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On This Day: 50 साल पहले भारत ने इंग्लैंड में दर्ज की थी पहली टेस्ट जीत, सिनेमा हॉल में चलती थी जीत के हीरोज की फिल्म

On This Day: 50 साल पहले भारत ने इंग्लैंड में दर्ज की थी पहली टेस्ट जीत, सिनेमा हॉल में चलती थी जीत के हीरोज की फिल्म

On This day in cricket: आज के दिन क्रिकेट इतिहास का सबसे रोमांचक टेस्ट मैच खत्म हुआ था. जिसका एशेज से खास कनेक्शन है.  (File Photo)

On This day in cricket: आज के दिन क्रिकेट इतिहास का सबसे रोमांचक टेस्ट मैच खत्म हुआ था. जिसका एशेज से खास कनेक्शन है. (File Photo)

On This Day in 1971: भारतीय क्रिकेट के इतिहास में आज का दिन खास है. अजित वाडेकर (Ajit Wadekar) की कप्तानी में भारत ने आज ही के दिन यानी 24 अगस्त, 1971 को इंग्लैंड में पहला टेस्ट और सीरीज जीती (India's First Test Win in England) थी. तब भारत ने ओवल टेस्ट ( India vs England Oval Test) में इंग्लैंड को 4 विकेट से शिकस्त दी थी. आज इस जीत की गोल्डन जुबली है.

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    नई दिल्ली. विराट कोहली (Virat Kohli) की अगुवाई वाली टीम इंडिया को 25 अगस्त से हेडिंग्ले (IND vs ENG 3rd Headlingley Test) में इंग्लैंड के खिलाफ तीसरा टेस्ट खेलना है. भारत लॉर्ड्स टेस्ट जीतकर सीरीज में 1-0 से आगे है. लेकिन कुछ दशकों पहले तक इंग्लैंड में भारत के ऐसे प्रदर्शन की उम्मीद नहीं की जा सकती थी. क्योंकि यहां भारत का रिकॉर्ड बहुत अच्छा नहीं था. अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि हमें इंग्लैंड की जमीन पर पहला टेस्ट जीतने के लिए पूरे 39 साल और 21 टेस्ट का इंतजार करना पड़ा. इस दौरान 15 टेस्ट में हमें हार मिली, जबकि 6 ड्रॉ रहे.

    लेकिन कहते हैं कि इंतजार का फल मीठा होता है. तो भारत के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. 1971 में आज ही के दिन यानी 24 अगस्त को भारत ने इंग्लैंड में ना सिर्फ पहली टेस्ट जीत दर्ज की, बल्कि पहली सीरीज भी अपने नाम की (Indias First Test Win in England). आज इस ऐतिहासिक जीत की ‘गोल्डन जुबली’ है.

    भारत को यह ऐतिहासिक जीत अजित वाडेकर (Ajit Wadekar) की कप्तानी में मिली थी. उन्हें 1971 में ही मंसूर अली खान पटौदी की जगह टीम की कप्तानी सौंपी गई थी. सेलेक्टर्स का यह फैसला सही साबित हुआ. वाडेकर ने पहले कैरेबियाई किला फतह किया और फिर इंग्लैंड में जीत का झंडा गाड़ा. इंग्लैंड दौरे से ठीक पहले भारत ने वेस्टइंडीज को 5 टेस्ट की सीरीज में 1-0 से शिकस्त दी थी. यह कैरेबियाई टीम के खिलाफ भारत की पहली सीरीज जीत थी.

    भारत वेस्टइंडीज को हराकर इंग्लैंड पहुंचा था
    इसके बाद भारत अपने अगले मिशन के लिए इंग्लैंड पहुंचा था. दोनों देशों को 3 टेस्ट की सीरीज खेलनी थी. लेकिन तब तक भारत को सुनील गावस्कर के रूप में बल्लेबाजी का नया सितारा मिल चुका था. गावस्कर ने 1971 के वेस्टइंडीज दौरे पर ही टेस्ट डेब्यू किया था और उन्होंने पहली ही सीरीज में 774 रन ठोक डाले थे. फिर भी, इंग्लैंड की जमीन पर जीत आसान नहीं था. पुराना रिकॉर्ड डराने और मायूस करने वाला था.

