INDvsNZ Preview : आधा इंच घास और तेज गेंदबाजों की फौज, पहले दिन बल्लेबाजों का क्रीज पर टिकना होगा मुश्किल

INDvsNZ Preview : आधा इंच घास और तेज गेंदबाजों की फौज, पहले दिन बल्लेबाजों का क्रीज पर टिकना होगा मुश्किल
भारत और न्यूजीलैंड के बीच दूसरा टेस्ट क्राइस्टचर्च में खेला जा रहा है.

दो मैचों की टेस्ट सीरीज के पहले मुकाबले के दौरान वेलिंगटन (Wellington) में चलने वाली तेज हवाएं बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 20, 2020, 5:21 PM IST
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वेलिंगटन. क्रिकेट के सबसे मुश्किल प्रारूप में टकराने के लिए भारत और न्यूजीलैंड (India vs New Zealand) दोनों ही टीमें तैयार हैं. टेस्ट क्रिकेट में आमतौर पर घरेलू टीम का दबदबा ही माना जाता है, लेकिन न्यूजीलैंड में हालात कुछ अलग से हैं. क्योंकि ये लड़ाई सिर्फ घरेलू टीम और मेहमान टीम के बीच की नहीं है, बल्कि ये जंग दो ऐसी टीमों के बीच है, जो किसी भी मामले में एक-दूसरे से कमतर नहीं हैं. यही वजह है कि दो मैचों की इस सीरीज के पहले मुकाबले में किसी भी टीम को सीधे तौर पर दावेदार नहीं कहा जा सकता. फिर भले ही वेलिंगटन (Wellington) के बेसिन रिजर्व (Basin Reserve) मैदान की पिच पर 18 मिलीमीटर यानी आधे से ज्यादा इंच की घास और दोनों टीमों में घातक गेंदबाजों की फौज ही क्यूं न हो. यही वजह है कि टेस्ट सीरीज का परिणाम कुछ भी हो सकता है.

पिछले 14 में से 2 ही सीरीज हारी है न्यूजीलैंड की टीम
दुनिया के अन्य किसी भी हिस्से में भारत (India) की टीम दावेदार के तौर पर मैदान में उतरती, लेकिन न्यूजीलैंड (New Zealand) के मामले में खास बात ये है कि इस टीम ने घरेलू जमीन पर पिछली 14 टेस्ट सीरीज में से दो ही गंवाई है. भारत के घरेलू जमीन पर प्रदर्शन के बाद ये किसी टीम का दूसरा ऐसा प्रदर्शन है. भारतीय टीम ने साल 2018 के बाद से घरेलू जमीन पर कोई टेस्ट सीरीज नहीं गंवाई है. न्यूजीलैंड ने आखिरी बार मार्च 2017 में अपनी सरजमीं पर टेस्ट सीरीज गंवाई थी.

दिसंबर 2013 के बाद से...



न्यूजीलैंड (New Zealand) में दिसंबर 2013 के बाद से 28 टेस्ट मैच खेले गए हैं. इनमें से 25 मौकों पर टॉस जीतने के बाद कप्तानों ने फील्डिंग का फैसला किया है. इन 25 में से 12 में फील्डिंग करने वाली टीम को जीत मिली है, जबकि आठ मुकाबलों में उसे हार का सामना करना पड़ा है. पांच मैच ड्रॉ रहे हैं. इस दौरान अन्य देशों में जो 253 टेस्ट खेले गए हैं, उनमें से 58 बार कप्तानों ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया.



पिच का मिजाज
वेलिंगटन (Wellington) के बेसिन रिजर्व (Basin Reserve) मैदान पर बल्लेबाजों की राह हमेशा ही मुश्किल रही है. इस बार भी हालात अलग नहीं हैं. पिच पर 15 से 18 मिलीमीटर यानी आधे इंच से ज्यादा की घास है, जिससे पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम पर गेंदबाजों का कहर टूटना तय है. हालांकि शुरुआती दो दिनों के बाद इस पिच पर बल्लेबाजी करना आसान हो जाता है.

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की सबसे बड़ी चुनौती
बेसिन रिजर्व (Basin Reserve) की तेज पिच पर पहले टेस्ट में न्यूजीलैंड (New Zealand) के खिलाफ जब भारतीय टीम (Indian Team) मैदान में कदम रखेगी तो उसके सामने वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की अब तक की सबसे कड़ी चुनौती होगी. शीर्ष रैंकिंग वाली विराट कोहली की टीम के 360 अंक है और कागजों पर उसका पलड़ा भारी दिख रहा है लेकिन केन विलियमसन की कीवी टीम संयम की पूंजी है जो इन पिचों पर उपयोगी साबित होगी.

