रणनीति भविष्य में टीम इंडिया के काफी काम सकती है. क्योंकि इंग्लैंड बेन स्टोक्स जैसे ऑलराउंडर का वर्कलोड इसी तरह मैनेज करता है.

कोहली ने भी हार्दिक का वर्कलोड मैनेज करने की बात कही थी



पिछले साल कमर की चोट से उबरने के बाद हार्दिक को बतौर बल्लेबाज तो कोई नुकसान नहीं हुआ है. लेकिन अब उनकी गेंदबाजी में तीन साल पहले जैसी धार नजर नहीं आ रही है. इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के 5 मैच में तो हार्दिक ने 17 ओवर गेंदबाजी की, लेकिन तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले दो मुकाबले में प्लेइंग-11 का हिस्सा होने के बावजूद उन्होंने गेंदबाजी नहीं की. सिर्फ आखिरी वनडे में इस ऑलराउंडर ने 9 ओवर फेंके थे. इसे लेकर जब कप्तान विराट से सवाल पूछा गया था तो उन्होंने कहा था कि हार्दिक टीम के अहम खिलाड़ी हैं. इसलिए उनका वर्कलोड मैनेज किया जा रहा है.

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इस पर वीरेंद्र सहवाग और सुनील गावस्कर जैसे कई दिग्गजों ने सवाल उठाए थे. तब सहवाग ने कहा था कि इस सीरीज के बाद टीम को कोई अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नहीं खेलना है, सिर्फ आईपीएल होना है. ऐसे में अगर हार्दिक 4 से 5 ओवर गेंदबाजी करते हैं तो इससे उनके वर्कलोड पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा. क्योंकि वो 50 ओवर तक तो मैदान में फिल्डिंग करते ही हैं.

पिछले तीन साल में हार्दिक ने तीनों फॉर्मेट में सिर्फ 57 मुकाबले खेले हैं. जबकि उनके मुकाबले कप्तान विराट कोहली ने टेस्ट, वनडे और टी20 को मिलाकर 115 मैच खेले हैं. इसी अवधि में तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह 73 मैच में उतरे. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि हार्दिक का वर्कलोड कैसे मैनेज हो रहा है.
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