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On This Day: जीत के लिए बनाने थे 34 रन, बाकी थे 7 विकेट; फिर भी हारा इंग्लैंड

On This day in cricket: आज के दिन क्रिकेट इतिहास का सबसे रोमांचक टेस्ट मैच खत्म हुआ था. जिसका एशेज से खास कनेक्शन है.  (File Photo)

On This day in cricket: आज के दिन क्रिकेट इतिहास का सबसे रोमांचक टेस्ट मैच खत्म हुआ था. जिसका एशेज से खास कनेक्शन है. (File Photo)

On This Day In 1882: ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के क्रिकेट इतिहास में आज यानी 29 अगस्त का दिन बेहद खास है. आज ही के दिन 1882 में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड की धरती पर पहला टेस्ट जीता (1882 AUS vs ENG Oval Test) था. ओवल में हुए इस मुकाबले में इंग्लैंड को जीतने के लिए 85 रन ही बनाए थे. लेकिन पूरी टीम 77 रन पर ढेर गई. तब इंग्लैंड के अखबार ने 'द स्पोर्टिंग टाइम्स' ने एक शोक संदेश छापा था. जिसमें इंग्लैंड की हार पर लिखा गया कि इंग्लिश क्रिकेट की मौत हो गई है और अंतिम संस्कार के बाद इसकी राख ऑस्ट्रेलिया ले जाएगा. यहीं से दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक एशेज सीरीज की बुनियाद पड़ी.

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    नई दिल्ली. टेस्ट क्रिकेट में टीमों और खिलाड़ियों का असली इम्तिहान होता है. एक सेशन में ही मैच का पासा पलट जाता है. ऐसा ही एक मैच 1882 में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच ओवल (1882 AUS vs ENG Oval Test) में हुआ था. जिसका नतीजा आज ही के दिन यानी 29 अगस्त को आया था. इस टेस्ट में इंग्लैंड को जीतने के लिए सिर्फ 85 रन चाहिए थे और उसने 3 विकेट के नुकसान पर 51 रन बना भी लिए थे. लेकिन इसके बाद विकेटों का ऐसा पतझड़ लगा कि टीम 7 रन से मैच हार गई. इसकी गिनती टेस्ट इतिहास के सबसे रोमांचक मुकाबलों में होती है. इसी मैच से इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच ऐतिहासिक एशेज सीरीज (Ashes Series) का जन्म हुआ था. इसके अगले ही साल 1883 में दोनों देशों के बीच पहली एशेज सीरीज हुई थी. इंग्लैंड ने पिछली हार का हिसाब चुकता करते हुए 2-1 से सीरीज अपने नाम की थी. इसके बाद इंग्लैंड ने लगातार 7 एशेज सीरीज जीती थी.

    अब बात 1882 में 28 अगस्त से ओवल में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच शुरू हुए इस ऐतिहासिक टेस्ट की करते हैं. इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी. लेकिन कप्तान बिली मर्डोक का यह फैसला बिल्कुल गलत साबित हुआ और मेहमान टीम पहली पारी में सिर्फ 63 रन पर ही ढेर हो गई. अब बारी इंग्लैंड की थी. लेकिन मेजबान टीम का हाल भी ऑस्ट्रेलिया जैसा हुआ. इंग्लिश टीम भी पहली पारी में 101 रन ही बना सकी. ऑस्ट्रेलिया के फ्रेडरिक स्पोफोर्थ ने घातक गेंदबाजी की. उन्होंने 46 रन देकर 7 विकेट लिए. पहली पारी में इंग्लिश टीम को सिर्फ 28 रन की बढ़त ही मिली.

    ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में सिर्फ 122 रन बनाए
    ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबालों से दूसरी पारी में यह उम्मीद थी कि वो पहली पारी की गलती को नहीं दोहराएंगे. लेकिन हुआ इसका ठीक उल्टा. दूसरी पारी में कंगारू बल्ले से एक-एक कर पवेलियन लौटते गए. वो तो सलामी बल्लेबाज ह्यूज मैसी ने अर्धशतक लगा दिया. वर्ना ऑस्ट्रेलिया पहली पारी जितना स्कोर भी नहीं बना पाता. कप्तान मर्डोक ने भी 29 रन बनाए. ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में सिर्फ 122 रन बनाए.

    स्पोफोर्थ ने तोड़ी इंग्लैंड की बल्लेबाजी की कमर
    इंग्लैंड को जीतने के लिए 85 रन का मामूली सा दिखने वाला लक्ष्य मिला. एक समय इंग्लैंड की जीत नजर भी आ रही थी. उसने 3 विकेट के नुकसान पर 51 रन भी बना लिए थे. स्कोरबोर्ड पर अभी 2 रन और जुड़े ही थे कि डब्ल्यूजी ग्रेस आउट हो गए. इसके बाद तो इंग्लैंड के विकेट ताश के पत्तों की तरह गिरने लगे. पहली पारी में 7 विकेट लेने वाले स्पोफोर्थ कहर बनकर इंग्लिश बल्लेबाजों पर टूटे. अगले 24 रन में ही इंग्लैंड के बाकी बचे 6 बल्लेबाज पवेलियन लौट गए. इंग्लैंड की टीम जीत से 7 रन दूर रह गई.

    स्पोफोर्थ ने मैच में 14 विकेट झटके थे
    स्पोफोर्थ ने दूसरी पारी में भी 44 रन देकर 7 विकेट झटके. उन्होंने मैच में 90 रन देकर कुल 14 विकेट लिए. यह आज भी किसी एक टेस्ट में ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज का दूसरा सबसे बेहतर प्रदर्शन है. ऑस्ट्रेलिया की तरफ से एक टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट बॉब मैसी ने लिए हैं. उन्होंने 1972 में इंग्लैंड के खिलाफ 137 रन देकर 16 विकेट झटके थे.

    इंग्लैंड की हार से एशेज का जन्म हुआ
    स्पोफोर्थ ने अपनी घातक गेंदबाजी से इंग्लिश टीम की कब्र खोद दी. दो दिन में ही मैच खत्म हो गया. यह ऑस्ट्रेलिया की इंग्लैंड की जमीन पर पहली टेस्ट जीत थी. इस हार को इंग्लैंड के लोग नहीं पचा पाए. अगले ही दिन द स्पोर्टिंग टाइम्स अखबार ने एक शोक संदेश छापा. इसमें इंग्लैंड की हार पर लिखा गया कि इंग्लिश क्रिकेट की मौत हो गई है और अंतिम संस्कार के बाद इसकी राख ऑस्ट्रेलिया ले जाएगा.

    अगले साल आइवो ब्लिग की कप्तानी में इंग्लिश टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई. उस समय कहा गया कि इंग्लिश टीम उसी राख को वापस लेने जा रही है. इसे इंग्लिश मीडिया ने एशेज यानी राख को वापस हासिल करने की सीरीज के रूप में बताया. ब्लिग की कप्तानी में इंग्लैंड ने 2-1 से सीरीज जीती और पिछली हार का हिसाब बराबर कर लिया. इसी दौरे से ही दोनों देशों के बीच एशेज सीरीज का आगाज हुआ.

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