पृथ्वी शॉ और मयंक अग्रवाल पर निगाहें
विपरीत दिशा से आती हवाओं के कारण बेसिन रिजर्व गेंदबाजों और बल्लेबाजों दोनों के लिए हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है. ऐसे में पृथ्वी शॉ और मयंक अग्रवाल की नई सलामी जोड़ी को ट्रेंट बोल्ट, टिम साउदी और टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करने जा रहे काइल जेमीसन जैसे आला दर्जे के गेंदबाजों का सामना करना है. बाएं हाथ के तेज गेंदबाज नील वैगनर की गैरमौजूदगी में भारतीय मध्यक्रम ने राहत की सांस ली होगी. वैगनर अपने पहले बच्चे के जन्म के कारण ब्रेक पर हैं. बल्लेबाजी में भारतीय टीम का भरोसा तकनीक के धनी चेतेश्वर पुजारा, कोहली और अजिंक्य रहाणे पर होगा.

टीम इंडिया को तेज गेंदबाजों से उम्मीद
भारतीय कप्तान विराट कोहली टॉस जीतने पर गेंदबाजी चुन सकते हैं ताकि जसप्रीत बुमराह, इशांत शर्मा और मोहम्मद शमी पिच से मिलने वाली शुरूआती मदद का फायदा उठा सकें. कोहली स्वयं स्वीकार कर चुके हें कि उनकी टीम को पिच के अनुकूल होने का इंतजार करना होगा जबकि विलियमसन की टीम इसी संयम के लिए जानी जाती है. न्यूजीलैंड टीम चार तेज गेंदबाजों और एक तेज गेंदबाज हरफनमौला के साथ उतर सकती है जबकि भारतीय टीम प्रबंधन स्पिनर आर अश्विन को उतार सकता है जिनके पास रविंद्र जडेजा से ज्यादा विविधता है.

न्यूजीलैंड के बल्लेबाज भी कम नहीं
अगर भारत के पास सभी तरह के हालात में बेहतर प्रदर्शन करने वाला गेंदबाजी आक्रमण है तो न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज जानते हैं कि इन हालात में उन्हें कैसे विकेट लेने हैं. दिसंबर 2013 के बाद से न्यूजीलैंड के लिए दूसरी पारी में नील वैगनर के बाद ट्रेंट बोल्ट दूसरे सबसे शानदार प्रदर्शन करने वाले गेंदबाज हैं. जहां तक इन गेंदबाजों के खिलाफ भारतीय कप्तान विराट कोहली का प्रदर्शन है तो उन्होंने बोल्ट के खिलाफ 66 और साउदी के खिलाफ 46.5 के औसत से रन बनाए हैं, लेकिन वैगनर के खिलाफ उनका औसत 20 का ही है. जहां तक न्यूजीलैंड की बल्लेबाजी की बात है तो टॉम लाथम, रॉस टेलर, केन विलियमसन, बीजे वाटलिंग समेत धुरंधर खिलाड़ी टीम में मौजूद हैं.

6 फीट 8 इंच के काइल जेमीसन खेलेंगे
वेलिंगटन में न्यूजीलैंड की नई सनसनी छह फीट 8 इंच के तेज गेंदबाज काइल जेमीसन अपना टेस्ट डेब्यू करेंगे. वह न्यूजीलैंड के 279वें टेस्ट खिलाड़ी होंगे. उन्हें नील वैगनर की जगह टीम में लिया गया है. इसकी वजह ये है कि जेमीसन अपने कद की बदौलत पिच से अच्छा उछाल हासिल करते हैं. हालांकि देखना दिलचस्प होगा कि टीम में एकमात्र स्पिनर के तौर पर एजाज पटेल को जगह मिलती है या फिर डैरिल मिचेल को.

पहले टेस्ट के लिए दोनों टीमें :
भारत : विराट कोहली (कप्तान), मयंक अग्रवाल, पृथ्वी शॉ, चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे, हनुमा विहारी, ऋद्िधमान साहा, इशांत शर्मा, मोहम्मद शमी, जसप्रीत बुमराह, रविचंद्रन अश्विन, रविंद्र जडेजा.

न्यूजीलैंड : टॉम लाथम, टॉम ब्लेंडेल, केन विलियमसन, रॉस टेलर, हेनरी निकोल्स, बीजे वाटलिंग, कोलिन डी ग्रैंडहोम, डैरिल मिचेल, एजाज पटेल, टिम साउदी, काइल जेमीसन, ट्रेंट बोल्ट.

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