    भारत-इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के पहले 2 टेस्ट ड्रॉ रहे थे
    22 जुलाई, 1971 को लॉर्ड्स टेस्ट से सीरीज का आगाज हुआ. पहला मुकाबला ड्रॉ रहा. इसके बाद दोनों टीमें मैनचेस्टर में भिड़ीं. मौसम भारत पर मेहरबान रहा और टीम की हार टल गई. भारत को इस टेस्ट की चौथी पारी में जीतने के लिए 420 रन का लक्ष्य मिला था. इसका पीछा करते हुए 65 रन पर 3 विकेट भी गिर चुके थे. लेकिन तभी बारिश शुरू हो गई और आगे का खेल नहीं हो पाया. यह मुकाबला भी ड्रॉ रहा.

    चंद्रशेखर की फिरकी की धुन पर नाचे इंग्लिश बल्लेबाज
    अब काफिला ओवल पहुंच चुका था. जहां 19 अगस्त से सीरीज का तीसरा और आखिरी टेस्ट होना था. सीरीज जीतने के लिए दोनों ही देशों के लिए यह मुकाबला जीतना जरूरी था. हालांकि, पहली बाजी इंग्लैंड कप्तान रे इलिंगवर्थ के हाथ आई. उन्होंने टॉस जीता और सपाट नजर आ रही पिच पर बल्लेबाजी का फैसला किया. इंग्लैंड ने पहली पारी में 355 रन बनाए. इसके जवाब में भारत की पहली पारी 284 रन पर सिमट गई.

    लगा कि इंग्लैंड में पहली टेस्ट जीत का इंतजार और लंबा हो जाएगा. लेकिन दूसरी पारी में पिच और खेल पूरी तरह बदल गया. ओवल में पतले, लंबे और फुल स्लीव की जर्सी पहनने वाले फिरकी गेंदबाज भागवत चंद्रशेखर के रूप में सुनामी आई और यह सुनामी जब रूकी, तब तक इंग्लैंड की बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर चुकी थी. स्कोरबोर्ड पर सिर्फ 101 रन ही टंगे थे. चंद्रशेखर ने 38 रन देकर 6 विकेट झटके.

    भारत ने 39 साल बाद इंग्लैंड में पहला टेस्ट जीता
    भारत को जीत के लिए 173 रन का लक्ष्य मिला. टारगेट मामूली था. लेकिन धीमी और टर्न लेती ओवल की पिच पर इस लक्ष्य को हासिल करना आसान नहीं था.हालांकि, अच्छी बात यह थी कि भारत के पास पूरे डेढ़ दिन का वक्त था. लेकिन इंग्लिश कप्तान इलिंगवर्थ ने एक-एक रन के लिए कड़ा संघर्ष किया.

    134 रन पर भारत के भी 5 विकेट गिर चुके थे. लेकिन फारुख इंजीनियर और आबिद अली ने हिम्मत नहीं हारी और जीत के बाद ही पवेलियन लौटे. भारत को आखिरी 97 रन बनाने के लिए साढ़े तीन घंटे बल्लेबाजी करनी पड़ी. लेकिन भारत का 39 साल लंबा सूखा खत्म हुआ और इंग्लैंड के लगातार 26 टेस्ट न गंवाने का सिलसिला भी टूट गया.

    खिलाड़ियों का देश लौटने पर राजाओं जैसा स्वागत हुआ था
    इस सीरीज जीत के बाद जब भारतीय टीम वतन लौटी तो संताक्रूज एयरपोर्ट पर खिलाड़ियों का राजाओं जैसा स्वागत हुआ. टीम को होटल पहुंचने में घंटों लग गए. क्योंकि एयरपोर्ट पर स्वागत के लिए हजारों फैंस पहुंच गए थे. भारतीय खिलाड़ियों के सम्मान का सिलसिला यहीं नहीं थमा. इसके कई हफ्तों बाद तक थिएटर में किसी फिल्म के शुरू होने से पहले खिलाड़ियों की शानदार अगवानी की वीडियो फिल्म दिखाई जाती थी. सिनेमा हॉल में पहुंचे दर्शक अपने सितारा खिलाड़ियों के सम्मान में ताली बजाते थे. भारतीय खेलों के इतिहास में इस जीत को आज भी याद किया जाता है.

    Tags: Cricket news, IND vs ENG, Ind vs eng test, India vs England 3rd Test, On This Day, Sunil gavaskar

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