ICC रैंकिंग: ‘घर का शेर’ बन गया नंबर-1, भारत विदेश में 3 गुने मैच जीतकर भी तीसरे नंबर पर

यह पहला मौका है, जब न्यूजीलैंड ICC टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 बना है.

यह पहला मौका है, जब न्यूजीलैंड ICC टेस्ट रैंकिंग में नंबर-1 बना है.

न्यूजीलैंड की टीम (New Zealand) टेस्ट इतिहास में पहली बार नंबर-1 बनी है. आईसीसी टेस्ट रैंकिंग (ICC Test Ranking) में जिस अवधि के मैच शामिल किए गए हैं, उस दौरान भारत (India), ऑस्ट्रेलिया (Australia), इंग्लैंड (England) ने न्यूजीलैंड से ज्यादा मैच जीते हैं. विदेश में तो न्यूजीलैंड का प्रदर्शन बेहद दयनीय है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 7, 2021, 8:33 PM IST
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नई दिल्ली. साल 2021 क्रिकेट में ऐतिहासिक बदलाव लेकर आया है. इस साल का पहला टेस्ट न्यूजीलैंड और पाकिस्तान (New Zealand vs Pakistan) के बीच खेला गया. मेजबान न्यूजीलैंड (New Zealand) ने यह मैच पारी के अंतर से जीता. कुछ देर बाद खबर आई कि न्यूजीलैंड आईसीसी टेस्ट रैंकिंग (ICC Test Ranking) में पहले नंबर पर पहुंच गया है. टेस्ट इतिहास में यह पहला मौका है, जब कीवी टीम नंबर-1 बनी है. दिलचस्प बात यह है कि आईसीसी रैंकिंग (ICC Ranking) में जिस अवधि के मैच शामिल किए गए हैं, उस दौरान भारत (India), ऑस्ट्रेलिया (Australia), इंग्लैंड (England) ने न्यूजीलैंड से ज्यादा मैच जीते हैं.

भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड के दमदार प्रदर्शन के बीच न्यूजीलैंड का टॉप पर पहुंचना थोड़ा चौंकाने वाला है. यकीनन, न्यूजीलैंड किसी पक्षपात के कारण नंबर-1 नहीं बना है. उसने भी आईसीसी के उसी नियम के आधार पर रैंकिंग की चोटी फतह की है, जिस आधार पर बाकी टीमें इस मुकाम तक पहुंचती हैं. लेकिन जैसा कि टेस्ट फॉर्मेट ही क्रिकेट का असली खेल कहलाता है. वैसे ही इस खेल में विदेश में अच्छा प्रदर्शन किसी भी टीम की काबिलियत की सबसे बड़ी कसौटी रही है. इत्तफाक से न्यूजीलैंड की टीम नंबर-1 बनकर भी इस कसौटी में फेल हो जाती है.

चलिए, बातों को जलेबी ना बनाते हुए सीधे नंबरों पर आते हैं. न्यूजीलैंड की टीम आईसीसी रैंकिंग में जिस अवधि के प्रदर्शन के आधार पर नंबर-1 बनी है, वह 1 मई 2017 से अब तक की है. इस दरमियान न्यूजीलैंड ने कुल 24 टेस्ट मैच खेले और इनमें से 16 में जीत दर्ज की और 5 में हार का सामना किया. उसकी जीत-हार का अनुपात 3.2 रहा.

जीत-हार के अनुपात में भारत दूसरे नंबर पर  
जीत-हार का यही अनुपात न्यूजीलैंड (3.2) को नंबर-1 बना गया. भारत (Team India) इस मामले में 1.9 के साथ दूसरे नंबर पर रहा. ऑस्ट्रेलिया (1.7) और इंग्लैंड (1.4) भी न्यूजीलैंड से काफी पीछे रहे. बता दें कि भारत ने 1 मई 2017 से अब तक 33 टेस्ट खेले हैं, जिनमें से उसने 19 जीते हैं और 10 हारे हैं. इसी दौरान ऑस्ट्रेलिया ने 32 मैच खेलकर 17 जीते और 10 हारे. इंग्लैंड ने 45 मैच खेलकर 23 जीते और 16 हारे.

विदेश में 8 टेस्ट में 3 ही जीता न्यूजीलैंड

आईसीसी रैंकिंग की एक कमी है जो जीत-हार के आंकड़ों या अनुपात में नहीं दिखाई देती. वह यह कि न्यूजीलैंड ने 1 मई 2017 से अब तक विदेश या तटस्थ जगह पर 8 टेस्ट मैच खेले. वह इनमें से सिर्फ 3 जीत सका और 5 में हार गया. इस तरह विदेश में उसकी जीत-हार का प्रतिशत 3 से घटकर 0.6 रह गया. भारत ने इसी दौरान विदेश में 22 टेस्ट मैच खेले. उसने इनमें से 10 में जीत दर्ज की और इतने ही मैच वह हार गया. इस तरह जीत-हार का उसका अनुपात 1 रहा, जो अन्य सभी टीमों से अधिक है. अफगानिस्तान, श्रीलंका और इंग्लैंड का भी विदेश में जीत का अनुपात न्यूजीलैंड से अधिक रहा.



भारत ने पिछले 44 महीने में विदेश में 22 मैच खेले और 10 जीते.
भारत ने पिछले 44 महीने में विदेश में 10 टेस्ट मैच जीते.

भारत ने महज हफ्ते भर पहले ही ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर पर हराया है. जबकि नंबर-1 न्यूजीलैंड की टीम महज एक साल पहले ही जब ऑस्ट्रेलिया पहुंची थी, तब वह टेस्ट सीरीज 0-3 से हार गई थी. हालांकि, इस हार से भी न्यूजीलैंड के प्रदर्शन को आंकने की जरूरत नहीं है. क्योंकि अगर हम इस सीरीज को छोड़ दें तो न्यूजीलैंड ने बाकी 21 टेस्ट मैचों में से 16 जीते हैं.

न्यूजीलैंड को मिला कैलेंडर का फायदा

आईसीसी के कैलेंडर (शेड्यूल) ने न्यूजीलैंड को नंबर-1 बनाने में भरपूर मदद की है. उसने पिछले 32 महीने में अपने देश में 16 टेस्ट खेले और इनमें से 13 में जीत दर्ज की. भारत ने इस दौरान 11 मैच खेले और 9 जीते. भारत और न्यूजीलैंड दोनों ही इस दरमियान अपने देश में एक भी मैच नहीं हारे.

स्पष्ट है कि न्यूजीलैंड की टीम को नंबर-1 बनाने में घरेलू मैचों ने अहम भूमिका निभाई. जबकि विदेश में उसका प्रदर्शन दयनीय ही रहा (8 मैच में 5 हारा). इसलिए अगर यह कहा कि न्यूजीलैंड की टीम ‘घर का शेर’ है तो गलत नहीं होगा. दो दशक पहले तक भारतीय टीम पर भी यही आरोप लगते थे. लेकिन अब ऐसा नहीं है. भारतीय टीम अब विदेशों में दमदारी से जीत दर्ज करती है. इसलिए भारतीय क्रिकेटप्रेमियों को आईसीसी रैंकिंग में टीम के नंबर-3 होने पर निराश नहीं होना चाहिए.

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