जश्न मनाने वाइन-सिगार लेकर पहाड़ पर चढ़े न्यूजीलैंड के खिलाड़ी, मगर बल्लेबाजों को इसलिए छोड़ा नीचे

दरअसल वेलिंगटन में जीत के बाद न्यूजीलैंड के गेंदबाज और विकेटकीपर अलग तरह से इसका जश्न मनाते हैं

वेलिंगटन में भारत (India) पर 10 विकेट से जीत दर्ज करने के बाद न्यूजीलैंड के खिलाड़ी लिमोजिन से पहाड़ पर जश्न मनाने पहुंचे

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    वेलिंगटन. अब तक खिलाड़ियों को जीत का जश्न सभी ने एक टीम के रूप में ही मनाते हुए देखा होगा. अक्सर टीम जीत के बाद एक साथ जश्न मनाती हैं. पार्टी करती है, साथ में डांस करती है. शैंपेन खोले जाते हैं , सब कुछ टीम एक साथ ही करती है. मगर न्यूजीलैंड (New Zealand) टीम का जश्न मनाने का तरीका कुछ अलग है. यहां कीवी टीम अपने बल्लेबाजों को छोड़कर पहाड़ के सबसे ऊंचे स्‍थान पर जश्न मनाने जाती हैं. हालांकि ऐसा जश्न सभी मैचों में नहीं होता, बल्कि वेलिंगटन में मिली जीत के बाद ही ऐसा जश्न मनाया जाता है. जहां विकेटकीपर सब कुछ तय करता है. इसके लिए एक बड़ी सी गाड़ी किराए पर ली जाती  है. महंगी शैंपेन और सिगरेट खरीदी जाती है.
    कुछ दिन पहले ही वेलिंगटन में भारत पर मिली 10 विकेट से जीत का जश्न भी कीवी टीम ने कुछ इसी तरह से मनाया. टीम अपने पूरे सामान के साथ बेसिन रिजर्व से कुछ किलोमीटर दूर पहाड़ के सबसे ऊंचे स्‍थान पर गई. पहले टेस्ट मैच में कीवी गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया था. कीवी अटैक ने भारतीय बल्लेबाजी क्रम को तहस नहस कर दिया था. टिम साउदी (Tim Southee) ने 9 और ट्रेंट बोल्ट ने  कुल पांच विकेट लिए, जबकि काइल जैसीसन ने चार विकेट लिए.

    आखिर टीम क्यों जाती है टीम पहाड़ पर जश्न मनाने
    न्यूजीलैंड टीम का इस तरह से जश्न मनाने के तरीके का करीब दो दशक पुराना इतिहास है. बात 1998 की है. कीवी टीम ने इस मैदान पर भारत को चार विकेट से हराया था. मैच के बाद डायोन नैश गेंदबाजों और विकेटकीपर के साथ शैंपेन और सिगरेट से भरी अपनी कार से शहर के सबसे ऊंचे स्‍‌थान गए. इसके लिए उन्होंने लग्जरी गाड़ी लिमोजिन बुक की थी. जिसमें सभी खिलाड़ी आराम से आ सके. इसके बाद यह योजना एक परंपरा बन गई, जिसके बाद आने वाले खिलाड़ियों ने इसे बनाए रखा.

    आखिर बल्लेबाज क्यों नहीं होते इस जश्न का हिस्सा
    हर किसी के मन में एक ही सवाल आ रहा होगा कि आखिर बल्लेबाज इस जश्न का हिस्सा क्यों नहीं होते. पूर्व खिलाड़ी इयान स्मिथ ने बताया कि गेंदबाज और विकेटकीपर के बीच एक अच्छा तालमेल होता है. आमतौर पर वे साथ में ही रहते हैं. हालांकि यह भी दिलचस्प है कि यह विकेटकीपर की पसंद होती है कि इस ड्राइव पर कौन कौन से सभी गेंदबाज जाएंगे.

    कुछ सालों के लिए इस जश्न पर लग गया था ब्रेक
    हालांकि कुछ सालों के लिए इस जश्न पर ब्रेक लग गया था. दरअसल 2009 से 2013 के बीच न्यूजीलैंड की टीम बेसिन रिजर्व में एक भी मैच नहीं जीत पाई थी. टीम ने तीन मैच गंवाए थे, जबकि चार मैच ड्रॉ खेले थे. हालांकि उसके बाद टीम कई बार पहाड़ की राइड कर आई है, क्योंकि टीम ने अपने पिछले नौ टेस्ट मैचाें में से पांच इसी जगह पर  जीते हैं.
    बीजे वॉटलिंग लेकर गए गेंदबाजों को

    इंडियन एक्सप्रेस की खबर के अनुसार भारत के खिलाफ पहला टेस्ट मैच जीतने के बाद बीजे वॉटलिंग ( BJ Watling) अपने गेंदबाजों को विक्टोरिया पहाड़ पर खुद ड्राइव करके लेकर गए. जो बेसिन रिजर्व से सिर्फ दो किलोमीटर दूर था. मैच के बाद वॉटलिंग  लिमोजिन की बुकिंग करवाने, सबसे महंगी शैंपेन लाने में बिजी थे.


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