लॉर्ड्स में भारत को 54 साल बाद मिली थी पहली जीत, जानिये कौन था जीत का हीरो?

India's 1st Win at Lords: 10 जून, 1986 को भारत ने लॉर्ड्स में पहला टेस्ट जीता था (फोटो-AFP)

India's 1st Win at Lords: 10 जून, 1986 को भारत ने लॉर्ड्स में पहला टेस्ट जीता था (फोटो-AFP)

On This Day: 10 जून 1986 को भारत ने पहली बार क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स के मैदान पर ऐतिहासिक जीत हासिल की थी. 10 मैचों में नाकाम रहने के बाद भारत ने 11वीं कोशिश में लॉर्ड्स में पहली जीत दर्ज की.

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नई दिल्ली. 10 जून...ये तारीख भारतीय क्रिकेट इतिहास के लिए बेहद ही खास है. क्योंकि आज ही के दिन टीम इंडिया ने पहली बार लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर जीत का तिरंगा लहराया था. कपिल देव की कप्तानी में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स में 5 विकेट से मात दी थी. इस मैदान पर ये भारत की पहली टेस्ट जीत थी और इसीलिए ये तारीख टीम इंडिया के लिए बेहद ही खास है. बता दें लॉर्ड्स के मैदान पर भारत पहले 10 मैचों में जीत हासिल करने में नाकाम रहा था लेकिन 11वीं कोशिश रंग लाई और अंग्रेज घुटने टेकने पर मजबूर हुए.

टीम इंडिया की जीत के हीरो कप्तान कपिल देव रहे, जिन्होंने दूसरी पारी में 4 विकेट और नाबाद 23 रन बनाए थे. वैसे इस जीत के असर हीरो दिलीप वेंगसरकर थे जिन्होंने पहली पारी में 126 रन बनाए थे. इसके साथ ही वो लॉर्ड्स के मैदान पर लगातार तीन शतक ठोकने वाले पहले क्रिकेटर भी बने थे. पहली पारी में तेज गेंदबाज चेतन शर्मा ने भी इंग्लैंड के 5 विकेट चटकाते हुए जीत में अहम भूमिका अदा की थी.

इंग्लैंड ने पहली पारी में 294 रन बनाए

मेजबान इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में सिर्फ 294 रन बनाए. ओपनर ग्राहम गूट ने शानदार 114 रनो की पारी खेली, डैरेक प्रिंगल ने भी 63 रन बनाए लेकिन इन दोनों के अलावा इंग्लैंड का कोई बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों के आगे नहीं टिका. इंग्लैंड ने एक समय पहले 4 विकेट महज 98 रन पर गंवा दिये थे लेकिन इसके बाद गूच और प्रिंगल के बीच शतकीय साझेदारी हुई. हालांकि गूच का विकेट गिरते ही भारतीय टीम ने मेजबानों को धर-दबोचा. चेतन शर्मा ने महज 64 रन देकर 5 और रॉजर बिन्नी ने 3 विकेट चटकाए.
'कर्नल' का दमदार खेल

पहली पारी में भारत को एक ठोस बढ़त की जरूरत थी और ये काम दिलीप वेंगसरकर की वजह से हुआ. सुनील गावस्कर ने 34 और के श्रीकांत ने 20 रन बनाए लेकिन इसके बाद मोहिंदर अमरनाथ और कर्नल के नाम से मशहूर दिलीप वेंगसरकर की जोड़ी ने इंग्लैंड के गेंदबाजों को परेशान कर दिया. अमरनाथ ने 69 रनों की पारी खेली. अजहरुद्दीन ने भी 33 रनों का योगदान दिया. दिलीप वेंगसरकर ने 16 चौकों की मदद से नाबाद 126 रन बनाकर टीम इंडिया को 341 रनों तक पहुंचाया.

दूसरी पारी में गेंदबाजों का कमाल



टीम इंडिया के गेंदबाजों ने असली कमाल दूसरी पारी में दिखाया. इंग्लैंड का मजबूत बैटिंग लाइनअप दूसरी पारी में सिर्फ 180 रन ही बना सका. इंग्लैंड के टॉप ऑर्डर को कपिल देव ने ढेर किया. उन्होंने ग्राहम गूच, टिम रॉबिनसन और कप्तान डेविड गावर के विकेट लिये. चेतन शर्मा ने माइक गेटिंग का विकेट लिया जिन्होंने 40 रन बनाए. एलेन लैंब ने 39 रन बनाए और वो रवि शास्त्री का शिकार हुए. बाएं हाथ के स्पिनर मनिंदर सिंह ने दूसरी पारी में कमाल की गेंदबाजी की. मनिंदर ने 20.4 ओवर में 12 मेडन फेंके और 9 रन देकर इंग्लैंड के 3 विकेट चटकाए.

भारत को जीत के लिए मिला 134 रनों का लक्ष्य

टीम इंडिया को जीत के लिए 134 रनों का लक्ष्य मिला, जवाब में भारत की शुरुआत खराब रही. श्रीकांत बिना खाता खोले आउट हुए और अमरनाथ 8 रन बनाकर पैवेलियन लौटे. दिलीप वेंगसरकर ने एक बार फिर 33 रनों का योगदान दिया और गावस्कर 22 रन बनाकर आउट हुए. एक समय भारत ने 110 रन पर 5 विकेट गंवा दिये थए लेकिन इसके बाद कपिल देव ने क्रीज पर उतरते ही ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए महज 10 गेंदों पर नाबाद 23 रन ठोक दिये. कपिल ने स्पिनर फिल एडमंड्स की गेंद पर छक्का लगाकर टीम इंडिया को ऐतिहासिक जीत दिलाई. भारत को 54 सालों के इंतजार के बाद लॉर्ड्स में जीत मिली. बता दें ये सीरीज टीम इंडिया के लिए बेहद खास रही क्योंकि टीम ने लीड्स टेस्ट भी जीतकर सीरीज अपने नाम की थी.

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